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बेंगलुरु कांड: सामने आया बड़ा सच, पुलिस ने RCB को चेतावनी दी थी, लेकिन फ्रेंचाइजी ने...:

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नई दिल्ली.  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल का खिताब जीतने का जश्न मनाने के लिए अपने शहर बेंगलुरु को चुना। टीम की जीत के जश्न का साक्षी प्रशंसक भी बनना चाहते थे। हालांकि, जीत का जश्न कब चीख-पुकार में तब्दील हो गया पता ही नहीं चला। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मची, जिसमें कम से कम 11 लोगों की जान चली गई। अब इस कांड पर एक बड़ा सच सामने आया है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने आरसीबी को चेताया था, लेकिन फ्रेंचाइजी अपनी जिद पर अड़ी रही। वे सभी खिलाड़ियों के साथ इस इवेंट को आयोजित करना चाहती थी।

दरअसल, जैसे ही बुधवार 4 जून की शाम को बेंगलुरु में विजय जुलूस की खबर की पुष्टि हुई, प्रशंसक सुबह से ही स्टेडियम के आसपास इकट्ठा होने लगे। पुलिस और यातायात अधिकारियों की ओर से सोशल मीडिया पर कई अलर्ट भेजे गए, जिसमें प्रशंसकों से संगठित रहने का आग्रह किया गया, जबकि विधान सौधा से चिन्नास्वामी तक खुली बस परेड को हतोत्साहित किया गया। डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरसीबी प्रबंधन और राज्य सरकार से भी बुधवार को किसी भी तरह का जश्न ना मनाने का आग्रह किया गया था।

जब आरसीबी को रविवार को विजय जुलूस की योजना बनाने के लिए कहा गया, तो फ्रेंचाइजी ने तर्क दिया कि उस समय उनके पास विदेशी खिलाड़ी नहीं होंगे। रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया है, "हमने मंगलवार रात से ही सरकार और आरसीबी फ्रेंचाइजी को बुधवार को कोई भी जश्न मनाने से रोकने की कोशिश की। हमने उनसे कहा कि यह गलत सलाह होगी और अगले रविवार को कार्यक्रम आयोजित करने की सिफारिश की, जब भावनाएं शांत हो जाएंगी। हमने उनसे कहा कि वे कोई जुलूस ना निकालें, बल्कि उसे एक जगह पर व्यवस्थित तरीके से निकालें। खिलाड़ियों को स्टेडियम में लेकर आएं और वहीं पर कार्यक्रम समाप्त करें।"

पुलिस का तर्क था कि फैंस के अंदर अभी खिताब जीतने के इमोशन्स हैं, क्योंकि आरसीबी ने 18 साल बाद ट्रॉफी जीती है। आप रविवार को इवेंट आयोजित कर सकते हैं, तब तक इमोशन्स कम हो जाएंगे और फैंस ज्यादा संख्या में नहीं पहुंचेंगे। उधर, आरसीबी फ्रेंचाइजी का तर्क था कि तब तक उनके विदेशी खिलाड़ी और यहां तक कि कई भारतीय खिलाड़ी भी उपलब्ध नहीं होंगे, क्योंकि आईपीएल पहले ही 8 दिन के लिए पोस्टपोन हो चुका था और अब इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत भी हो रही है। यही कारण है कि जल्दबाजी में इस इवेंट को आयोजित किया गया और इसमें 11 लोगों की जान चली गई और कई दर्जन लोग घायल भी हैं।


नई दिल्ली.  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल का खिताब जीतने का जश्न मनाने के लिए अपने शहर बेंगलुरु को चुना। टीम की जीत के जश्न का साक्षी प्रशंसक भी बनना चाहते थे। हालांकि, जीत का जश्न कब चीख-पुकार में तब्दील हो गया पता ही नहीं चला। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मची, जिसमें कम से कम 11 लोगों की जान चली गई। अब इस कांड पर एक बड़ा सच सामने आया है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने आरसीबी को चेताया था, लेकिन फ्रेंचाइजी अपनी जिद पर अड़ी रही। वे सभी खिलाड़ियों के साथ इस इवेंट को आयोजित करना चाहती थी।

दरअसल, जैसे ही बुधवार 4 जून की शाम को बेंगलुरु में विजय जुलूस की खबर की पुष्टि हुई, प्रशंसक सुबह से ही स्टेडियम के आसपास इकट्ठा होने लगे। पुलिस और यातायात अधिकारियों की ओर से सोशल मीडिया पर कई अलर्ट भेजे गए, जिसमें प्रशंसकों से संगठित रहने का आग्रह किया गया, जबकि विधान सौधा से चिन्नास्वामी तक खुली बस परेड को हतोत्साहित किया गया। डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरसीबी प्रबंधन और राज्य सरकार से भी बुधवार को किसी भी तरह का जश्न ना मनाने का आग्रह किया गया था।

जब आरसीबी को रविवार को विजय जुलूस की योजना बनाने के लिए कहा गया, तो फ्रेंचाइजी ने तर्क दिया कि उस समय उनके पास विदेशी खिलाड़ी नहीं होंगे। रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया है, "हमने मंगलवार रात से ही सरकार और आरसीबी फ्रेंचाइजी को बुधवार को कोई भी जश्न मनाने से रोकने की कोशिश की। हमने उनसे कहा कि यह गलत सलाह होगी और अगले रविवार को कार्यक्रम आयोजित करने की सिफारिश की, जब भावनाएं शांत हो जाएंगी। हमने उनसे कहा कि वे कोई जुलूस ना निकालें, बल्कि उसे एक जगह पर व्यवस्थित तरीके से निकालें। खिलाड़ियों को स्टेडियम में लेकर आएं और वहीं पर कार्यक्रम समाप्त करें।"

पुलिस का तर्क था कि फैंस के अंदर अभी खिताब जीतने के इमोशन्स हैं, क्योंकि आरसीबी ने 18 साल बाद ट्रॉफी जीती है। आप रविवार को इवेंट आयोजित कर सकते हैं, तब तक इमोशन्स कम हो जाएंगे और फैंस ज्यादा संख्या में नहीं पहुंचेंगे। उधर, आरसीबी फ्रेंचाइजी का तर्क था कि तब तक उनके विदेशी खिलाड़ी और यहां तक कि कई भारतीय खिलाड़ी भी उपलब्ध नहीं होंगे, क्योंकि आईपीएल पहले ही 8 दिन के लिए पोस्टपोन हो चुका था और अब इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत भी हो रही है। यही कारण है कि जल्दबाजी में इस इवेंट को आयोजित किया गया और इसमें 11 लोगों की जान चली गई और कई दर्जन लोग घायल भी हैं।


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