रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। जन्म के महज कुछ पल बाद ही अस्वस्थ हुए अपने बच्चे के लिए चिंतित परिजनों ने आधी रात को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को फोन कर मदद की गुहार लगाई। गर्भावस्था के सातवें महीने में जन्मे इस नवजात को बेहतर उपचार की आवश्यकता थी। स्वास्थ्य मंत्री ने आधी रात को फोन उठाया, परिजनों की परेशानी सुनी और तत्काल नवजात शिशु के लिए विशेष एम्बुलेंस की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उनकी पहल पर बिलासपुर से एम्बुलेंस रायगढ़ भेजी गई और बच्चे को रायपुर लाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल नवजात की हालत स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है।
समय से पहले जन्मे बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर परिवार चिंता में था। ऐसे कठिन समय में स्वास्थ्य मंत्री की सहज उपलब्धता और संवेदनशील पहल ने परिजनों को सहारा दिया। उन्होंने बच्चे की स्थिति और बेहतर उपचार की आवश्यकता को समझते हुए उसे रायपुर पहुँचाने की व्यवस्था को तत्काल प्राथमिकता दी। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर बिलासपुर से विशेष नियोनेटल एम्बुलेंस रायगढ़ पहुँची। वहाँ से नवजात को लेकर एम्बुलेंस रायपुर आई, जहाँ उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार और निगरानी शुरू की गई। संकट की इस घड़ी में त्वरित व्यवस्था ने बच्चे को आवश्यक चिकित्सा सुविधा तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह घटनाक्रम स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल की संवेदनशीलता और सरलता के साथ जनहित की सेवा के लिए राज्य शासन की तत्परता को भी सामने लाता है। आधी रात को एक चिंतित परिवार की बात सुनना और उसकी सहायता के लिए तत्काल व्यवस्था कराना, आमजन के प्रति जवाबदेही और सेवा भाव का उदाहरण है। एक दिन के नवजात को बेहतर उपचार तक पहुँचाने की यह पहल दर्शाती है कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए समय पर उठाया गया कदम कितना महत्वपूर्ण होता है।
रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। जन्म के महज कुछ पल बाद ही अस्वस्थ हुए अपने बच्चे के लिए चिंतित परिजनों ने आधी रात को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को फोन कर मदद की गुहार लगाई। गर्भावस्था के सातवें महीने में जन्मे इस नवजात को बेहतर उपचार की आवश्यकता थी। स्वास्थ्य मंत्री ने आधी रात को फोन उठाया, परिजनों की परेशानी सुनी और तत्काल नवजात शिशु के लिए विशेष एम्बुलेंस की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उनकी पहल पर बिलासपुर से एम्बुलेंस रायगढ़ भेजी गई और बच्चे को रायपुर लाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल नवजात की हालत स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है।
समय से पहले जन्मे बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर परिवार चिंता में था। ऐसे कठिन समय में स्वास्थ्य मंत्री की सहज उपलब्धता और संवेदनशील पहल ने परिजनों को सहारा दिया। उन्होंने बच्चे की स्थिति और बेहतर उपचार की आवश्यकता को समझते हुए उसे रायपुर पहुँचाने की व्यवस्था को तत्काल प्राथमिकता दी। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर बिलासपुर से विशेष नियोनेटल एम्बुलेंस रायगढ़ पहुँची। वहाँ से नवजात को लेकर एम्बुलेंस रायपुर आई, जहाँ उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार और निगरानी शुरू की गई। संकट की इस घड़ी में त्वरित व्यवस्था ने बच्चे को आवश्यक चिकित्सा सुविधा तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह घटनाक्रम स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल की संवेदनशीलता और सरलता के साथ जनहित की सेवा के लिए राज्य शासन की तत्परता को भी सामने लाता है। आधी रात को एक चिंतित परिवार की बात सुनना और उसकी सहायता के लिए तत्काल व्यवस्था कराना, आमजन के प्रति जवाबदेही और सेवा भाव का उदाहरण है। एक दिन के नवजात को बेहतर उपचार तक पहुँचाने की यह पहल दर्शाती है कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए समय पर उठाया गया कदम कितना महत्वपूर्ण होता है।


Journalist खबरीलाल











