पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के वकील ने आज जमानत की गुहार लगाते हुए कहा, "वह अब राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं।" समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कोलकाता में अदालत से कहा, "यदि आवश्यक हो तो वह विधायक पद छोड़ सकते हैं।" बेहाला दक्षिण से तृणमूल कांग्रेस के विधायक चटर्जी को पिछले सप्ताह मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था और पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। अदालत ने हालांकि जमानत के लिए दलीलें नहीं सुनीं और अर्पिता मुखर्जी समेत पार्थ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को आज कोलकाता की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। पार्थ चटर्जी ने इस दौरान अदालत में कहा कि उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। कहा कि वो अब राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं। यदि आवश्यक हो तो वह विधायक पद छोड़ सकते हैं। उधर, अर्पिता ने जमानत नहीं मांगी बल्कि जेल में विशेष सुरक्षा की मांग की। जिसे विशेष अदालत ने मंजूरी दे दी। ईडी ने मांगों पर सहमति जताई। कहा कि जेल में उनकी जान को खतरा है। इसलिए उन्हें जेल में भोजन और पानी देने से पहले परीक्षण किया जाना चाहिए।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के वकील ने आज जमानत की गुहार लगाते हुए कहा, "वह अब राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं।" समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कोलकाता में अदालत से कहा, "यदि आवश्यक हो तो वह विधायक पद छोड़ सकते हैं।" बेहाला दक्षिण से तृणमूल कांग्रेस के विधायक चटर्जी को पिछले सप्ताह मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था और पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। अदालत ने हालांकि जमानत के लिए दलीलें नहीं सुनीं और अर्पिता मुखर्जी समेत पार्थ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को आज कोलकाता की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। पार्थ चटर्जी ने इस दौरान अदालत में कहा कि उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। कहा कि वो अब राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं। यदि आवश्यक हो तो वह विधायक पद छोड़ सकते हैं। उधर, अर्पिता ने जमानत नहीं मांगी बल्कि जेल में विशेष सुरक्षा की मांग की। जिसे विशेष अदालत ने मंजूरी दे दी। ईडी ने मांगों पर सहमति जताई। कहा कि जेल में उनकी जान को खतरा है। इसलिए उन्हें जेल में भोजन और पानी देने से पहले परीक्षण किया जाना चाहिए।



Journalist खबरीलाल.jpeg)














