भिलाई-दुर्ग। खाकी की निष्पक्षता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महादेव सट्टा ऐप मामले में पिछले करीब तीन साल से भिलाई-दुर्ग पुलिस के रिकॉर्ड में 'फरार' चल रहे शहर के एक बड़े कुख्यात सटोरिये धर्मेंद्र जायसवाल से जुड़े एक भव्य आयोजन में पुलिस के आला अधिकारी शामिल होते कैमरे में कैद हुए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन अधिकारियों को पार्टी में बेझिझक घूमते और कथित तौर पर 'जाम से जाम टकराते' देखा गया, जबकि जिस व्यक्ति का भाई पुलिस रिकॉर्ड में 'फरार' है, उसी के परिसर में यह पार्टी हो रही थी।
यह पूरा मामला महादेव मामले में फरार आरोपी धर्मेंद्र जायसवाल के भाई मिहिर जायसवाल द्वारा आयोजित एक 'विराट भव्य' पार्टी से जुड़ा है। यह पार्टी श्री राम हाइट्स, कैलाश नगर, हाउसिंग बोर्ड औद्योगिक क्षेत्र भिलाई स्थित परिसर में हुई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस आलीशान महफिल में पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जबकि धर्मेंद्र जायसवाल अभी भी पुलिस रिकॉर्ड में फरार बताया जाता है।
एक वायरल वीडियो ने इस पूरे घटनाक्रम का बड़ा खुलासा किया है। वीडियो में जामुल के थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल देव पांडेय किस प्रकार सटोरिये के छोटे भाई मिहिर जायसवाल के कंधे पर हाथ रखकर बड़े दोस्ताना अंदाज में घूम रहे हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इसी मिहिर जायसवाल के खिलाफ अभी हाल ही में स्मृति नगर चौकी में प्राण घातक हमले का मामला भी दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस पार्टी में छावनी के थाना प्रभारी उप निरीक्षक चेतन चंद्राकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिलाई-दुर्ग शहर सुखनंदन राठौर भी मौजूद थे, जो वीडियो में साफ नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जिस समय दुर्ग-भिलाई पुलिस महादेव सट्टा ऐप के आरोपियों की तलाश में होने का दावा कर रही है, उसी समय उसके वरिष्ठ अधिकारी एक फरार आरोपी के परिजन द्वारा आयोजित पार्टी में शामिल होकर क्या संदेश देना चाहते हैं?
सूत्रों से मिली अपुष्ट जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर को इससे पहले भी रायपुर में आईपीएल की टिकट बिक्री में कथित संलिप्तता के आरोप लगने के बाद हटाया गया था।
जिस समय दुर्ग-भिलाई पुलिस महादेव सट्टा ऐप के आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रही है, ऐसे में एक 'फरार' आरोपी के भाई द्वारा आयोजित पार्टी में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी गंभीर सवाल खड़े करती है। यह वीडियो और इसमें दिख रहे दृश्य खाकी की छवि को धूमिल करते हैं। जनता जानना चाहती है कि जो अधिकारी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए जिम्मेदार हैं, वे उनके परिजनों की पार्टी में क्यों शामिल हो रहे थे? क्या इससे जांच प्रभावित नहीं होगी? इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि पुलिस की साख पर लगे इस दाग को धोया जा सके।
भिलाई-दुर्ग। खाकी की निष्पक्षता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महादेव सट्टा ऐप मामले में पिछले करीब तीन साल से भिलाई-दुर्ग पुलिस के रिकॉर्ड में 'फरार' चल रहे शहर के एक बड़े कुख्यात सटोरिये धर्मेंद्र जायसवाल से जुड़े एक भव्य आयोजन में पुलिस के आला अधिकारी शामिल होते कैमरे में कैद हुए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन अधिकारियों को पार्टी में बेझिझक घूमते और कथित तौर पर 'जाम से जाम टकराते' देखा गया, जबकि जिस व्यक्ति का भाई पुलिस रिकॉर्ड में 'फरार' है, उसी के परिसर में यह पार्टी हो रही थी।
यह पूरा मामला महादेव मामले में फरार आरोपी धर्मेंद्र जायसवाल के भाई मिहिर जायसवाल द्वारा आयोजित एक 'विराट भव्य' पार्टी से जुड़ा है। यह पार्टी श्री राम हाइट्स, कैलाश नगर, हाउसिंग बोर्ड औद्योगिक क्षेत्र भिलाई स्थित परिसर में हुई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस आलीशान महफिल में पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जबकि धर्मेंद्र जायसवाल अभी भी पुलिस रिकॉर्ड में फरार बताया जाता है।
एक वायरल वीडियो ने इस पूरे घटनाक्रम का बड़ा खुलासा किया है। वीडियो में जामुल के थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल देव पांडेय किस प्रकार सटोरिये के छोटे भाई मिहिर जायसवाल के कंधे पर हाथ रखकर बड़े दोस्ताना अंदाज में घूम रहे हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इसी मिहिर जायसवाल के खिलाफ अभी हाल ही में स्मृति नगर चौकी में प्राण घातक हमले का मामला भी दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस पार्टी में छावनी के थाना प्रभारी उप निरीक्षक चेतन चंद्राकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिलाई-दुर्ग शहर सुखनंदन राठौर भी मौजूद थे, जो वीडियो में साफ नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जिस समय दुर्ग-भिलाई पुलिस महादेव सट्टा ऐप के आरोपियों की तलाश में होने का दावा कर रही है, उसी समय उसके वरिष्ठ अधिकारी एक फरार आरोपी के परिजन द्वारा आयोजित पार्टी में शामिल होकर क्या संदेश देना चाहते हैं?
सूत्रों से मिली अपुष्ट जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर को इससे पहले भी रायपुर में आईपीएल की टिकट बिक्री में कथित संलिप्तता के आरोप लगने के बाद हटाया गया था।
जिस समय दुर्ग-भिलाई पुलिस महादेव सट्टा ऐप के आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रही है, ऐसे में एक 'फरार' आरोपी के भाई द्वारा आयोजित पार्टी में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी गंभीर सवाल खड़े करती है। यह वीडियो और इसमें दिख रहे दृश्य खाकी की छवि को धूमिल करते हैं। जनता जानना चाहती है कि जो अधिकारी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए जिम्मेदार हैं, वे उनके परिजनों की पार्टी में क्यों शामिल हो रहे थे? क्या इससे जांच प्रभावित नहीं होगी? इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि पुलिस की साख पर लगे इस दाग को धोया जा सके।



Journalist खबरीलाल














