Breaking News

National (खबरीलाल न्यूज़) :: ST/SC विभाग से जुड़े दो ऑडिटरों को 14 लाख रुपये से अधिक कैश के साथ पकड़े गए:

post


khabrilal

ओडिशा विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ST/SC विभाग से जुड़े दो ऑडिटरों को 14 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध कैश के साथ पकड़ा है। विजिलेंस के अनुसार, दोनों ऑडिटर इस कैश के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उनके होटल के कमरों में तलाशी ली गई, जहां से भी नकदी बरामद हुई। जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई गुरुवार  देर रात विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई। आरोपी अधिकारियों की पहचान प्रशांत कुमार प्रधान और प्रज्ञाप्रकाश पात्रा के रूप में हुई है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, दोनों ऑडिटर बारीपदा स्थित जिला कल्याण कार्यालय में ऑडिट का काम पूरा करने के बाद अपने ठहरने की जगह रॉक्सी लेन स्थित मोहापात्रा होटल जा रहे थे। वे जिला कल्याण कार्यालय की ऑफिस स्कॉर्पियो से होटल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ओडिशा विजिलेंस की टीम ने उन्हें रास्ते में रोका और पूछताछ के साथ तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से 5 लाख 51 हजार 510 रुपये नकद बरामद हुए। विजिलेंस के मुताबिक, इस रकम को संदिग्ध रूप से अवैध कमाई से जुड़ा कैश माना जा रहा है। यह रकम 52 लिफाफों और 20 खुले बंडलों में रखी हुई थी। विजिलेंस के अनुसार, दोनों ऑडिटर बरामद रकम के बारे में संतोषजनक हिसाब या स्पष्टीकरण नहीं दे सके।

रास्ते में नकदी बरामद होने के बाद विजिलेंस ने दोनों ऑडिटरों के होटल के कमरों की भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान होटल के कमरों से 8 लाख 86 हजार 830 रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई और उसे जब्त कर लिया गया। इस तरह दोनों जगहों से बरामद कुल नकदी की रकम 14 लाख 38 हजार 340 रुपये बताई गई है। विजिलेंस के मुताबिक, इतनी बड़ी रकम के बारे में दोनों ऑडिटर संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके। इसके बाद पूरी 14,38,340 रुपये की नकदी जब्त कर ली गई।

विजिलेंस अधिकारियों द्वारा इस मामले में दोनों ऑडिटरों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि उनके पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई और इसका स्रोत क्या है। इंटरसेप्शन के बाद दोनों से जुड़े ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के एंगल से भी तलाशी शुरू की गई है।



khabrilal

ओडिशा विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ST/SC विभाग से जुड़े दो ऑडिटरों को 14 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध कैश के साथ पकड़ा है। विजिलेंस के अनुसार, दोनों ऑडिटर इस कैश के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उनके होटल के कमरों में तलाशी ली गई, जहां से भी नकदी बरामद हुई। जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई गुरुवार  देर रात विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई। आरोपी अधिकारियों की पहचान प्रशांत कुमार प्रधान और प्रज्ञाप्रकाश पात्रा के रूप में हुई है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, दोनों ऑडिटर बारीपदा स्थित जिला कल्याण कार्यालय में ऑडिट का काम पूरा करने के बाद अपने ठहरने की जगह रॉक्सी लेन स्थित मोहापात्रा होटल जा रहे थे। वे जिला कल्याण कार्यालय की ऑफिस स्कॉर्पियो से होटल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ओडिशा विजिलेंस की टीम ने उन्हें रास्ते में रोका और पूछताछ के साथ तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से 5 लाख 51 हजार 510 रुपये नकद बरामद हुए। विजिलेंस के मुताबिक, इस रकम को संदिग्ध रूप से अवैध कमाई से जुड़ा कैश माना जा रहा है। यह रकम 52 लिफाफों और 20 खुले बंडलों में रखी हुई थी। विजिलेंस के अनुसार, दोनों ऑडिटर बरामद रकम के बारे में संतोषजनक हिसाब या स्पष्टीकरण नहीं दे सके।

रास्ते में नकदी बरामद होने के बाद विजिलेंस ने दोनों ऑडिटरों के होटल के कमरों की भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान होटल के कमरों से 8 लाख 86 हजार 830 रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई और उसे जब्त कर लिया गया। इस तरह दोनों जगहों से बरामद कुल नकदी की रकम 14 लाख 38 हजार 340 रुपये बताई गई है। विजिलेंस के मुताबिक, इतनी बड़ी रकम के बारे में दोनों ऑडिटर संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके। इसके बाद पूरी 14,38,340 रुपये की नकदी जब्त कर ली गई।

विजिलेंस अधिकारियों द्वारा इस मामले में दोनों ऑडिटरों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि उनके पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई और इसका स्रोत क्या है। इंटरसेप्शन के बाद दोनों से जुड़े ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के एंगल से भी तलाशी शुरू की गई है।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner