रायपुर। केंद्रीय कृषि कानून के विरोध में देश के कई राज्यों के किसान
दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं। किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान
किया है। किसानों के भारत बंद का कांग्रेस ने भी समर्थन किया हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी बंद को समर्थन दिया है। संसदीय सचिव विकास
उपाध्याय तो राजधानी के सड़कों में घूमकर बंद के लिए समर्थन मांग रहे हैं।
भारत
बंद का छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी समर्थन करने की बात कही है। भारत बंद के
मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं की
राजीव भवन में बैठक लेकर जवाबदेही तय कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन को कई
राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला है। 8 दिसंबर के भारत बंद के ऐलान को
कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी, सपा समेत 20 से ज्यादा पार्टियों ने समर्थन
दिया है।
मंगलवार को किसानों के द्वारा आहूत किए गए भारत बंद में
कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता मोर्चा संगठनों प्रकोष्ठ विभागों के लोगों को
यह दायित्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम द्वारा दिया गया है। प्रदेश
कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने यह निर्देश दिया है कि कांग्रेस किसानों
के बंद में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगी। अस्पताल, एंबुलेंस, फायरब्रिगेड,
दवा दुकान जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद के आव्हान से मुक्त रखा गया है। बंद
का आयोजन आक्रामक लेकिन शांतिपूर्ण अहिंसक और गांधीवादी तरीके से होगा।
किसानों की मांगों का कांग्रेस पूर्ण समर्थन करती है। तीनों काले किसान
कानून तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाने की किसानों की मांग को कांग्रेस का
पूरा समर्थन है। इन मांगों को लेकर भारत बंद किए जाने का कांग्रेस समर्थन
करती है। कांग्रेस व्यापारी संगठनों और सभी संबंधितों से संपर्क करके बंद
के लिये समर्थन की अपील कर रही है।
मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि
कानून पूरी तरीके से किसानों के हित के खिलाफ है। किसान मांग कर रहे हैं
कि इन कानून रद्द किया जाए। कांग्रेस अपील करती है सभी लोगों से समाज के
सभी वर्गों से कि वे किसानों का साथ दें और अन्न दाताओं का साथ दें और 8
दिसंबर को आहूत किए गए भारत बंद को सफल बनाएं।
रायपुर। केंद्रीय कृषि कानून के विरोध में देश के कई राज्यों के किसान
दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं। किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान
किया है। किसानों के भारत बंद का कांग्रेस ने भी समर्थन किया हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी बंद को समर्थन दिया है। संसदीय सचिव विकास
उपाध्याय तो राजधानी के सड़कों में घूमकर बंद के लिए समर्थन मांग रहे हैं।
भारत
बंद का छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी समर्थन करने की बात कही है। भारत बंद के
मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं की
राजीव भवन में बैठक लेकर जवाबदेही तय कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन को कई
राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला है। 8 दिसंबर के भारत बंद के ऐलान को
कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी, सपा समेत 20 से ज्यादा पार्टियों ने समर्थन
दिया है।
मंगलवार को किसानों के द्वारा आहूत किए गए भारत बंद में
कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता मोर्चा संगठनों प्रकोष्ठ विभागों के लोगों को
यह दायित्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम द्वारा दिया गया है। प्रदेश
कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने यह निर्देश दिया है कि कांग्रेस किसानों
के बंद में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगी। अस्पताल, एंबुलेंस, फायरब्रिगेड,
दवा दुकान जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद के आव्हान से मुक्त रखा गया है। बंद
का आयोजन आक्रामक लेकिन शांतिपूर्ण अहिंसक और गांधीवादी तरीके से होगा।
किसानों की मांगों का कांग्रेस पूर्ण समर्थन करती है। तीनों काले किसान
कानून तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाने की किसानों की मांग को कांग्रेस का
पूरा समर्थन है। इन मांगों को लेकर भारत बंद किए जाने का कांग्रेस समर्थन
करती है। कांग्रेस व्यापारी संगठनों और सभी संबंधितों से संपर्क करके बंद
के लिये समर्थन की अपील कर रही है।
मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि
कानून पूरी तरीके से किसानों के हित के खिलाफ है। किसान मांग कर रहे हैं
कि इन कानून रद्द किया जाए। कांग्रेस अपील करती है सभी लोगों से समाज के
सभी वर्गों से कि वे किसानों का साथ दें और अन्न दाताओं का साथ दें और 8
दिसंबर को आहूत किए गए भारत बंद को सफल बनाएं।



Journalist खबरीलाल














