सेहतमंद रहने के लिए हम कई तरह की चीजों का सेवन करते हैं और उन्हीं में से एक हैं ड्राई फ्रूट्स भी है। अगर बात किशमिश का सेवन करने की करें तो,किशमिश का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्निशियम और फाइबर जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, किशमिश कई किस्म की आती है। लेकिन सबसे ज्यादा काली और पीली किशमिश का इस्तेमाल किया जाता है। आपको बता दें कि पीली और काली किशमिश दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। ऐसे में आइए जानते हैं काली और पीली किशमिश में कौन है ज्यादा फायदेमंद?
कौन सी किशमिश ज्यादा फायदेमंद होती है जानिए
डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, काली किशमिश की बात की जाए तो इसे गहरे रंग वाले अंगूरों से बनाया जाता है और इसे धूप में सुखाया जाता है, जिससे इसका रंग गहरा रहता है और इसमें किसी भी तरह का केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता।
आपको बता दें काली किशमिश पोषक तत्वों से भरपूर होती है, इसमें आयरन, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, पोटेशियम, कैल्शियम से लेकर फाइबर तक जाते हैं। ये हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है, खासकर महिलाओं के लिए फायदेमंद है।
काली किशमिश में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर को फ्री-रेडिकल डैमेज से बचाते है। फाइबर की मात्रा अधिक होने से कब्ज और पेट की समस्याएं कम होती है। यह स्किन और बालों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें नेचुरल मिठास होती है, जिसकी वजह से ये बिना चीनी के भी मीठा स्वाद देती है और तुरंत ऊर्जा देती है।
वहीं, अगर बात पीली किशमिश की बात की जाए तो अक्सर सफेद या हरे अंगूरों से बनाया जाता है और इसमें सल्फर डाइऑक्साइड नामक केमिकल का उपयोग करके सुखाया जाता है। ताकि इसका रंग सुनहरा और चमकदार बना रहे। ये किशमिश फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम, आयरन और कई विटामिन्स से भरपूर होती है। साथ ही ये विटामिन C और E का भी बढ़िया स्त्रोत भी माना जाता है।
अब अगर दोनों की तुलना करें तो काली किशमिश पीली किशमिश की तुलना में ज्यादा फायदेमंद है। पहला कारण तो ये नेचुरली सुखाई जाती है और इसमें किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता। जिसकी वजह ये हर किसी के लिए फायदेमंद है। हालांकि, पीली किशमिश भी खराब नहीं है। इसके सेवन से भी पाचनतंत्र दुरुस्त होती है और स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए भी कारगर माना जाता है।
सेहतमंद रहने के लिए हम कई तरह की चीजों का सेवन करते हैं और उन्हीं में से एक हैं ड्राई फ्रूट्स भी है। अगर बात किशमिश का सेवन करने की करें तो,किशमिश का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्निशियम और फाइबर जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, किशमिश कई किस्म की आती है। लेकिन सबसे ज्यादा काली और पीली किशमिश का इस्तेमाल किया जाता है। आपको बता दें कि पीली और काली किशमिश दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। ऐसे में आइए जानते हैं काली और पीली किशमिश में कौन है ज्यादा फायदेमंद?
कौन सी किशमिश ज्यादा फायदेमंद होती है जानिए
डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, काली किशमिश की बात की जाए तो इसे गहरे रंग वाले अंगूरों से बनाया जाता है और इसे धूप में सुखाया जाता है, जिससे इसका रंग गहरा रहता है और इसमें किसी भी तरह का केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता।
आपको बता दें काली किशमिश पोषक तत्वों से भरपूर होती है, इसमें आयरन, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, पोटेशियम, कैल्शियम से लेकर फाइबर तक जाते हैं। ये हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है, खासकर महिलाओं के लिए फायदेमंद है।
काली किशमिश में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर को फ्री-रेडिकल डैमेज से बचाते है। फाइबर की मात्रा अधिक होने से कब्ज और पेट की समस्याएं कम होती है। यह स्किन और बालों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें नेचुरल मिठास होती है, जिसकी वजह से ये बिना चीनी के भी मीठा स्वाद देती है और तुरंत ऊर्जा देती है।
वहीं, अगर बात पीली किशमिश की बात की जाए तो अक्सर सफेद या हरे अंगूरों से बनाया जाता है और इसमें सल्फर डाइऑक्साइड नामक केमिकल का उपयोग करके सुखाया जाता है। ताकि इसका रंग सुनहरा और चमकदार बना रहे। ये किशमिश फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम, आयरन और कई विटामिन्स से भरपूर होती है। साथ ही ये विटामिन C और E का भी बढ़िया स्त्रोत भी माना जाता है।
अब अगर दोनों की तुलना करें तो काली किशमिश पीली किशमिश की तुलना में ज्यादा फायदेमंद है। पहला कारण तो ये नेचुरली सुखाई जाती है और इसमें किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता। जिसकी वजह ये हर किसी के लिए फायदेमंद है। हालांकि, पीली किशमिश भी खराब नहीं है। इसके सेवन से भी पाचनतंत्र दुरुस्त होती है और स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए भी कारगर माना जाता है।



Journalist खबरीलाल














