रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ने भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में परिवारवाद को लेकर भले ही
कांग्रेस और अन्य परिवारवादी दलों पर निशाना साधा हो, लेकिन छत्तीसगढ़ में
भी उन नेताओं की धड़कनें तेज हो गई, जिनके परिवार के सदस्य राजनीति में हैं। प्रदेश भाजपा की राजनीति में एक दर्जन से
ज्यादा छोटे-बड़े नेता हैं, जिन्होंने अपने परिवार को राजनीति में न सिर्फ
शामिल कराया, बल्कि सत्ता और संगठन में भागीदार भी बनाया। प्रदेश में 15
साल की सत्ता गंवाने के बाद हुए लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने परिवारवाद
की राजनीति पर हमला करते हुए उन सभी लोकसभा सदस्यों का टिकट काट दिया,
जिनका कनेक्शन परिवारवाद की राजनीति से था। बस्तर में भाजपा की धुरी माने
जाने वाले स्व. बलीराम कश्यप हो, या फिर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के
बेटों का पीएम मोदी ने एक झटके में टिकट काटकर नए उम्मीदवार को मैदान में
उतारा।
रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ने भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में परिवारवाद को लेकर भले ही
कांग्रेस और अन्य परिवारवादी दलों पर निशाना साधा हो, लेकिन छत्तीसगढ़ में
भी उन नेताओं की धड़कनें तेज हो गई, जिनके परिवार के सदस्य राजनीति में हैं। प्रदेश भाजपा की राजनीति में एक दर्जन से
ज्यादा छोटे-बड़े नेता हैं, जिन्होंने अपने परिवार को राजनीति में न सिर्फ
शामिल कराया, बल्कि सत्ता और संगठन में भागीदार भी बनाया। प्रदेश में 15
साल की सत्ता गंवाने के बाद हुए लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने परिवारवाद
की राजनीति पर हमला करते हुए उन सभी लोकसभा सदस्यों का टिकट काट दिया,
जिनका कनेक्शन परिवारवाद की राजनीति से था। बस्तर में भाजपा की धुरी माने
जाने वाले स्व. बलीराम कश्यप हो, या फिर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के
बेटों का पीएम मोदी ने एक झटके में टिकट काटकर नए उम्मीदवार को मैदान में
उतारा।



Journalist खबरीलाल














