Padm Award 2022: आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाले 128 लोगों को पद्म पुरस्कार (Padma Awards) से सम्मानित करेंगे. इन नामों की घोषणा 26 जनवरी की संध्या पर हुई थी. इनमें से कई ऐसे चेहरे हैं, जो गुमनाम हैं, लेकिन उन्होंने अपने क्षेत्रों में अभूतपूर्व काम किए हैं.
पद्म पुरस्कार (Padma Awards) पाने वालों में एक नाम यूपी के वाराणसी के शिवानंद बाबा का भी है. शिवानंद बाबा के बारे में दावा किया जाता है कि उनकी उम्र 126 साल है. वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं. बाबा शिवानंद के बारे में कहा जाता है कि वह चमक-दमक की दुनिया से दूर रहना चाहते हैं. 8 अगस्त 1896 को जन्मे शिवानंद को योग और धर्म में काफी जानकारी प्राप्त है. उनकी दिनचर्चा के बारे में कहा जाता है कि बाबा शिवानंद रोज सुबह 3 बजे उठ जाते हैं. इसके बाद एक घंटा योग करते हैं, भगवद् गीता और मां चंडी के श्लोकों का पाठ करते हैं. बाबा शिवानंद केवल उबला हुआ भोजन करते हैं. वह कम नमक वाला खाना खाते हैं. इस उम्र में भी बाबा शिवानंद काफी स्वस्थ हैं.
दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (JMI) की कुलपति प्रो नजमा अख्तर निरंतर कामयाबी के कदम चूम रहीं हैं. सोमवार को प्रोफेसर नजमा अख्तर को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा. एएमयू में कंट्रोलर आफ एडमिशन एंड एग्जामिनेशन के लिए ऑल इंडिया सेलेक्शन के जरिए प्रो नजमा अख्तर का चयन हुआ था. उस समय तक न केवल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, बल्कि देश की अन्य किसी भी यूनिवर्सिटी में इस पद पर किसी महिला का चयन नहीं हुआ था. अख्तर के खिलाफ एक फतवा जारी किया गया कि कोई महिला एडमिनिस्ट्रेशन के शीर्ष पद पर नहीं रह सकती, क्योंकि इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है. ऐसी परिस्थितियों में प्रो. अख्तर ने खुद को निखारा. एएमयू के बाद प्रो नजमा अहम पदों पर रहीं. बाद में जामिया मिल्लिया इस्लामिया को पहली बार महिला वाइस चांसलर बनीं.
प्रोफेसर विश्वमूर्ति शास्त्री संस्कृत के विद्वान हैं. वे जम्मू कश्मीर के निवासी हैं, जो रणबीर कैंपस जम्मू में 2006-2011 तक प्राचार्य रहे. इसके साथ ही वर्ष 2011 के बाद वो मनोनीत चांसलर (कुलपति) भी रहे. मिली जानकारी के मुताबिक प्रो. शास्त्री संस्कृत पर 8 ग्रंथ लिख चुके हैं. इस वक्त वो प्रकाशन के अधीन हैं. साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में सम्मानित होने वाले विश्वमूर्ति शास्त्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल चरण पादुका कटड़ा के निदेशक भी रह चुके हैं. यही नहीं प्रो. शास्त्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सदस्य भी हैं और इनके प्रवचन नवरात्रि के दौरान वैष्णो देवी दरबार से प्रसारित किए जाते हैं.
अभिनेता विक्टर बनर्जी भारतीय अभिनेता हैं. विक्टर अंग्रेजी , हिंदी , बंगाली और असमिया भाषा की कई फिल्में कर चुके हैं. सत्यजीत रे क्लासिक ‘घरे बाइरे’ और डेविड लीन के महाकाव्य ‘ए पैसेज ऑफ इंडिया’ जैसी फिल्मों के लिए उन्हें खास तौर पर जाना जाता है. उन्होंने रोमन पोलांस्की , जेम्स आइवरी , सर डेविड लीन , जेरी लंदन , रोनाल्ड नेम , सत्यजीत रे , मृणाल सेन , श्याम बेनेगल , मोंटाजुर रहमान अकबर और राम गोपाल वर्मा जैसे निर्देशकों के लिए काम किया है. ‘घरे बैरे’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था.
Padm Award 2022: आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाले 128 लोगों को पद्म पुरस्कार (Padma Awards) से सम्मानित करेंगे. इन नामों की घोषणा 26 जनवरी की संध्या पर हुई थी. इनमें से कई ऐसे चेहरे हैं, जो गुमनाम हैं, लेकिन उन्होंने अपने क्षेत्रों में अभूतपूर्व काम किए हैं.
पद्म पुरस्कार (Padma Awards) पाने वालों में एक नाम यूपी के वाराणसी के शिवानंद बाबा का भी है. शिवानंद बाबा के बारे में दावा किया जाता है कि उनकी उम्र 126 साल है. वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं. बाबा शिवानंद के बारे में कहा जाता है कि वह चमक-दमक की दुनिया से दूर रहना चाहते हैं. 8 अगस्त 1896 को जन्मे शिवानंद को योग और धर्म में काफी जानकारी प्राप्त है. उनकी दिनचर्चा के बारे में कहा जाता है कि बाबा शिवानंद रोज सुबह 3 बजे उठ जाते हैं. इसके बाद एक घंटा योग करते हैं, भगवद् गीता और मां चंडी के श्लोकों का पाठ करते हैं. बाबा शिवानंद केवल उबला हुआ भोजन करते हैं. वह कम नमक वाला खाना खाते हैं. इस उम्र में भी बाबा शिवानंद काफी स्वस्थ हैं.
दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (JMI) की कुलपति प्रो नजमा अख्तर निरंतर कामयाबी के कदम चूम रहीं हैं. सोमवार को प्रोफेसर नजमा अख्तर को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा. एएमयू में कंट्रोलर आफ एडमिशन एंड एग्जामिनेशन के लिए ऑल इंडिया सेलेक्शन के जरिए प्रो नजमा अख्तर का चयन हुआ था. उस समय तक न केवल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, बल्कि देश की अन्य किसी भी यूनिवर्सिटी में इस पद पर किसी महिला का चयन नहीं हुआ था. अख्तर के खिलाफ एक फतवा जारी किया गया कि कोई महिला एडमिनिस्ट्रेशन के शीर्ष पद पर नहीं रह सकती, क्योंकि इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है. ऐसी परिस्थितियों में प्रो. अख्तर ने खुद को निखारा. एएमयू के बाद प्रो नजमा अहम पदों पर रहीं. बाद में जामिया मिल्लिया इस्लामिया को पहली बार महिला वाइस चांसलर बनीं.
प्रोफेसर विश्वमूर्ति शास्त्री संस्कृत के विद्वान हैं. वे जम्मू कश्मीर के निवासी हैं, जो रणबीर कैंपस जम्मू में 2006-2011 तक प्राचार्य रहे. इसके साथ ही वर्ष 2011 के बाद वो मनोनीत चांसलर (कुलपति) भी रहे. मिली जानकारी के मुताबिक प्रो. शास्त्री संस्कृत पर 8 ग्रंथ लिख चुके हैं. इस वक्त वो प्रकाशन के अधीन हैं. साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में सम्मानित होने वाले विश्वमूर्ति शास्त्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल चरण पादुका कटड़ा के निदेशक भी रह चुके हैं. यही नहीं प्रो. शास्त्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सदस्य भी हैं और इनके प्रवचन नवरात्रि के दौरान वैष्णो देवी दरबार से प्रसारित किए जाते हैं.
अभिनेता विक्टर बनर्जी भारतीय अभिनेता हैं. विक्टर अंग्रेजी , हिंदी , बंगाली और असमिया भाषा की कई फिल्में कर चुके हैं. सत्यजीत रे क्लासिक ‘घरे बाइरे’ और डेविड लीन के महाकाव्य ‘ए पैसेज ऑफ इंडिया’ जैसी फिल्मों के लिए उन्हें खास तौर पर जाना जाता है. उन्होंने रोमन पोलांस्की , जेम्स आइवरी , सर डेविड लीन , जेरी लंदन , रोनाल्ड नेम , सत्यजीत रे , मृणाल सेन , श्याम बेनेगल , मोंटाजुर रहमान अकबर और राम गोपाल वर्मा जैसे निर्देशकों के लिए काम किया है. ‘घरे बैरे’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था.



Journalist खबरीलाल














