भिलाई। तलाक की अर्जी लगने पर चार लाख रुपये और तलाक मंजूर होने पर चार लाख
रुपये देने के साथ ही लाए हुए सारे जेवर व घरेलू सामान को गुरुद्वारा
प्रबंधन के माध्यम से लौटाने की बात आरोपियों द्वारा महिला से कही गई थी।
आरोपियों ने तलाक के पहले तो चार लाख रुपये का चेक दे दिया, लेकिन तलाक
होने के बाद बाकी के चार लाख रुपये व जेवर देने में आनाकानी शुरू कर दी थी।
11 महीने बाद आरोपियों ने चार लाख का चेक दिया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया।
इसके बाद लड़की के पिता ने कोरबा में शिकायत की। जांच के बाद पति व ससुर
के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच
शुरु फिर से शुरु कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इंदिरा
विहार कालोनी टीपी नगर कोरबा निवासी शिकायतकर्ता इंद्राज सिंह भाटिया की
बेटी हिना भाटिया की शादी 23 नवंबर 2014 को जैन मंदिर के पीछे विद्युत नगर
दुर्ग निवासी आरोपित नवदीप सिंह ढिल्लन से हुई थी। शादी के बाद से ही उसकी
बेटी से ससुराल में बुरा बर्ताव किया जाता था। नवदीप सिंह ढिल्लन के अलावा
उसके पिता तरसेम सिंह ढिल्लन भी उसकी बेटी को प्रताडि़त करते थे। सामाजिक
स्तर पर इस बात के निपटारे का प्रयास किया गया, लेकिन वहां पर आरोपियों ने
तलाक देने की बात कही। गुरुद्वारा कमेटी के समक्ष हुई बैठक में आरोपियों ने
शादी के समय दिए गए 4 लाख रुपये, जेवर और घरेलू सामान को लौटाने की बात
कही।
बैठक में हुए निर्णय के आधार पर शिकायतकर्ता की बेटी ने कोर्ट में
तलाक की अर्जी लगाई। अर्जी लगाने पर आरोपियों ने चार लाख रुपये के चेक दिया
था। 17 जनवरी 2019 को कोर्ट से तलाक मंजूर कर दिया गया। इसके बाद बचे हुए
चार लाख रुपये, जेवर व घरेलू सामान लौटाना था, लेकिन आरोपितों ने घुमाना
शुरू कर दिया। नौ महीने बाद आरोपिपों ने चेक दिया, लेकिन वह भी बाउंस हो
गया। इसके अलावा आरोपिपों ने घरेलू सामान व जेवर भी नहीं लौटाए। आरोपितों
का कहना था कि कुछ जेवर खो गए हैं इसलिए वे उसे नहीं लौटा सके। गुरुद्वारा
प्रबंधन से चर्चा करने पर भी आरोपियों ने रुपये व जेवर न देने की बात कही।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से शिकायत की। जिसके आधार पर पुलिस ने पति
नवदीप सिंह ढिल्लन और उसके पिता तरसेम सिंह ढिल्लन के खिलाफ मामला दर्ज कर
लिया गया।
शिकायतकर्ता इंद्राज सिंह भाटिया ने पुलिस को बताया कि शादी
के समय उसने दो तोले की सोने की चेन, दो सोने का कड़ा, हीरे की अंगूठी,
पेंडल सेट, सोने की चूड़ी, सोने की अंगूठियां और घरेलू सामान दिया था।
आरोपितों ने गुरुद्वारा के माध्यम से सभी सामान को वापस लौटाने की बात कही
थी। लेकिन कुछ जेवर और सामान नहीं दिए। जबकि शादी के समय दिए गए पूरे सामान
को वापस लौटाने की शर्त पर ही तलाक देने की बात हुई थी। इस मामले में टीआई
दुर्ग कोतवाल राजेश बागड़े ने बताया कि केस कोरबा का है और वहीं प्राथमिकी
दर्ज हुई है। यहां पर असल कायमी के लिए डायरी आई है। इस आधार पर यहां
कायमी कर जांच शुरू की गई है।
भिलाई। तलाक की अर्जी लगने पर चार लाख रुपये और तलाक मंजूर होने पर चार लाख
रुपये देने के साथ ही लाए हुए सारे जेवर व घरेलू सामान को गुरुद्वारा
प्रबंधन के माध्यम से लौटाने की बात आरोपियों द्वारा महिला से कही गई थी।
आरोपियों ने तलाक के पहले तो चार लाख रुपये का चेक दे दिया, लेकिन तलाक
होने के बाद बाकी के चार लाख रुपये व जेवर देने में आनाकानी शुरू कर दी थी।
11 महीने बाद आरोपियों ने चार लाख का चेक दिया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया।
इसके बाद लड़की के पिता ने कोरबा में शिकायत की। जांच के बाद पति व ससुर
के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच
शुरु फिर से शुरु कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इंदिरा
विहार कालोनी टीपी नगर कोरबा निवासी शिकायतकर्ता इंद्राज सिंह भाटिया की
बेटी हिना भाटिया की शादी 23 नवंबर 2014 को जैन मंदिर के पीछे विद्युत नगर
दुर्ग निवासी आरोपित नवदीप सिंह ढिल्लन से हुई थी। शादी के बाद से ही उसकी
बेटी से ससुराल में बुरा बर्ताव किया जाता था। नवदीप सिंह ढिल्लन के अलावा
उसके पिता तरसेम सिंह ढिल्लन भी उसकी बेटी को प्रताडि़त करते थे। सामाजिक
स्तर पर इस बात के निपटारे का प्रयास किया गया, लेकिन वहां पर आरोपियों ने
तलाक देने की बात कही। गुरुद्वारा कमेटी के समक्ष हुई बैठक में आरोपियों ने
शादी के समय दिए गए 4 लाख रुपये, जेवर और घरेलू सामान को लौटाने की बात
कही।
बैठक में हुए निर्णय के आधार पर शिकायतकर्ता की बेटी ने कोर्ट में
तलाक की अर्जी लगाई। अर्जी लगाने पर आरोपियों ने चार लाख रुपये के चेक दिया
था। 17 जनवरी 2019 को कोर्ट से तलाक मंजूर कर दिया गया। इसके बाद बचे हुए
चार लाख रुपये, जेवर व घरेलू सामान लौटाना था, लेकिन आरोपितों ने घुमाना
शुरू कर दिया। नौ महीने बाद आरोपिपों ने चेक दिया, लेकिन वह भी बाउंस हो
गया। इसके अलावा आरोपिपों ने घरेलू सामान व जेवर भी नहीं लौटाए। आरोपितों
का कहना था कि कुछ जेवर खो गए हैं इसलिए वे उसे नहीं लौटा सके। गुरुद्वारा
प्रबंधन से चर्चा करने पर भी आरोपियों ने रुपये व जेवर न देने की बात कही।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से शिकायत की। जिसके आधार पर पुलिस ने पति
नवदीप सिंह ढिल्लन और उसके पिता तरसेम सिंह ढिल्लन के खिलाफ मामला दर्ज कर
लिया गया।
शिकायतकर्ता इंद्राज सिंह भाटिया ने पुलिस को बताया कि शादी
के समय उसने दो तोले की सोने की चेन, दो सोने का कड़ा, हीरे की अंगूठी,
पेंडल सेट, सोने की चूड़ी, सोने की अंगूठियां और घरेलू सामान दिया था।
आरोपितों ने गुरुद्वारा के माध्यम से सभी सामान को वापस लौटाने की बात कही
थी। लेकिन कुछ जेवर और सामान नहीं दिए। जबकि शादी के समय दिए गए पूरे सामान
को वापस लौटाने की शर्त पर ही तलाक देने की बात हुई थी। इस मामले में टीआई
दुर्ग कोतवाल राजेश बागड़े ने बताया कि केस कोरबा का है और वहीं प्राथमिकी
दर्ज हुई है। यहां पर असल कायमी के लिए डायरी आई है। इस आधार पर यहां
कायमी कर जांच शुरू की गई है।


Journalist खबरीलाल












