
असम। धूल का बवंडर तो आपने कई बार देखा और सुना होगा, लेकिन पानी का बवंडर यानी जलस्तंभ बेहद दुर्लभ नजारा है। असम के बारपेटा जिले के बागबार इलाके के पहाड़पुर में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर ऐसा ही अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नदी की सतह से पानी का एक लंबा घूमता हुआ स्तंभ आसमान की ओर उठता दिखाई दिया। इस दुर्लभ नजारे को देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए।
घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से पहली बार पानी का ऐसा बवंडर देखा है। हालांकि कुछ लोगों ने इसे प्राकृतिक आपदा या भूकंप से जोड़कर भी देखा, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार जलस्तंभ का भूकंप आने से कोई प्रमाणित वैज्ञानिक संबंध नहीं है।
जलस्तंभ एक प्राकृतिक मौसम संबंधी घटना है, जो सामान्यतः समुद्र, झील या बड़े जलाशयों के ऊपर बनती है। अनुकूल मौसम परिस्थितियों में हवा का दबाव, तेज हवाओं का घूमता हुआ प्रवाह और नमी मिलकर पानी को ऊपर की ओर खींच सकते हैं। दूर से देखने पर यह पानी के एक घूमते हुए खंभे जैसा नजर आता है।
बताया जाता है कि ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास इससे मिलती-जुलती घटना मई 2022 में भी देखी गई थी। एक बार फिर जलस्तंभ दिखाई देने से इलाके में यह दुर्लभ प्राकृतिक घटना चर्चा का विषय बन गई है।

असम। धूल का बवंडर तो आपने कई बार देखा और सुना होगा, लेकिन पानी का बवंडर यानी जलस्तंभ बेहद दुर्लभ नजारा है। असम के बारपेटा जिले के बागबार इलाके के पहाड़पुर में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर ऐसा ही अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नदी की सतह से पानी का एक लंबा घूमता हुआ स्तंभ आसमान की ओर उठता दिखाई दिया। इस दुर्लभ नजारे को देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए।
घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से पहली बार पानी का ऐसा बवंडर देखा है। हालांकि कुछ लोगों ने इसे प्राकृतिक आपदा या भूकंप से जोड़कर भी देखा, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार जलस्तंभ का भूकंप आने से कोई प्रमाणित वैज्ञानिक संबंध नहीं है।
जलस्तंभ एक प्राकृतिक मौसम संबंधी घटना है, जो सामान्यतः समुद्र, झील या बड़े जलाशयों के ऊपर बनती है। अनुकूल मौसम परिस्थितियों में हवा का दबाव, तेज हवाओं का घूमता हुआ प्रवाह और नमी मिलकर पानी को ऊपर की ओर खींच सकते हैं। दूर से देखने पर यह पानी के एक घूमते हुए खंभे जैसा नजर आता है।
बताया जाता है कि ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास इससे मिलती-जुलती घटना मई 2022 में भी देखी गई थी। एक बार फिर जलस्तंभ दिखाई देने से इलाके में यह दुर्लभ प्राकृतिक घटना चर्चा का विषय बन गई है।


Journalist खबरीलाल















