बिलासपुर। ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग कारोबार से लाभ कमाने का झांसा देकर सटोरियों ने दो छात्रों को एक फर्जी कंपनी का मालिक बनाया और उनके नाम पर खाता खुलवाया। साल भर के भीतर उनके खातों से 50 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हो गया। इनकम टैक्स की नोटिस मिलने पर मामले का खुलासा हुआ तो छात्रों ने तारबाहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने सट्टेबाज और आईसीआईसीआई बैंक के एक कर्मचारी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक विद्यानगर के अभय सिंह राठौर (22 वर्ष) बी कॉम फाइनल ईयर का छात्र है। उसका परिचय एक साल पहले सार्थक बैसवाड़े और गौरव चौधरी से हुआ था। उन्होंने शेयर मार्केट में पैसा लगाकर मुनाफा कमाने के लिए एक बैंक खाता खोलने का झांसा दिया। चौधरी के कहने पर अभय सिंह अपने दोस्त क्षितिज भारद्वाज के साथ आईसीआईसीआई बैंक गया। वहां पर उन्होंने बताया कि उनके नाम पर एक कंपनी बनाई गई है, जिसके जरिये ट्रेडिंग करनी है।
आईसीआईसीआई के कर्मचारी जय दुबे ने उन दोनों के नाम से फर्जी कंपनी का खाता खोल दिया। इस खाते को गौरव चौधरी ऑपरेट करता रहा, जिसमें जमा होने वाली रकम की अभय को कोई जानकारी नहीं थी। अचानक इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आया जिसमें उनके खाते में हुए 50 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन के एवज में टैक्स जमा करने कहा गया था।
हड़बड़ाकर अभय ने इस बारे में गौरव से बात की। तब गौरव ने उसे चिंता नहीं करने की बात कही और उसके खाते में 5 लाख रुपये जमा कर दिए। उसने कहा कि यह रकम वह इनकम टैक्स विभाग में जमा कर दे। पर फर्जीवाड़ा होने की आशंका में अभय ने इसकी शिकायत तारबाहर थाने में कर दी। पुलिस ने मामले में गौरव चौधरी और बैंक कर्मचारी जय दुबे के खिलाफ 420, 34 के तहत अपराध दर्ज किया है।
बिलासपुर। ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग कारोबार से लाभ कमाने का झांसा देकर सटोरियों ने दो छात्रों को एक फर्जी कंपनी का मालिक बनाया और उनके नाम पर खाता खुलवाया। साल भर के भीतर उनके खातों से 50 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हो गया। इनकम टैक्स की नोटिस मिलने पर मामले का खुलासा हुआ तो छात्रों ने तारबाहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने सट्टेबाज और आईसीआईसीआई बैंक के एक कर्मचारी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक विद्यानगर के अभय सिंह राठौर (22 वर्ष) बी कॉम फाइनल ईयर का छात्र है। उसका परिचय एक साल पहले सार्थक बैसवाड़े और गौरव चौधरी से हुआ था। उन्होंने शेयर मार्केट में पैसा लगाकर मुनाफा कमाने के लिए एक बैंक खाता खोलने का झांसा दिया। चौधरी के कहने पर अभय सिंह अपने दोस्त क्षितिज भारद्वाज के साथ आईसीआईसीआई बैंक गया। वहां पर उन्होंने बताया कि उनके नाम पर एक कंपनी बनाई गई है, जिसके जरिये ट्रेडिंग करनी है।
आईसीआईसीआई के कर्मचारी जय दुबे ने उन दोनों के नाम से फर्जी कंपनी का खाता खोल दिया। इस खाते को गौरव चौधरी ऑपरेट करता रहा, जिसमें जमा होने वाली रकम की अभय को कोई जानकारी नहीं थी। अचानक इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आया जिसमें उनके खाते में हुए 50 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन के एवज में टैक्स जमा करने कहा गया था।
हड़बड़ाकर अभय ने इस बारे में गौरव से बात की। तब गौरव ने उसे चिंता नहीं करने की बात कही और उसके खाते में 5 लाख रुपये जमा कर दिए। उसने कहा कि यह रकम वह इनकम टैक्स विभाग में जमा कर दे। पर फर्जीवाड़ा होने की आशंका में अभय ने इसकी शिकायत तारबाहर थाने में कर दी। पुलिस ने मामले में गौरव चौधरी और बैंक कर्मचारी जय दुबे के खिलाफ 420, 34 के तहत अपराध दर्ज किया है।



Journalist खबरीलाल














