
नई दिल्ली। सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए बाजार से बड़ी खबर है। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार, 3 नवंबर को दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी एक ही दिन में 8,528 रुपये टूटकर 1,75,251 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव करीब 2,079 रुपये गिरकर 1,37,863 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
इस गिरावट के बाद सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं। चांदी अपने ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये से करीब 2,44,797 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। वहीं सोने का रिकॉर्ड भाव 1,92,991 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जिसके मुकाबले अब इसकी कीमत करीब 55,128 रुपये कम हो चुकी है।
आखिर क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
कीमती धातुओं में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक महंगाई की आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी सोने-चांदी पर दबाव बना रही है। यदि ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशकों का रुझान सरकारी बॉन्ड और बैंक डिपॉजिट जैसे विकल्पों की ओर बढ़ सकता है।
चांदी के लिए 1.70 लाख रुपये अहम स्तर
बाजार विशेषज्ञ पोनमुडी आर के तकनीकी आकलन के अनुसार, चांदी में फिलहाल कमजोरी दिखाई दे रही है। इसके लिए 1.70 लाख से 1.72 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं 1.86 लाख से 1.88 लाख रुपये के बीच पहला रेजिस्टेंस है।
चांदी का RSI करीब 23 बताया गया है, जो ओवरसोल्ड स्थिति का संकेत देता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कीमतों में तुरंत तेजी आ जाएगी।
सोना 1.35 लाख तक जा सकता है?
सोने के लिए 1.34 लाख से 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं 1.40 लाख से 1.41 लाख रुपये के बीच रेजिस्टेंस है। तकनीकी संकेतक फिलहाल सोने में बिकवाली का दबाव दिखा रहे हैं।
क्या अभी खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों के तकनीकी आकलन के मुताबिक, केवल कीमतों में बड़ी गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। चांदी के 1.70 से 1.72 लाख रुपये के सपोर्ट स्तर पर टिकने और सोने में गिरावट थमने के संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।
लंबी अवधि के निवेशक एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश की रणनीति पर विचार कर सकते हैं। वहीं कम अवधि में कारोबार करने वालों के लिए बाजार में स्थिरता और तेजी के स्पष्ट संकेतों का इंतजार करना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल सोने-चांदी का बाजार वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी ब्याज दरों और निवेशकों की मांग से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

नई दिल्ली। सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए बाजार से बड़ी खबर है। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार, 3 नवंबर को दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी एक ही दिन में 8,528 रुपये टूटकर 1,75,251 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव करीब 2,079 रुपये गिरकर 1,37,863 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
इस गिरावट के बाद सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं। चांदी अपने ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये से करीब 2,44,797 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। वहीं सोने का रिकॉर्ड भाव 1,92,991 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जिसके मुकाबले अब इसकी कीमत करीब 55,128 रुपये कम हो चुकी है।
आखिर क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
कीमती धातुओं में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक महंगाई की आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी सोने-चांदी पर दबाव बना रही है। यदि ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशकों का रुझान सरकारी बॉन्ड और बैंक डिपॉजिट जैसे विकल्पों की ओर बढ़ सकता है।
चांदी के लिए 1.70 लाख रुपये अहम स्तर
बाजार विशेषज्ञ पोनमुडी आर के तकनीकी आकलन के अनुसार, चांदी में फिलहाल कमजोरी दिखाई दे रही है। इसके लिए 1.70 लाख से 1.72 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं 1.86 लाख से 1.88 लाख रुपये के बीच पहला रेजिस्टेंस है।
चांदी का RSI करीब 23 बताया गया है, जो ओवरसोल्ड स्थिति का संकेत देता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कीमतों में तुरंत तेजी आ जाएगी।
सोना 1.35 लाख तक जा सकता है?
सोने के लिए 1.34 लाख से 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं 1.40 लाख से 1.41 लाख रुपये के बीच रेजिस्टेंस है। तकनीकी संकेतक फिलहाल सोने में बिकवाली का दबाव दिखा रहे हैं।
क्या अभी खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों के तकनीकी आकलन के मुताबिक, केवल कीमतों में बड़ी गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। चांदी के 1.70 से 1.72 लाख रुपये के सपोर्ट स्तर पर टिकने और सोने में गिरावट थमने के संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।
लंबी अवधि के निवेशक एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश की रणनीति पर विचार कर सकते हैं। वहीं कम अवधि में कारोबार करने वालों के लिए बाजार में स्थिरता और तेजी के स्पष्ट संकेतों का इंतजार करना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल सोने-चांदी का बाजार वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी ब्याज दरों और निवेशकों की मांग से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।


Journalist खबरीलाल











