रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत संचालित फुंडहर स्थित गौधाम में गौवंश की असमय मृत्यु के अत्यंत संवेदनशील मामले को महापौर मीनल चौबे ने गंभीरता से लिया है। हाल ही में फुंडहर गौधाम के औचक निरीक्षण के बाद महापौर ने निगम आयुक्त को पत्र जारी कर कड़े निर्देश दिए हैं और अव्यवस्थाओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट किया कि राजधानी की सड़कों पर घूमने वाले गौवंश को व्यवस्थित करने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम द्वारा चार गौधामों का संचालन किया जा रहा है। परंतु निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ कि फुंडहर गौधाम में उसकी निर्धारित क्षमता से अत्यधिक संख्या में गौवंश को रखा गया है।
महापौर ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न उठाते हुए कहा कि क्षमता से अधिक गौवंश रखने के कारण प्रबंधन और व्यवस्था में अव्यवस्था होना स्वाभाविक है। क्या नगर निगम के अधिकारियों एवं नगर के योजना बनाने वाले अधिकारियों ने कभी फुंडहर गौधाम का निरीक्षण किया था? क्षमता से अधिक दबाव होने के कारण ही चारा, पानी, स्वच्छता एवं चिकित्सीय देखभाल में बाधा आ रही है, जिसके गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि राजधानी के गौवंश का संरक्षण और सुरक्षा नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महापौर ने कहा है कि आयुक्त व्यक्तिगत रूप से फुंडहर गौधाम का तत्काल निरीक्षण करें और वहां मौजूद गौवंश की वास्तविक संख्या, उनके स्वास्थ्य की स्थिति, चारे-पानी तथा स्वच्छता की व्यवस्था का प्रत्यक्ष जायजा लें।निरीक्षण के उपरांत गौधामों की अव्यवस्थाओं को दूर करने, पर्याप्त चारे-पानी और पशु चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए जाएं।और जब तक फुंडहर गौधाम की क्षमता का विस्तार नहीं हो जाता, तब तक निर्धारित क्षमता से अधिक गौवंश को वहां भेजने पर पूर्णतः रोक लगाई जाए।
सड़कों से हटाए जाने वाले गौवंश के समुचित एवं सुव्यवस्थित रख-रखाव के लिए नगर निगम की क्या कार्ययोजना तैयार की गई है, उसे प्रस्तुत करे. उक्त सभी निर्देशों का त्वरित रूप से पालन सुनिश्चित करते हुए किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट महापौर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए.
रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत संचालित फुंडहर स्थित गौधाम में गौवंश की असमय मृत्यु के अत्यंत संवेदनशील मामले को महापौर मीनल चौबे ने गंभीरता से लिया है। हाल ही में फुंडहर गौधाम के औचक निरीक्षण के बाद महापौर ने निगम आयुक्त को पत्र जारी कर कड़े निर्देश दिए हैं और अव्यवस्थाओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट किया कि राजधानी की सड़कों पर घूमने वाले गौवंश को व्यवस्थित करने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम द्वारा चार गौधामों का संचालन किया जा रहा है। परंतु निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ कि फुंडहर गौधाम में उसकी निर्धारित क्षमता से अत्यधिक संख्या में गौवंश को रखा गया है।
महापौर ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न उठाते हुए कहा कि क्षमता से अधिक गौवंश रखने के कारण प्रबंधन और व्यवस्था में अव्यवस्था होना स्वाभाविक है। क्या नगर निगम के अधिकारियों एवं नगर के योजना बनाने वाले अधिकारियों ने कभी फुंडहर गौधाम का निरीक्षण किया था? क्षमता से अधिक दबाव होने के कारण ही चारा, पानी, स्वच्छता एवं चिकित्सीय देखभाल में बाधा आ रही है, जिसके गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि राजधानी के गौवंश का संरक्षण और सुरक्षा नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महापौर ने कहा है कि आयुक्त व्यक्तिगत रूप से फुंडहर गौधाम का तत्काल निरीक्षण करें और वहां मौजूद गौवंश की वास्तविक संख्या, उनके स्वास्थ्य की स्थिति, चारे-पानी तथा स्वच्छता की व्यवस्था का प्रत्यक्ष जायजा लें।निरीक्षण के उपरांत गौधामों की अव्यवस्थाओं को दूर करने, पर्याप्त चारे-पानी और पशु चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए जाएं।और जब तक फुंडहर गौधाम की क्षमता का विस्तार नहीं हो जाता, तब तक निर्धारित क्षमता से अधिक गौवंश को वहां भेजने पर पूर्णतः रोक लगाई जाए।
सड़कों से हटाए जाने वाले गौवंश के समुचित एवं सुव्यवस्थित रख-रखाव के लिए नगर निगम की क्या कार्ययोजना तैयार की गई है, उसे प्रस्तुत करे. उक्त सभी निर्देशों का त्वरित रूप से पालन सुनिश्चित करते हुए किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट महापौर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए.


Journalist खबरीलाल















