रायपुर. नौकरी लगाने के नाम पर आधा दर्जन लोगों से
करीब एक करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने राजेंद्र नगर
निवासी आरोपी दंपत्ति देवेन्द्र जोशी एवं झगीता जोशी को गिरफ्तार किया है.
दोनों आरोपी बड़े अधिकारियों से परिचय होना बताकर बेरोजगारों को सरकारी
नौकरी लगाने का झांसा देते थे, फिर फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र देकर बड़ी
रकम ऐंठते थे. पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है.
प्रार्थिया अंजना गहिरवार ने रिपोर्ट दर्ज करायी कि माह फरवरी 2021 को
यह अपने परिवार के साथ मौसा मौसी देवेन्द्र जोशी एवं झगीता जोशी के घर आई
थी। जहां बातचीत के दौरान इसके द्वारा नौकरी करने की इच्छा जाहिर की। तब
देवेन्द्र जोशी ने बताया कि उसका बड़े अधिकारी से जान पहचान है जो सेटिंग कर
सरकारी नौकरी लगाते है शासन में बड़े अधिकारी है उनके माध्यम से सेटिंग
होता है। फिर कुछ दिन बाद प्रार्थिया के मौसाजी देवेन्द्र जोशी अपने मोबाईल
वाट्सएप काल कर बताये कि अभी फूड इंस्पेक्टर का वैकेंसी निकला है। फार्म
भर देना, इसमें 25,00,000/- रूपये लगेगा बताया। जिस पर प्रार्थिया द्वारा
वर्ष 2022 में फूड इंस्पेक्टर का फार्म आनलाईन भरकर फुड इंस्पेक्टर का
एक्जाम देने के बाद देवेन्द्र जोशी के द्वारा पुनः मोबाईल से वाट्सएप काल
कर फुड इंस्पेक्टर में गारंटी के साथ भर्ती कराने का आश्वासन दिया। कुछ दिन
बाद जब रिजल्ट आया तो प्रार्थिया का नंबर कम आया था जिसके बारे में
देवेन्द्र जोशी को बताने पर उसके द्वारा कहा गया कि विशेष अनुशंसा में
तुम्हारा करवा रहे है, तुम्हारा दूसरा रिजल्ट आयेगा। जिसके करीबन 15 दिन के
बाद देवेन्द्र जोशी के द्वारा विशेष अनुशंसा वाला रिजल्ट प्रार्थिया को
दिया जिसमें प्रार्थिया का नाम था। कुछ दिन के बाद में देवेन्द्र जोशी के
द्वारा सम्पूर्ण रकम की मांग किया गया। जिस पर प्रार्थिया द्वारा अलग अलग
किश्तो में देवेन्द्र जोशी एवं उसके पत्नि को सम्पूर्ण रकम प्रदाय कर दी।
जिसके बाद प्रार्थिया द्वारा ज्वाईनिंग के लिये बार बार पूछे जाने पर हो
जायेगा बोलकर घुमाते रहता था, किन्तु जब फुड इंस्पेक्टर का आखिरी चयन सूची
जारी होने पर प्रार्थिया द्वारा ऑनलाईन चेक की जिसमें इसका नाम नही था। कुछ
दिनांे बाद प्रार्थिया को जानकारी मिली कि देवेन्द्र जोशी के द्वारा
गजेन्द्र लहरे, कुणाल देव, भुनेश्वर सोनवानी से भी 25-25 लाख रूपये लेकर
नौकरी नही लगाकर धोखाधड़ी किये है। प्रार्थिया के रिपोर्ट पर थाना सिविल
लाईन में अपराध क्रमांक 54/2025 धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि. दर्ज
कर विवेचना में लिया गया है।
नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ो रूपये की ठगी की घटना को वरिष्ठ पुलिस
अधीक्षक महोदय द्वारा गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी सिविल लाईन को
आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया
गया। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व थाना प्रभारी सिविल लाईन के
नेतृत्व में थाना सिविल लाईन पुलिस की टीम द्वारा घटना के संबंध में
प्रार्थिया सहित अन्य पीड़ितो से विस्तृत पूछताछ कर आरोपियों की पतासाजी
करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा प्रकरण में मुखबीर लगाने के
साथ ही आरोपियों के छिपने के हर संभावित स्थानों में लगातार रेड कार्यवाही
कर आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान टीम के सदस्यों को
आरोपियों की उपस्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर
प्रकरण में आरोपी देवेन्द्र जोशी एवं झगीता जोशी को पकड़कर पूछताछ करने पर
आरोपियों द्वारा लोगों को अपने झांसे में लेकर नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ो
रूपये ठगी करना स्वीकार किया गया। जिस पर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके
विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया है। एवम फरार आरोपियो की पता तलाश की जा
रही है।
गिरफ्तार आरोपी-
01 देवेन्द्र कुमार जोशी पिता डॉ. बी.आर. जोशी उम्र 58 साल पता बुढ़ी माई मंदिर के पीछे, डॉ. राजेन्द्र नगर, थाना सिविल लाईन रायपुर।
02- झगीता जोशी पति देवेन्द्र कुमार जोशी उम्र 58 साल पता बुढ़ी माई मंदिर के पीछे, डॉ. राजेन्द्र नगर, थाना सिविल लाईन रायपुर।
रायपुर. नौकरी लगाने के नाम पर आधा दर्जन लोगों से
करीब एक करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने राजेंद्र नगर
निवासी आरोपी दंपत्ति देवेन्द्र जोशी एवं झगीता जोशी को गिरफ्तार किया है.
दोनों आरोपी बड़े अधिकारियों से परिचय होना बताकर बेरोजगारों को सरकारी
नौकरी लगाने का झांसा देते थे, फिर फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र देकर बड़ी
रकम ऐंठते थे. पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है.
प्रार्थिया अंजना गहिरवार ने रिपोर्ट दर्ज करायी कि माह फरवरी 2021 को
यह अपने परिवार के साथ मौसा मौसी देवेन्द्र जोशी एवं झगीता जोशी के घर आई
थी। जहां बातचीत के दौरान इसके द्वारा नौकरी करने की इच्छा जाहिर की। तब
देवेन्द्र जोशी ने बताया कि उसका बड़े अधिकारी से जान पहचान है जो सेटिंग कर
सरकारी नौकरी लगाते है शासन में बड़े अधिकारी है उनके माध्यम से सेटिंग
होता है। फिर कुछ दिन बाद प्रार्थिया के मौसाजी देवेन्द्र जोशी अपने मोबाईल
वाट्सएप काल कर बताये कि अभी फूड इंस्पेक्टर का वैकेंसी निकला है। फार्म
भर देना, इसमें 25,00,000/- रूपये लगेगा बताया। जिस पर प्रार्थिया द्वारा
वर्ष 2022 में फूड इंस्पेक्टर का फार्म आनलाईन भरकर फुड इंस्पेक्टर का
एक्जाम देने के बाद देवेन्द्र जोशी के द्वारा पुनः मोबाईल से वाट्सएप काल
कर फुड इंस्पेक्टर में गारंटी के साथ भर्ती कराने का आश्वासन दिया। कुछ दिन
बाद जब रिजल्ट आया तो प्रार्थिया का नंबर कम आया था जिसके बारे में
देवेन्द्र जोशी को बताने पर उसके द्वारा कहा गया कि विशेष अनुशंसा में
तुम्हारा करवा रहे है, तुम्हारा दूसरा रिजल्ट आयेगा। जिसके करीबन 15 दिन के
बाद देवेन्द्र जोशी के द्वारा विशेष अनुशंसा वाला रिजल्ट प्रार्थिया को
दिया जिसमें प्रार्थिया का नाम था। कुछ दिन के बाद में देवेन्द्र जोशी के
द्वारा सम्पूर्ण रकम की मांग किया गया। जिस पर प्रार्थिया द्वारा अलग अलग
किश्तो में देवेन्द्र जोशी एवं उसके पत्नि को सम्पूर्ण रकम प्रदाय कर दी।
जिसके बाद प्रार्थिया द्वारा ज्वाईनिंग के लिये बार बार पूछे जाने पर हो
जायेगा बोलकर घुमाते रहता था, किन्तु जब फुड इंस्पेक्टर का आखिरी चयन सूची
जारी होने पर प्रार्थिया द्वारा ऑनलाईन चेक की जिसमें इसका नाम नही था। कुछ
दिनांे बाद प्रार्थिया को जानकारी मिली कि देवेन्द्र जोशी के द्वारा
गजेन्द्र लहरे, कुणाल देव, भुनेश्वर सोनवानी से भी 25-25 लाख रूपये लेकर
नौकरी नही लगाकर धोखाधड़ी किये है। प्रार्थिया के रिपोर्ट पर थाना सिविल
लाईन में अपराध क्रमांक 54/2025 धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि. दर्ज
कर विवेचना में लिया गया है।
नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ो रूपये की ठगी की घटना को वरिष्ठ पुलिस
अधीक्षक महोदय द्वारा गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी सिविल लाईन को
आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया
गया। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व थाना प्रभारी सिविल लाईन के
नेतृत्व में थाना सिविल लाईन पुलिस की टीम द्वारा घटना के संबंध में
प्रार्थिया सहित अन्य पीड़ितो से विस्तृत पूछताछ कर आरोपियों की पतासाजी
करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा प्रकरण में मुखबीर लगाने के
साथ ही आरोपियों के छिपने के हर संभावित स्थानों में लगातार रेड कार्यवाही
कर आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान टीम के सदस्यों को
आरोपियों की उपस्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर
प्रकरण में आरोपी देवेन्द्र जोशी एवं झगीता जोशी को पकड़कर पूछताछ करने पर
आरोपियों द्वारा लोगों को अपने झांसे में लेकर नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ो
रूपये ठगी करना स्वीकार किया गया। जिस पर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके
विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया है। एवम फरार आरोपियो की पता तलाश की जा
रही है।
गिरफ्तार आरोपी-
01 देवेन्द्र कुमार जोशी पिता डॉ. बी.आर. जोशी उम्र 58 साल पता बुढ़ी माई मंदिर के पीछे, डॉ. राजेन्द्र नगर, थाना सिविल लाईन रायपुर।
02- झगीता जोशी पति देवेन्द्र कुमार जोशी उम्र 58 साल पता बुढ़ी माई मंदिर के पीछे, डॉ. राजेन्द्र नगर, थाना सिविल लाईन रायपुर।