आरंग। माता कौशल्या की पुण्यधरा चंदखुरी से बाबा बागेश्वरनाथ की नगरी आरंग तक आयोजित तीन दिवसीय सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हजारों कांवड़ियों के साथ कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, कांवड़ यात्रा संयोजक एवं युवराज गुरु गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में हुआ। 71 किलोमीटर की यह ऐतिहासिक यात्रा गांव-गांव पहुंचकर सामाजिक एकता, समरसता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचा रही है।यात्रा के दौरान "बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान" का जयघोष लगातार गूंजता रहा। बारिश और कठिन राह भी कांवड़ियों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। न कदम थमे और न यात्रा रुकी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ यात्रा में शामिल होकर सामाजिक सद्भाव के इस संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा बस नहीं है यह सामाजिक एकता, समरसता और भाईचारे का जनअभियान है। इस यात्रा का उद्देश्य समाज में व्याप्त भेदभाव और दूरियों को समाप्त कर प्रत्येक व्यक्ति के मन में प्रेम, अपनत्व और समानता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि "बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान" का भाव ही मजबूत और समरस समाज की आधारशिला है।
यात्रा के दौरान गांव - गांव में सर्वसमाज के पदाधिकारी, सदस्य व ग्रामीणों ने कांवड़ियों का आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया। गांव-गांव में उमड़ रहा जनसमर्थन इस यात्रा के सामाजिक संदेश को व्यापक जनस्वीकृति मिलने का प्रमाण बन रहा है। यात्रा के प्रथम दिवस में चन्दखुरी से प्रारंभ होकर चंदखुरी फार्म,नगपुरा,मौली माता चौक,सकरी,अमेरी,टेकारी, डीघारी मोड़ से होते हुए ग्राम नारा पहुंच रात्रि विश्राम हुई इस दौरान ग्राम नारा में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर दुर्गा साहू कृत पंडवानी की प्रस्तुति ने वातावरण को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंग से भर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।
आरंग। माता कौशल्या की पुण्यधरा चंदखुरी से बाबा बागेश्वरनाथ की नगरी आरंग तक आयोजित तीन दिवसीय सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हजारों कांवड़ियों के साथ कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, कांवड़ यात्रा संयोजक एवं युवराज गुरु गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में हुआ। 71 किलोमीटर की यह ऐतिहासिक यात्रा गांव-गांव पहुंचकर सामाजिक एकता, समरसता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचा रही है।यात्रा के दौरान "बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान" का जयघोष लगातार गूंजता रहा। बारिश और कठिन राह भी कांवड़ियों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। न कदम थमे और न यात्रा रुकी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ यात्रा में शामिल होकर सामाजिक सद्भाव के इस संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा बस नहीं है यह सामाजिक एकता, समरसता और भाईचारे का जनअभियान है। इस यात्रा का उद्देश्य समाज में व्याप्त भेदभाव और दूरियों को समाप्त कर प्रत्येक व्यक्ति के मन में प्रेम, अपनत्व और समानता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि "बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान" का भाव ही मजबूत और समरस समाज की आधारशिला है।
यात्रा के दौरान गांव - गांव में सर्वसमाज के पदाधिकारी, सदस्य व ग्रामीणों ने कांवड़ियों का आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया। गांव-गांव में उमड़ रहा जनसमर्थन इस यात्रा के सामाजिक संदेश को व्यापक जनस्वीकृति मिलने का प्रमाण बन रहा है। यात्रा के प्रथम दिवस में चन्दखुरी से प्रारंभ होकर चंदखुरी फार्म,नगपुरा,मौली माता चौक,सकरी,अमेरी,टेकारी, डीघारी मोड़ से होते हुए ग्राम नारा पहुंच रात्रि विश्राम हुई इस दौरान ग्राम नारा में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर दुर्गा साहू कृत पंडवानी की प्रस्तुति ने वातावरण को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंग से भर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।


Journalist खबरीलाल















