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राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन:

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रायपुर/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने राजभवन में पूर्व
प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उनके
छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
राज्यपाल ने कहा कि श्री
वाजेपयी जी के प्रधानमंत्रित्व काल में मुझे राज्यसभा सदस्य मनोनीत होने का
अवसर प्राप्त हुआ और राज्यसभा सांसद के रूप में सदन में कई महत्वपूर्ण
मुद्दों पर बात रखी और कई विदेश यात्राएं भी की। उनके द्वारा दी गई सीख
मेरे जीवन में काफी मायने रखती है। उनके आशीषवचन के रूप में कहे गए एक-एक
शब्द मुझे प्रात्साहित करते थे।


श्री वाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्रित्व
काल में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसे अन्य
महत्वपूर्ण योजनाओं को मूर्त रूप प्रदान किया, जिससे हमारे देश की आधारभूत
संरचना मजबूत हुई। उन्होंने ग्रामीण और कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए
महत्वपूर्ण कार्य किया, उनके समय राष्ट्रीय कृषि नीति-2000 घोषित की गई,
जिसके माध्यम से कृषकों के जीवन स्तर उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए
गए और ग्रामीण अधोसंरचना भी मजबूत हुई। उनकी सोच समाज के अंतिम व्यक्ति का
कल्याण करना था। इसी सोच के फलस्वरूप उनके शासनकाल में अंत्योदय अन्न योजना
शुरू की गई, जिससे गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को सस्ती दरों पर
खाद्यान्न दिया गया। श्री वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया
और उनके विकास वादी दृष्टिकोण का ही परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ राज्य विकास
की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वे ओजस्वी वक्ता, लेखक और कवि भी थे,
जिनकी लिखी हुई कविता मन को छूने वाली और प्रेरणादायी है। उनकी लिखी हुई
इन पंक्तियों को दोहराते हुए मैं पुन: उन्हें नमन करती हूंूं:-
बाधाएं आती है आएं,
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पावों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं,
निज हाथों में हंसते-हंसते,
आग लगाकर जलना होगा,
कदम मिलाकर चलना होगा।



रायपुर/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने राजभवन में पूर्व
प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उनके
छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
राज्यपाल ने कहा कि श्री
वाजेपयी जी के प्रधानमंत्रित्व काल में मुझे राज्यसभा सदस्य मनोनीत होने का
अवसर प्राप्त हुआ और राज्यसभा सांसद के रूप में सदन में कई महत्वपूर्ण
मुद्दों पर बात रखी और कई विदेश यात्राएं भी की। उनके द्वारा दी गई सीख
मेरे जीवन में काफी मायने रखती है। उनके आशीषवचन के रूप में कहे गए एक-एक
शब्द मुझे प्रात्साहित करते थे।


श्री वाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्रित्व
काल में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसे अन्य
महत्वपूर्ण योजनाओं को मूर्त रूप प्रदान किया, जिससे हमारे देश की आधारभूत
संरचना मजबूत हुई। उन्होंने ग्रामीण और कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए
महत्वपूर्ण कार्य किया, उनके समय राष्ट्रीय कृषि नीति-2000 घोषित की गई,
जिसके माध्यम से कृषकों के जीवन स्तर उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए
गए और ग्रामीण अधोसंरचना भी मजबूत हुई। उनकी सोच समाज के अंतिम व्यक्ति का
कल्याण करना था। इसी सोच के फलस्वरूप उनके शासनकाल में अंत्योदय अन्न योजना
शुरू की गई, जिससे गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को सस्ती दरों पर
खाद्यान्न दिया गया। श्री वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया
और उनके विकास वादी दृष्टिकोण का ही परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ राज्य विकास
की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वे ओजस्वी वक्ता, लेखक और कवि भी थे,
जिनकी लिखी हुई कविता मन को छूने वाली और प्रेरणादायी है। उनकी लिखी हुई
इन पंक्तियों को दोहराते हुए मैं पुन: उन्हें नमन करती हूंूं:-
बाधाएं आती है आएं,
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पावों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं,
निज हाथों में हंसते-हंसते,
आग लगाकर जलना होगा,
कदम मिलाकर चलना होगा।



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