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NEWS RAIPUR:: राष्ट्रीय मानक स्तर से कई गुना बढ़ा रायपुर और कोरबा का प्रदूषण स्तर:

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 रायपुर । छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में
प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय मानक स्तर से 11 तो कोरबा का 28 गुना बढ़ गया है।
यह बात राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (एसएचआरसी) के एक अध्ययन में आया
है। प्रदूषण से अस्पतालों में फेफड़े व सांस के रोगियों की संख्या भी डेढ़
गुना बढ़ गई है।

एसएचआरसी ने राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी गई
रिपोर्ट में प्रदूषण से बढ़ती बीमारियों पर चिंता भी जताई है। राजधानी के
डा. भीमराव आंबेडकर अस्पताल के छाती रोग विभाग की ओपीडी में दो वर्ष पूर्व
हर माह औसतन 400 सांस व फेफड़े से संबंधित मरीज आते थे, जो वर्तमान में 600
पहुंच गया है। इसमें 40 फीसद से अधिक मरीजों में प्रदूषण की वजह से
समस्याएं आई हैं।


विगत दो वर्ष पहले यह 25 से 30 फीसद था। राज्य
स्वास्थ्य संसाधन केंद्र की अध्ययनकर्ता डा. पुनीता कुमार ने बताया कि इन
क्षेत्रों में पीएम (पर्टिकुलेट मैटर) 2.5 माइक्रो मीटर का स्तर पाया गया
है, जो बाल की चौड़ाई से 100 गुना छोटा होता है और सांस के जरिए फेफड़े तक
पहुंचकर नुकसान पहुंचाता है। प्रदूषण का स्तर मानक राष्ट्रीय मानक स्तर 60
माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर (60 यूजी/एम3 ) की तुलना में कोरबा में 28
गुना और रायपुर में करीब 11 गुना ज्यादा है।



 रायपुर । छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में
प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय मानक स्तर से 11 तो कोरबा का 28 गुना बढ़ गया है।
यह बात राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (एसएचआरसी) के एक अध्ययन में आया
है। प्रदूषण से अस्पतालों में फेफड़े व सांस के रोगियों की संख्या भी डेढ़
गुना बढ़ गई है।

एसएचआरसी ने राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी गई
रिपोर्ट में प्रदूषण से बढ़ती बीमारियों पर चिंता भी जताई है। राजधानी के
डा. भीमराव आंबेडकर अस्पताल के छाती रोग विभाग की ओपीडी में दो वर्ष पूर्व
हर माह औसतन 400 सांस व फेफड़े से संबंधित मरीज आते थे, जो वर्तमान में 600
पहुंच गया है। इसमें 40 फीसद से अधिक मरीजों में प्रदूषण की वजह से
समस्याएं आई हैं।


विगत दो वर्ष पहले यह 25 से 30 फीसद था। राज्य
स्वास्थ्य संसाधन केंद्र की अध्ययनकर्ता डा. पुनीता कुमार ने बताया कि इन
क्षेत्रों में पीएम (पर्टिकुलेट मैटर) 2.5 माइक्रो मीटर का स्तर पाया गया
है, जो बाल की चौड़ाई से 100 गुना छोटा होता है और सांस के जरिए फेफड़े तक
पहुंचकर नुकसान पहुंचाता है। प्रदूषण का स्तर मानक राष्ट्रीय मानक स्तर 60
माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर (60 यूजी/एम3 ) की तुलना में कोरबा में 28
गुना और रायपुर में करीब 11 गुना ज्यादा है।



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