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रास्ते में अर्थी दिख जाए तो क्या यह शुभ है या अशुभ, जानें क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं?:

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आज के आधुनिक दौर में समाज काफी आगे निकल चुका है लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिसे जेन जी जनरेशन भी शुभ और अशुभ संकेत के तौर पर देखती है. हालांकि ऐसी घटनाओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लेकिन बड़े बुजुर्गों की बातें और धर्म में आस्था रखने वाले लोग इनको गुड़लक और बैडलक के तौर पर देखते हैं. जैसे कि अगर आप रास्ते में जा रहे हों और तभी बिल्ली रास्ता काट दे तो कई लोग इसे अशुभ संकेत के तौर पर मानते हैं. वहीं अगर आपको रास्ते में अर्थी दिख जाए तो क्या यह शुभ संकेत है या अशुभ, आइए जानते हैं…


हाथ जोड़कर करें प्रणाम

शकुन शास्त्र के अनुसार, रास्ते में अगर अर्थी दिख जाए तो यह शुभ संकेत माना जाता है. अगर आप किसी काम के लिए घर से बाहर जा रहे हों और आपको रास्ते में अर्थी दिख जाए तो इसका मतलब है कि उस काम के सफल होने की संभावना जल्द बढ़ जाती है. इसलिए जब भी रास्ते में अर्थी मिले तो हाथ जोड़कर प्रणाम करें.


सभी दुख होते हैं दूर

रास्ते में अर्थी दिखना ना केवल शुभ माना गया है बल्कि कई जगहों पर तो इसको भाग्यशाली के तौर पर देखा जाता है. मान्यता है कि रास्ते में अर्थी देखने से मरने वाला व्यक्ति आपके दुख और कष्ट अपने साथ लेकर चला जाता है. इसलिए इसे सौभाग्यशाली भी माना गया है.


शिव बारात से पहले निकली थी अर्थी

क्षेत्रिय मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की बारत निकलने से पहले अर्थी निकली थी. इसलिए आज भी शिव और पार्वती के विवाह को आज भी सबसे पवित्र और शक्तिशाली विवाह माना जाता है. आज भी शिव और पार्वती के विवाह में जो भी रस्में हुई थीं, वह रस्में आज भी निभाई जाती हैं, चाहें वह मंडप में पति पत्नी के वचन से जुड़े हों या फिर फेरों से.


अंतिम सत्य है अर्थी

वैसे भी भगवान की ओर जा रही अंतिम यात्रा अशुभ कैसे हो सकती है. ना तो वह अर्थी अपवित्र है और ना ही जहां जा रही हो वह जगह यानी श्मशान घाट. क्योंकि संपूर्ण जीवन काल में केवल यही सत्य है और सत्य ही सुंदर है और सुंदर ही शिव है. जो लोग अर्थी या श्मशान घाट को अशुभ मानते हैं, वह गलत है क्योंकि यह किसी भी स्तर पर अशुभ नहीं हो सकते.


आज के आधुनिक दौर में समाज काफी आगे निकल चुका है लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिसे जेन जी जनरेशन भी शुभ और अशुभ संकेत के तौर पर देखती है. हालांकि ऐसी घटनाओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लेकिन बड़े बुजुर्गों की बातें और धर्म में आस्था रखने वाले लोग इनको गुड़लक और बैडलक के तौर पर देखते हैं. जैसे कि अगर आप रास्ते में जा रहे हों और तभी बिल्ली रास्ता काट दे तो कई लोग इसे अशुभ संकेत के तौर पर मानते हैं. वहीं अगर आपको रास्ते में अर्थी दिख जाए तो क्या यह शुभ संकेत है या अशुभ, आइए जानते हैं…


हाथ जोड़कर करें प्रणाम

शकुन शास्त्र के अनुसार, रास्ते में अगर अर्थी दिख जाए तो यह शुभ संकेत माना जाता है. अगर आप किसी काम के लिए घर से बाहर जा रहे हों और आपको रास्ते में अर्थी दिख जाए तो इसका मतलब है कि उस काम के सफल होने की संभावना जल्द बढ़ जाती है. इसलिए जब भी रास्ते में अर्थी मिले तो हाथ जोड़कर प्रणाम करें.


सभी दुख होते हैं दूर

रास्ते में अर्थी दिखना ना केवल शुभ माना गया है बल्कि कई जगहों पर तो इसको भाग्यशाली के तौर पर देखा जाता है. मान्यता है कि रास्ते में अर्थी देखने से मरने वाला व्यक्ति आपके दुख और कष्ट अपने साथ लेकर चला जाता है. इसलिए इसे सौभाग्यशाली भी माना गया है.


शिव बारात से पहले निकली थी अर्थी

क्षेत्रिय मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की बारत निकलने से पहले अर्थी निकली थी. इसलिए आज भी शिव और पार्वती के विवाह को आज भी सबसे पवित्र और शक्तिशाली विवाह माना जाता है. आज भी शिव और पार्वती के विवाह में जो भी रस्में हुई थीं, वह रस्में आज भी निभाई जाती हैं, चाहें वह मंडप में पति पत्नी के वचन से जुड़े हों या फिर फेरों से.


अंतिम सत्य है अर्थी

वैसे भी भगवान की ओर जा रही अंतिम यात्रा अशुभ कैसे हो सकती है. ना तो वह अर्थी अपवित्र है और ना ही जहां जा रही हो वह जगह यानी श्मशान घाट. क्योंकि संपूर्ण जीवन काल में केवल यही सत्य है और सत्य ही सुंदर है और सुंदर ही शिव है. जो लोग अर्थी या श्मशान घाट को अशुभ मानते हैं, वह गलत है क्योंकि यह किसी भी स्तर पर अशुभ नहीं हो सकते.


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