रायपुर । कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय
अध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे से पहले प्रदेश का सियासी पारा हाई हो गया है।
राहुल की रायपुर के साइंस कालेज मैदान में सभा प्रस्तावित है। राहुल की
सभा पहले नवा रायपुर में होने वाली थी। सभा का स्थान बदले जाने पर भाजपा ने
सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है। भाजपा कह रही है कि नवा रायपुर में
चल रहे किसान आंदोलन केडर से कार्यक्रम बदला गया है। उधर, कांग्रेस ने
राहुल की सभा की तैयारी के लिए एक फरवरी को राजीव भवन में प्रदेश
पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की है। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे।
कांग्रेस का खत्म हो गया जनाधार-बृजमोहन
पूर्व
मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस का जनाधार खत्म हो गया है। उसकी
लोकप्रियता लगभग समाप्त हो गई है। कांग्रेस नेतृत्व को ऐसे कार्यक्रमों से
कोई फायदा नहीं होगा। पूरे देश में जो काम नहीं होते, उसे छत्तीसगढ़ के
एटीएम का उपयोग कर किया जा रहा है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या राष्ट्रीय
स्तर के हर काम का जवाब छत्तीसगढ़ से दिया जाएगा? अगर ऐसे है तो
मुख्यमंत्री दिल्ली में बैठें और कांग्रेस पार्टी का सहयोग करें।
अग्रवाल
ने कहा कि पहले नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अस्पताल व स्कूल
बनाने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक नहीं बना। पहले वर्धा की तर्ज पर
आश्रम बनाने की बात कही गई थी, फिर एक साल बाद उसी को रिपीट कर रहे हैं, कर
कुछ नहीं रहे हैं।
राहुल की सभा की किसने, कैसे और किसके इशारे पर दी अनुमति
उधर,
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि कोरोना
गाइडलाइन की आड़ लेकर एक ओर जहां प्रदेश सरकार अपने खिलाफ उठ रही आवाज को
दबाने के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों पर रोक लगा रही है। धारा 144 लागू
है। सभी तरह के जलसे, सभा, समारोहों पर रोक लगी हुई है। लोगों को अपने
पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए सरकारी आदेशों का पालन करना
अनिवार्य कर दिया गया है, तो फिर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के कार्यक्रम
की अनुमति किसने, कैसे और किनके इशारे पर दी?
रायपुर । कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय
अध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे से पहले प्रदेश का सियासी पारा हाई हो गया है।
राहुल की रायपुर के साइंस कालेज मैदान में सभा प्रस्तावित है। राहुल की
सभा पहले नवा रायपुर में होने वाली थी। सभा का स्थान बदले जाने पर भाजपा ने
सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है। भाजपा कह रही है कि नवा रायपुर में
चल रहे किसान आंदोलन केडर से कार्यक्रम बदला गया है। उधर, कांग्रेस ने
राहुल की सभा की तैयारी के लिए एक फरवरी को राजीव भवन में प्रदेश
पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की है। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे।
कांग्रेस का खत्म हो गया जनाधार-बृजमोहन
पूर्व
मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस का जनाधार खत्म हो गया है। उसकी
लोकप्रियता लगभग समाप्त हो गई है। कांग्रेस नेतृत्व को ऐसे कार्यक्रमों से
कोई फायदा नहीं होगा। पूरे देश में जो काम नहीं होते, उसे छत्तीसगढ़ के
एटीएम का उपयोग कर किया जा रहा है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या राष्ट्रीय
स्तर के हर काम का जवाब छत्तीसगढ़ से दिया जाएगा? अगर ऐसे है तो
मुख्यमंत्री दिल्ली में बैठें और कांग्रेस पार्टी का सहयोग करें।
अग्रवाल
ने कहा कि पहले नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अस्पताल व स्कूल
बनाने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक नहीं बना। पहले वर्धा की तर्ज पर
आश्रम बनाने की बात कही गई थी, फिर एक साल बाद उसी को रिपीट कर रहे हैं, कर
कुछ नहीं रहे हैं।
राहुल की सभा की किसने, कैसे और किसके इशारे पर दी अनुमति
उधर,
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि कोरोना
गाइडलाइन की आड़ लेकर एक ओर जहां प्रदेश सरकार अपने खिलाफ उठ रही आवाज को
दबाने के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों पर रोक लगा रही है। धारा 144 लागू
है। सभी तरह के जलसे, सभा, समारोहों पर रोक लगी हुई है। लोगों को अपने
पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए सरकारी आदेशों का पालन करना
अनिवार्य कर दिया गया है, तो फिर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के कार्यक्रम
की अनुमति किसने, कैसे और किनके इशारे पर दी?


Journalist खबरीलाल












