अवैध शराब परिवहन के मामले में दुर्ग पुलिस की अपील पर महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय – निचली अदालत का दोषमुक्ति आदेश निरस्त, दो आरोपियों को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹25,000-₹25,000 अर्थदंड। प्रकरण में पूर्व में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, दुर्ग द्वारा दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया था। निचली अदालत के दोषमुक्ति आदेश को चुनौती देते हुए राज्य की ओर से आपराधिक अपील क्रमांक 05/2026 प्रस्तुत की गई। अपील न्यायालय द्वारा प्रकरण के साक्ष्यों, जप्ती कार्यवाही, शराब के नमूनों एवं रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट का विस्तृत परीक्षण किया गया।
माननीय सत्र न्यायालय, दुर्ग ने दिनांक 23.10.2026 को पूर्व दोषमुक्ति आदेश निरस्त कर दोनों आरोपियों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत दोषसिद्ध किया। दोनों आरोपियों को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹25,000-₹25,000 अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 06-06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अवैध शराब परिवहन के मामले में दुर्ग पुलिस की अपील पर महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय – निचली अदालत का दोषमुक्ति आदेश निरस्त, दो आरोपियों को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹25,000-₹25,000 अर्थदंड। प्रकरण में पूर्व में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, दुर्ग द्वारा दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया था। निचली अदालत के दोषमुक्ति आदेश को चुनौती देते हुए राज्य की ओर से आपराधिक अपील क्रमांक 05/2026 प्रस्तुत की गई। अपील न्यायालय द्वारा प्रकरण के साक्ष्यों, जप्ती कार्यवाही, शराब के नमूनों एवं रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट का विस्तृत परीक्षण किया गया।
माननीय सत्र न्यायालय, दुर्ग ने दिनांक 23.10.2026 को पूर्व दोषमुक्ति आदेश निरस्त कर दोनों आरोपियों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत दोषसिद्ध किया। दोनों आरोपियों को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹25,000-₹25,000 अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 06-06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।


Journalist खबरीलाल











