Breaking News

Raipur Crime News:: काॅपर एवं मेटल सप्लाई करने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी करने वाला हैदराबाद का अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार:

post

विवरण
- प्रार्थी मोहिन्दर पाल सिंह खुराना द्वारा थाना सिविल लाईन रिपोर्ट दर्ज
कराया गया कि उसकी स्वयं की मेसर्स बी आर इंडस्ट्रीयल ओर्स एंड रिसोर्सेस
नामक रजिस्टर फर्म पंडरी तराई रोजगार कार्यालय के पास स्थित है। श्रीचक्रम
ट्रेडर्स हैदराबाद द्वारा अपने साइट पर मेटल एवं काॅपर का व्यापार करने के
संबंध में फर्जी विज्ञापन डाला गया था। जिस पर काॅपर एवं अन्य मेटल की फोटो
डाली गई थी। जिसे देखकर प्रार्थी ने श्रीचक्रम ट्रेडर्स से संपर्क किया
जिस पर श्रीचक्रम ने प्रार्थी को  काॅपर पाईप को 800 रू प्रति किलोग्राम की
दर से 10,000 किलोग्राम कीमती 80,00,000 रूपये देने का फर्जी आश्वासन दिया
था। प्रार्थी द्वारा श्रीचक्रम से सौदा किया गया एवं सौदा करते समय उसके
द्वारा अपनी फर्म का पंजीयन संबंधी दस्तावेज एवं अपने पासपोर्ट आधार कार्ड
पैन कार्ड की छाया प्रति प्रदान की गई, जिसके पश्चात प्रार्थी द्वारा
10,000 किलोग्राम काॅपर पाइप की कीमत 80,00,000 रुपए में से अग्रिम राशि के
रूप में 50,00,000 रुपए आर.टी.जी.एस के माध्यम से दिया गया, परन्तु
मेंसर्स श्रीचक्रम ट्रेडर्स के प्रोपराइटर बालाकुंडी कन्नाडिया शास्त्री
विजय सिन्हा के द्वारा प्रार्थी को काॅपर पाइप ना तो सप्लाई की गई और ना ही
रकम को वापस किया गया है । इस दौरान दिसंबर 2021 में प्रार्थी के पास कोटक
महिंद्रा बैंक से फोन आया कि आपके कंपनी अकाउंट में 2,00,00,000
आईसीआईसीआई बैंक खाता क्रमांक 068005002088 के चेक नंबर 000944 के माध्यम
से आया है क्या उक्त चेक को क्लियर कर दे। प्रार्थी द्वारा मना करने पर
उक्त चेक माह फरवरी 2022 में कोरियर के माध्यम से प्रार्थी को प्राप्त हुआ
जिस चेक के संबंध में प्रार्थी को कोई जानकारी नहीं है ना ही प्रार्थी का
किसी प्रकार का लेन देन था, प्रार्थी द्वारा उक्त चेक का अवलोकन किया गया
जिसमें दिनांक   20.09.21 उल्लेखित था जोकि श्रीचक्रम द्वारा प्रार्थी को 2
करोड रुपए के चेक को भेजा गया है बाद में सितंबर माह 2021 से जनवरी 2022
तक प्रार्थी ने अपने कार्यालय के पंकज राव एवं उज्जवल उत्कर्ष कर्ण को
हैदराबाद श्रीचक्रम से पैसा लेने हेतु भेजा था जो निरंतर 4 माह तक हैदराबाद
में ही रहे एवं श्रीचक्रम से निरंतर मिलकर प्रार्थी द्वारा दिए गए पैसों
की मांग करते रहे एवं श्रीचक्रम ट्रेडर्स के बालाकुंडी निरंतर मिलकर पैसा
वापस करने का आश्वासन देता रहा किंतु आज दिनांक तक पैसा वापस नहीं किया।
मेसर्स श्रीचक्रम ट्रेडर्स के बालाकुंडी कन्नाडिया शास्त्री के द्वारा
सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फर्जी तरीके से स्वयं को काॅपर मेटल पाईप का
व्यवसाय बताकर काॅपर सप्लाई के नाम पर 50,00,000 रुपए हड़प कर प्रार्थी से
धोखाधड़ी किया तथा प्रार्थी के जानकारी एवं सहमति के बिना धोखाधड़ी करने हेतु
अज्ञात व्यक्ति के खाते का चेक प्रार्थी के खाते में जमा कर उससे धोखाधड़ी
किया। जिस पर आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 321/22
धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया।


वरिष्ठ
पुलिस अधीक्षक महोदय श्री प्रशांत अग्रवाल द्वारा घटना को गम्भीरता से
लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस
अधीक्षक अपराध श्री अभिषेक माहेश्वरी, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन श्री
वीरेन्द्र चतुर्वेदी, थाना प्रभारी सिविल लाईन एवं प्रभारी ए.सी.सी.यू को
आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने निर्देशित किया गया। जिस पर वरिष्ठ
अधिकारियों के निर्देशन में थाना सिविल लाईन एवं ए.सी.सी.यू की संयुक्त टीम
द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ कर आरोपी की पतासाजी
प्रारंभ किया गया। आरोपी बालाकुंडी कन्नाडिया विजय सिम्हा शास्त्री की
उपस्थिति हैदराबाद में होना पाये जाने से टीम के सदस्यो द्वारा हैदराबाद
रवाना होकर आरोपी की पतासाजी कर गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना से संबंधित
01 नग मोबाईल फोन जप्त किया गया। आरोपी को हैदराबाद से ट्रांजिस्ट रिमाण्ड
पर रायपुर लाकर अग्रिम कार्यवाही किया गया।

गिरफ्तार आरोपी - बालाकुंडी कन्नाडिया विजय सिम्हा शास्त्री पिता बी.के. एन शास्त्री उम्र 60 साल निवासी म.न. 6/2/587 बी-539 द्वितीय तल, थाना वनस्थलीयपुरम, जिला-आर.आर. हैदराबाद(तेलंगाना)।


विवरण
- प्रार्थी मोहिन्दर पाल सिंह खुराना द्वारा थाना सिविल लाईन रिपोर्ट दर्ज
कराया गया कि उसकी स्वयं की मेसर्स बी आर इंडस्ट्रीयल ओर्स एंड रिसोर्सेस
नामक रजिस्टर फर्म पंडरी तराई रोजगार कार्यालय के पास स्थित है। श्रीचक्रम
ट्रेडर्स हैदराबाद द्वारा अपने साइट पर मेटल एवं काॅपर का व्यापार करने के
संबंध में फर्जी विज्ञापन डाला गया था। जिस पर काॅपर एवं अन्य मेटल की फोटो
डाली गई थी। जिसे देखकर प्रार्थी ने श्रीचक्रम ट्रेडर्स से संपर्क किया
जिस पर श्रीचक्रम ने प्रार्थी को  काॅपर पाईप को 800 रू प्रति किलोग्राम की
दर से 10,000 किलोग्राम कीमती 80,00,000 रूपये देने का फर्जी आश्वासन दिया
था। प्रार्थी द्वारा श्रीचक्रम से सौदा किया गया एवं सौदा करते समय उसके
द्वारा अपनी फर्म का पंजीयन संबंधी दस्तावेज एवं अपने पासपोर्ट आधार कार्ड
पैन कार्ड की छाया प्रति प्रदान की गई, जिसके पश्चात प्रार्थी द्वारा
10,000 किलोग्राम काॅपर पाइप की कीमत 80,00,000 रुपए में से अग्रिम राशि के
रूप में 50,00,000 रुपए आर.टी.जी.एस के माध्यम से दिया गया, परन्तु
मेंसर्स श्रीचक्रम ट्रेडर्स के प्रोपराइटर बालाकुंडी कन्नाडिया शास्त्री
विजय सिन्हा के द्वारा प्रार्थी को काॅपर पाइप ना तो सप्लाई की गई और ना ही
रकम को वापस किया गया है । इस दौरान दिसंबर 2021 में प्रार्थी के पास कोटक
महिंद्रा बैंक से फोन आया कि आपके कंपनी अकाउंट में 2,00,00,000
आईसीआईसीआई बैंक खाता क्रमांक 068005002088 के चेक नंबर 000944 के माध्यम
से आया है क्या उक्त चेक को क्लियर कर दे। प्रार्थी द्वारा मना करने पर
उक्त चेक माह फरवरी 2022 में कोरियर के माध्यम से प्रार्थी को प्राप्त हुआ
जिस चेक के संबंध में प्रार्थी को कोई जानकारी नहीं है ना ही प्रार्थी का
किसी प्रकार का लेन देन था, प्रार्थी द्वारा उक्त चेक का अवलोकन किया गया
जिसमें दिनांक   20.09.21 उल्लेखित था जोकि श्रीचक्रम द्वारा प्रार्थी को 2
करोड रुपए के चेक को भेजा गया है बाद में सितंबर माह 2021 से जनवरी 2022
तक प्रार्थी ने अपने कार्यालय के पंकज राव एवं उज्जवल उत्कर्ष कर्ण को
हैदराबाद श्रीचक्रम से पैसा लेने हेतु भेजा था जो निरंतर 4 माह तक हैदराबाद
में ही रहे एवं श्रीचक्रम से निरंतर मिलकर प्रार्थी द्वारा दिए गए पैसों
की मांग करते रहे एवं श्रीचक्रम ट्रेडर्स के बालाकुंडी निरंतर मिलकर पैसा
वापस करने का आश्वासन देता रहा किंतु आज दिनांक तक पैसा वापस नहीं किया।
मेसर्स श्रीचक्रम ट्रेडर्स के बालाकुंडी कन्नाडिया शास्त्री के द्वारा
सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फर्जी तरीके से स्वयं को काॅपर मेटल पाईप का
व्यवसाय बताकर काॅपर सप्लाई के नाम पर 50,00,000 रुपए हड़प कर प्रार्थी से
धोखाधड़ी किया तथा प्रार्थी के जानकारी एवं सहमति के बिना धोखाधड़ी करने हेतु
अज्ञात व्यक्ति के खाते का चेक प्रार्थी के खाते में जमा कर उससे धोखाधड़ी
किया। जिस पर आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 321/22
धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया।


वरिष्ठ
पुलिस अधीक्षक महोदय श्री प्रशांत अग्रवाल द्वारा घटना को गम्भीरता से
लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस
अधीक्षक अपराध श्री अभिषेक माहेश्वरी, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन श्री
वीरेन्द्र चतुर्वेदी, थाना प्रभारी सिविल लाईन एवं प्रभारी ए.सी.सी.यू को
आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने निर्देशित किया गया। जिस पर वरिष्ठ
अधिकारियों के निर्देशन में थाना सिविल लाईन एवं ए.सी.सी.यू की संयुक्त टीम
द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ कर आरोपी की पतासाजी
प्रारंभ किया गया। आरोपी बालाकुंडी कन्नाडिया विजय सिम्हा शास्त्री की
उपस्थिति हैदराबाद में होना पाये जाने से टीम के सदस्यो द्वारा हैदराबाद
रवाना होकर आरोपी की पतासाजी कर गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना से संबंधित
01 नग मोबाईल फोन जप्त किया गया। आरोपी को हैदराबाद से ट्रांजिस्ट रिमाण्ड
पर रायपुर लाकर अग्रिम कार्यवाही किया गया।

गिरफ्तार आरोपी - बालाकुंडी कन्नाडिया विजय सिम्हा शास्त्री पिता बी.के. एन शास्त्री उम्र 60 साल निवासी म.न. 6/2/587 बी-539 द्वितीय तल, थाना वनस्थलीयपुरम, जिला-आर.आर. हैदराबाद(तेलंगाना)।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner