लखनपुर में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद, बच्चों की जिज्ञासा और सीखने की ललक को बताया देश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत।
रायपुर, 27 अगस्त 2026। युवा पीढ़ी राष्ट्र की आधारशिला है। बच्चों की जिज्ञासा, ऊर्जा, उत्साह और कुछ नया सीखने की ललक ही देश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। यह बात पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर स्थित अपने निवास पर विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संवाद के दौरान कही।
मंत्री अग्रवाल ने बच्चों का आत्मीयता से स्वागत करते हुए उनसे उनकी पढ़ाई, रुचियों, सपनों और भविष्य की योजनाओं के बारे में बातचीत की। सहज और खुशनुमा माहौल में हुई इस बातचीत में बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ अपनी बातें साझा कीं। किसी बच्चे ने अपनी पसंदीदा विषय के बारे में बताया, तो किसी ने भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, अधिकारी अथवा अन्य क्षेत्र में जाने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की बातों और उनकी जिज्ञासाओं को सुनकर मंत्री श्री अग्रवाल ने उन्हें प्रोत्साहित किया और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करने की सीख दी।संवाद के दौरान मंत्री अग्रवाल ने बच्चों से कहा कि जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करना और उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करना सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, खेल, कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का समय ज्ञान और तकनीक का समय है। बच्चों को बदलती दुनिया के अनुरूप नई चीजें सीखने के अवसर मिल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासा को बनाए रखते हुए हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
लखनपुर में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद, बच्चों की जिज्ञासा और सीखने की ललक को बताया देश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत।
रायपुर, 27 अगस्त 2026। युवा पीढ़ी राष्ट्र की आधारशिला है। बच्चों की जिज्ञासा, ऊर्जा, उत्साह और कुछ नया सीखने की ललक ही देश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। यह बात पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर स्थित अपने निवास पर विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संवाद के दौरान कही।
मंत्री अग्रवाल ने बच्चों का आत्मीयता से स्वागत करते हुए उनसे उनकी पढ़ाई, रुचियों, सपनों और भविष्य की योजनाओं के बारे में बातचीत की। सहज और खुशनुमा माहौल में हुई इस बातचीत में बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ अपनी बातें साझा कीं। किसी बच्चे ने अपनी पसंदीदा विषय के बारे में बताया, तो किसी ने भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, अधिकारी अथवा अन्य क्षेत्र में जाने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की बातों और उनकी जिज्ञासाओं को सुनकर मंत्री श्री अग्रवाल ने उन्हें प्रोत्साहित किया और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करने की सीख दी।संवाद के दौरान मंत्री अग्रवाल ने बच्चों से कहा कि जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करना और उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करना सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, खेल, कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का समय ज्ञान और तकनीक का समय है। बच्चों को बदलती दुनिया के अनुरूप नई चीजें सीखने के अवसर मिल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासा को बनाए रखते हुए हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।


Journalist खबरीलाल















