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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: मेट्स विश्वविद्यालय स्मार्ट जल, सशक्त गाँव जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को जल सुरक्षा हेतु सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है:

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आरंग/रायपुर, छत्तीसगढ़ – मेट्स स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (MSEIT), आरंग, मेट्स विश्वविद्यालय, (NAAC द्वारा मान्यता प्राप्त A+ ग्रेड, मध्य भारत) द्वारा ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के सहयोग से "स्मार्ट जल, सशक्त गाँव : जल सुरक्षित भविष्य के लिए ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन अमेठी ग्राम, आरंग में किया गया।

इस कार्यक्रम में ग्रामवासियों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। डॉ. आशा अम्भाईकर, निर्देशक, MSEIT ने कार्यक्रम का शुभारंभ सरपंच कामेश्वरी बानो एवं ग्राम पंचायत के सदस्यों के साथ किया गया। अमिताभ दुबे, प्रदेश अध्यक्ष, ग्रीन आर्मी, बबीता गांगने, प्रदेश समन्वयक, एवं महानिर्देशक प्रियेश पगारिया ने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास पर अपने विचार साझा किए।

गजराज पगारिया कुलाधिपति, मेट्स विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपनाए गए गाँवों के लिए भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। डॉ. के. पी. यादव, कुलपति, ने जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि कुलसचिव गोकुलानंद पांडा ने जल संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया।

MSEIT के विभिन्न शाखाओं — ऐरोनॉटिकल् , मैकेनिकल, सिविल, माइनिंग और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग — के छात्रों ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में इस मुहिम को आगे बढ़ाने की शपथ ली, कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया कि आने वाले समय में और भी कई जागरूकता शिविर एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे जल संरक्षण एवं स्थायी ग्रामीण भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।


आरंग/रायपुर, छत्तीसगढ़ – मेट्स स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (MSEIT), आरंग, मेट्स विश्वविद्यालय, (NAAC द्वारा मान्यता प्राप्त A+ ग्रेड, मध्य भारत) द्वारा ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के सहयोग से "स्मार्ट जल, सशक्त गाँव : जल सुरक्षित भविष्य के लिए ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन अमेठी ग्राम, आरंग में किया गया।

इस कार्यक्रम में ग्रामवासियों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। डॉ. आशा अम्भाईकर, निर्देशक, MSEIT ने कार्यक्रम का शुभारंभ सरपंच कामेश्वरी बानो एवं ग्राम पंचायत के सदस्यों के साथ किया गया। अमिताभ दुबे, प्रदेश अध्यक्ष, ग्रीन आर्मी, बबीता गांगने, प्रदेश समन्वयक, एवं महानिर्देशक प्रियेश पगारिया ने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास पर अपने विचार साझा किए।

गजराज पगारिया कुलाधिपति, मेट्स विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपनाए गए गाँवों के लिए भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। डॉ. के. पी. यादव, कुलपति, ने जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि कुलसचिव गोकुलानंद पांडा ने जल संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया।

MSEIT के विभिन्न शाखाओं — ऐरोनॉटिकल् , मैकेनिकल, सिविल, माइनिंग और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग — के छात्रों ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में इस मुहिम को आगे बढ़ाने की शपथ ली, कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया कि आने वाले समय में और भी कई जागरूकता शिविर एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे जल संरक्षण एवं स्थायी ग्रामीण भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।


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