
रायपुर। त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। रेलवे प्रशासन ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन के बीच संचालित पूजा स्पेशल ट्रेन के दूसरे फेरे के कार्यक्रम में संशोधन किया है। इसके तहत ट्रेन की निर्धारित तारीख के साथ-साथ उसके नंबर में भी बदलाव किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से नई समय-सारणी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली पूजा स्पेशल ट्रेन पहले 8 नवंबर को ट्रेन नंबर 08751 के रूप में संचालित होने वाली थी। अब यह ट्रेन 5 नवंबर को संशोधित नंबर 08753 के साथ रवाना होगी।
इसी तरह हजरत निजामुद्दीन से दुर्ग लौटने वाली ट्रेन का संचालन भी बदला गया है। पहले यह ट्रेन 9 नवंबर को नंबर 08752 से चलने वाली थी, लेकिन अब यह 6 नवंबर को ट्रेन नंबर 08754 के रूप में संचालित की जाएगी।
यात्रियों को पुराने शेड्यूल पर निर्भर न रहने की सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि टिकट बुकिंग और यात्रा से पहले ट्रेन की संशोधित तारीख एवं नंबर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। पुराने कार्यक्रम के आधार पर स्टेशन पहुंचने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
दिवाली और छठ पर अतिरिक्त कोच से मिलेगी राहत
इधर दिवाली और छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त कोच लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। त्योहारों के समय उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। कई प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 300 से 400 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
रेलवे बोर्ड ने लंबी दूरी की चुनिंदा ट्रेनों में दो से चार अतिरिक्त कोच लगाने की योजना बनाई है। इसके तहत चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, चंडीगढ़-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, अंबाला-बरौनी एक्सप्रेस, अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस, कालका-हावड़ा मेल और चंडीगढ़-गोरखपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाने की तैयारी है।
एक कोच से 80 यात्रियों को मिल सकती है राहत
रेलवे के अनुसार, एक अतिरिक्त स्लीपर कोच से करीब 80 यात्रियों को कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराई जा सकती है। यदि किसी ट्रेन में तीन अतिरिक्त कोच लगाए जाते हैं तो लगभग 240 यात्रियों को इसका लाभ मिल सकता है।
रेलवे का लक्ष्य एलएचबी कोच वाली ट्रेनों में अधिकतम 22 और आईसीएफ कोच वाली ट्रेनों में 24 कोच तक की व्यवस्था करना है। हालांकि, वास्तविक कोचों की संख्या संबंधित ट्रेन की क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर निर्धारित होगी।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे की इन व्यवस्थाओं से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

रायपुर। त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। रेलवे प्रशासन ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन के बीच संचालित पूजा स्पेशल ट्रेन के दूसरे फेरे के कार्यक्रम में संशोधन किया है। इसके तहत ट्रेन की निर्धारित तारीख के साथ-साथ उसके नंबर में भी बदलाव किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से नई समय-सारणी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली पूजा स्पेशल ट्रेन पहले 8 नवंबर को ट्रेन नंबर 08751 के रूप में संचालित होने वाली थी। अब यह ट्रेन 5 नवंबर को संशोधित नंबर 08753 के साथ रवाना होगी।
इसी तरह हजरत निजामुद्दीन से दुर्ग लौटने वाली ट्रेन का संचालन भी बदला गया है। पहले यह ट्रेन 9 नवंबर को नंबर 08752 से चलने वाली थी, लेकिन अब यह 6 नवंबर को ट्रेन नंबर 08754 के रूप में संचालित की जाएगी।
यात्रियों को पुराने शेड्यूल पर निर्भर न रहने की सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि टिकट बुकिंग और यात्रा से पहले ट्रेन की संशोधित तारीख एवं नंबर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। पुराने कार्यक्रम के आधार पर स्टेशन पहुंचने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
दिवाली और छठ पर अतिरिक्त कोच से मिलेगी राहत
इधर दिवाली और छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त कोच लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। त्योहारों के समय उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। कई प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 300 से 400 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
रेलवे बोर्ड ने लंबी दूरी की चुनिंदा ट्रेनों में दो से चार अतिरिक्त कोच लगाने की योजना बनाई है। इसके तहत चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, चंडीगढ़-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, अंबाला-बरौनी एक्सप्रेस, अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस, कालका-हावड़ा मेल और चंडीगढ़-गोरखपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाने की तैयारी है।
एक कोच से 80 यात्रियों को मिल सकती है राहत
रेलवे के अनुसार, एक अतिरिक्त स्लीपर कोच से करीब 80 यात्रियों को कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराई जा सकती है। यदि किसी ट्रेन में तीन अतिरिक्त कोच लगाए जाते हैं तो लगभग 240 यात्रियों को इसका लाभ मिल सकता है।
रेलवे का लक्ष्य एलएचबी कोच वाली ट्रेनों में अधिकतम 22 और आईसीएफ कोच वाली ट्रेनों में 24 कोच तक की व्यवस्था करना है। हालांकि, वास्तविक कोचों की संख्या संबंधित ट्रेन की क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर निर्धारित होगी।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे की इन व्यवस्थाओं से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।


Journalist खबरीलाल











