रायपुर । छत्तीसगढ़ में सीमा सुरक्षा बल
(बीएसएफ) के 38 अधिकारी और जवान पिछले दस वर्षों में नक्सल मोर्चे पर
बलिदान हुए हैं। वहीं मुठभेड़ में 18 माओवादियों को मार गिराया है। बीएसएफ
कमांड मुख्यालय के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) आरएस भट्टी ने सोमवार को यह
जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीएसएफ की ओर से 26 जनवरी को ओडिशा के मलकानगिरी
जिले के स्वाभिमान अंचल में बोट एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की जाएगी। इसका
लाभ 151 गांव में रहने वाले करीब 30 हजार परिवारों को मिलेगा। मीडिया
से चर्चा में भट्टी ने बताया कि पिछले एक दशक में एक हजार 650 माओवादियों
की गिरफ्तारी हुई और 891 ने आत्मसमर्पण किया है। बीएसएफ ने एक हजार 473
हथियार, 958 आइईडी, तीन हजार 176 किलोग्राम बारूद भी जब्त किया है।
माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के कांकेर
में 52 किलोमीटर लंबे 43 पुल-पुलिया के निर्माण में बीएसएफ सहयोग कर रहा
है। कोयलीबेड़ा-प्रतापपुर-पंखाजूर रोड प्रोजेक्ट योजना प्रगति पर है।
में भी बीएसएफ ने 128 सड़क परियोजना और 44 पुल-पुलिया के निर्माण व संचालन
में सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि नक्सलियों के विरोध और खतरे
के बाद भी छत्तीसगढ़ और ओडिशा में 196 मोबाइल फोन टावर के निर्माण में
सुरक्षा सहयोग प्रदान किया गया।91 मोबाइल टावर कांकेर और नारायणपुर में लगे हैं। 105 मोबाइल टावर ओडिशा के
मलकानगिरी, कोरपुर जिले ने लगे हैं। भट्टी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सल
गतिविधियों में भारी गिरावट आई है।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में सीमा सुरक्षा बल
(बीएसएफ) के 38 अधिकारी और जवान पिछले दस वर्षों में नक्सल मोर्चे पर
बलिदान हुए हैं। वहीं मुठभेड़ में 18 माओवादियों को मार गिराया है। बीएसएफ
कमांड मुख्यालय के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) आरएस भट्टी ने सोमवार को यह
जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीएसएफ की ओर से 26 जनवरी को ओडिशा के मलकानगिरी
जिले के स्वाभिमान अंचल में बोट एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की जाएगी। इसका
लाभ 151 गांव में रहने वाले करीब 30 हजार परिवारों को मिलेगा। मीडिया
से चर्चा में भट्टी ने बताया कि पिछले एक दशक में एक हजार 650 माओवादियों
की गिरफ्तारी हुई और 891 ने आत्मसमर्पण किया है। बीएसएफ ने एक हजार 473
हथियार, 958 आइईडी, तीन हजार 176 किलोग्राम बारूद भी जब्त किया है।
माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के कांकेर
में 52 किलोमीटर लंबे 43 पुल-पुलिया के निर्माण में बीएसएफ सहयोग कर रहा
है। कोयलीबेड़ा-प्रतापपुर-पंखाजूर रोड प्रोजेक्ट योजना प्रगति पर है।
में भी बीएसएफ ने 128 सड़क परियोजना और 44 पुल-पुलिया के निर्माण व संचालन
में सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि नक्सलियों के विरोध और खतरे
के बाद भी छत्तीसगढ़ और ओडिशा में 196 मोबाइल फोन टावर के निर्माण में
सुरक्षा सहयोग प्रदान किया गया।91 मोबाइल टावर कांकेर और नारायणपुर में लगे हैं। 105 मोबाइल टावर ओडिशा के
मलकानगिरी, कोरपुर जिले ने लगे हैं। भट्टी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सल
गतिविधियों में भारी गिरावट आई है।


Journalist खबरीलाल












