यरुशलम। गाजा में महिलाओं के साथ बर्बता की सारी हदें पार होती दिख रही हैं। महिलाओं का खाने के बदले सौदा किया जा रहा है। यहां तक कि बलात्कारियों के साथ उनकी शादी कराई जा रही है। गाजा में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट सामने आई है। इस फलस्तीन इलाके में लिंग-आधारित हिंसा (GBV) की कुल घटनाओं में से 68% की शिकार 18-59 साल की महिलाएं थीं।
गाजा में महिलाओं पर अत्याचार - संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने पाया कि 2026 की पहली तिमाही में गाजा में कम उम्र में और जबरदस्ती शादी की घटनाओं में 123% की वृद्धि हुई है।
शोधकर्ताओं ने उन महिलाओं से बात की जिन्होंने बताया कि इजरायल-हमास युद्ध के कारण पैदा हुए मानवीय संकट के बीच, कम उम्र की लड़कियों की शादी बलात्कारियों से कर दी गई, उन्हें खाने के बदले बेच दिया गया या उनके अभिभावकों ने उन्हें छोड़ दिया क्योंकि वे उनकी देखभाल नहीं करना चाहते थे।
संयुक्त राष्ट्र की ये रिपोर्टें युद्ध से प्रभावित इस इलाके में राष्ट्रपति ट्रंप के 'पीस बोर्ड' (शांति बोर्ड) की अहमियत को रेखांकित करती हैं।
बलात्कारियों से महिलाओं का सौदा - शोधकर्ताओं ने लिखा, 'GBV का दूसरा सबसे आम रूप मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक हिंसा था, जिसके बाद शारीरिक हिंसा, यौन हिंसा और जबरदस्ती या कम उम्र में शादी की घटनाएं सामने आईं।'
यरुशलम। गाजा में महिलाओं के साथ बर्बता की सारी हदें पार होती दिख रही हैं। महिलाओं का खाने के बदले सौदा किया जा रहा है। यहां तक कि बलात्कारियों के साथ उनकी शादी कराई जा रही है। गाजा में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट सामने आई है। इस फलस्तीन इलाके में लिंग-आधारित हिंसा (GBV) की कुल घटनाओं में से 68% की शिकार 18-59 साल की महिलाएं थीं।
गाजा में महिलाओं पर अत्याचार - संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने पाया कि 2026 की पहली तिमाही में गाजा में कम उम्र में और जबरदस्ती शादी की घटनाओं में 123% की वृद्धि हुई है।
शोधकर्ताओं ने उन महिलाओं से बात की जिन्होंने बताया कि इजरायल-हमास युद्ध के कारण पैदा हुए मानवीय संकट के बीच, कम उम्र की लड़कियों की शादी बलात्कारियों से कर दी गई, उन्हें खाने के बदले बेच दिया गया या उनके अभिभावकों ने उन्हें छोड़ दिया क्योंकि वे उनकी देखभाल नहीं करना चाहते थे।
संयुक्त राष्ट्र की ये रिपोर्टें युद्ध से प्रभावित इस इलाके में राष्ट्रपति ट्रंप के 'पीस बोर्ड' (शांति बोर्ड) की अहमियत को रेखांकित करती हैं।
बलात्कारियों से महिलाओं का सौदा - शोधकर्ताओं ने लिखा, 'GBV का दूसरा सबसे आम रूप मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक हिंसा था, जिसके बाद शारीरिक हिंसा, यौन हिंसा और जबरदस्ती या कम उम्र में शादी की घटनाएं सामने आईं।'


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