बिलासपुर, 21 जुलाई 2026/कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 की तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों, बैंकों एवं मैदानी अमले को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बैंकों को 100 प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सैचुरेशन सुनिश्चित करने तथा किसी भी पात्र केसीसी धारक किसान को अनावश्यक रूप से ऑप्ट-आउट नहीं करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 के लिए जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, मूंग, अरहर, मूंगफली, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। जिले के लिए एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी को अधिकृत बीमा कंपनी नियुक्त किया गया है। योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक एवं बटाईदार किसान ले सकते हैं। किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष राशि केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। अऋणी किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, पी-2 तथा फसल बुवाई प्रमाण-पत्र के साथ निकटतम सीएससी सेंटर, संबंधित बैंक अथवा लोक सेवा केंद्र में जाकर फसल बीमा करा सकते हैं। फसल क्षति होने पर 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल अथवा टोल-फ्री हेल्पलाइन 14447 पर सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि दावा प्रक्रिया समय पर प्रारंभ की जा सके।
बैठक में बताया गया कि 21 जुलाई 2026 तक जिले के 5,711 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा कराया है। वहीं खरीफ 2025 में जिले के 45,382 किसानों को योजना का लाभ मिला था, जिन्हें कुल 1 करोड़ 13 लाख 47 हजार रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई। इस वर्ष अल-नीनो के संभावित प्रभाव से मानसून में विलंब एवं वर्षा की अनियमितता की आशंका है। ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का प्रभावी माध्यम है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने किसानों से 31 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने तथा किसी भी तकनीकी असुविधा से बचने के लिए समय रहते अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अपील की। साथ ही अधिकारियों को प्रत्येक पात्र किसान तक योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बिलासपुर, 21 जुलाई 2026/कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 की तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों, बैंकों एवं मैदानी अमले को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बैंकों को 100 प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सैचुरेशन सुनिश्चित करने तथा किसी भी पात्र केसीसी धारक किसान को अनावश्यक रूप से ऑप्ट-आउट नहीं करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 के लिए जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, मूंग, अरहर, मूंगफली, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। जिले के लिए एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी को अधिकृत बीमा कंपनी नियुक्त किया गया है। योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक एवं बटाईदार किसान ले सकते हैं। किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष राशि केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। अऋणी किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, पी-2 तथा फसल बुवाई प्रमाण-पत्र के साथ निकटतम सीएससी सेंटर, संबंधित बैंक अथवा लोक सेवा केंद्र में जाकर फसल बीमा करा सकते हैं। फसल क्षति होने पर 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल अथवा टोल-फ्री हेल्पलाइन 14447 पर सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि दावा प्रक्रिया समय पर प्रारंभ की जा सके।
बैठक में बताया गया कि 21 जुलाई 2026 तक जिले के 5,711 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा कराया है। वहीं खरीफ 2025 में जिले के 45,382 किसानों को योजना का लाभ मिला था, जिन्हें कुल 1 करोड़ 13 लाख 47 हजार रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई। इस वर्ष अल-नीनो के संभावित प्रभाव से मानसून में विलंब एवं वर्षा की अनियमितता की आशंका है। ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का प्रभावी माध्यम है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने किसानों से 31 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने तथा किसी भी तकनीकी असुविधा से बचने के लिए समय रहते अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अपील की। साथ ही अधिकारियों को प्रत्येक पात्र किसान तक योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


Journalist खबरीलाल















