भाजपा ने एक बार फिर अपने
सांसद और विधायकों को प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है। 14 जून से
तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र एमपी के पचमढ़ी में आयोजित होगा। इसमें
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह खासतौर पर
सांसद-विधायकों की क्लास लेंगे। शुभारंभ में नड्ड्डा संगठनात्मक बारीकियों
को लेकर संवाद करेंगे। 16 जून को समापन पर केंद्रीय मंत्री शाह गुड
गवर्नेंस पर चर्चा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक सत्र को एक थीम पर आयोजित
करने की तैयारी की जा रही है।
प्रशिक्षण सत्र का मूल उद्देश्य सांसद-
विधायकों को सत्ता-संगठन में समन्वय, जनता से संवाद और पार्टी की रीति-
नीति के अनुरूप कार्यशैली सिखाना होगा। इस दौरान कैंप में अन्य केंद्रीय
नेता जैसे राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित कुछ चुनिंदा केंद्रीय
मंत्री भी अलग-अलग सत्रों को संबोधित कर सकते हैं।
भाजपा के कुछ बड़बोले नेता लगातार सत्ता और
संगठन के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इनमें मंत्री विजय शाह ने तो
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की किरकिरी करवाई है। ऐसे नेताओं को खासतौर
पर पार्टी लाइन में रहकर संवाद करने की नसीहत दी जाएगी। इसके अलावा
असंतुष्ट विधायकों को भी पार्टी फोरम में रहकर बात रखने का सलीका और संवाद
का तरीका बताया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी फरवरी में प्रदेश के दौरे
पर आए थे। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पार्टी सांसद- विधायकों के
साथ संगठन के चुनिंदा पदाधिकारियों के साथ करीब दो घंटे संवाद किया था।
पीएम ने सवाल-जवाब भी किए थे। जनप्रतिनिधियों को जमीन से जुड़े रहने
औरविकास के कार्य लगातार करते रहने की सलाह दी थी।
भाजपा ने एक बार फिर अपने
सांसद और विधायकों को प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है। 14 जून से
तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र एमपी के पचमढ़ी में आयोजित होगा। इसमें
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह खासतौर पर
सांसद-विधायकों की क्लास लेंगे। शुभारंभ में नड्ड्डा संगठनात्मक बारीकियों
को लेकर संवाद करेंगे। 16 जून को समापन पर केंद्रीय मंत्री शाह गुड
गवर्नेंस पर चर्चा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक सत्र को एक थीम पर आयोजित
करने की तैयारी की जा रही है।
प्रशिक्षण सत्र का मूल उद्देश्य सांसद-
विधायकों को सत्ता-संगठन में समन्वय, जनता से संवाद और पार्टी की रीति-
नीति के अनुरूप कार्यशैली सिखाना होगा। इस दौरान कैंप में अन्य केंद्रीय
नेता जैसे राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित कुछ चुनिंदा केंद्रीय
मंत्री भी अलग-अलग सत्रों को संबोधित कर सकते हैं।
भाजपा के कुछ बड़बोले नेता लगातार सत्ता और
संगठन के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इनमें मंत्री विजय शाह ने तो
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की किरकिरी करवाई है। ऐसे नेताओं को खासतौर
पर पार्टी लाइन में रहकर संवाद करने की नसीहत दी जाएगी। इसके अलावा
असंतुष्ट विधायकों को भी पार्टी फोरम में रहकर बात रखने का सलीका और संवाद
का तरीका बताया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी फरवरी में प्रदेश के दौरे
पर आए थे। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पार्टी सांसद- विधायकों के
साथ संगठन के चुनिंदा पदाधिकारियों के साथ करीब दो घंटे संवाद किया था।
पीएम ने सवाल-जवाब भी किए थे। जनप्रतिनिधियों को जमीन से जुड़े रहने
औरविकास के कार्य लगातार करते रहने की सलाह दी थी।



Journalist खबरीलाल














