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ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स में बढ़ा दिल्लीवेरी का दबदबा: ₹1407 करोड़ में हुआ ईकॉम एक्सप्रेस का अधिग्रहण:

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भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. मंगलवार को कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने Delhivery Ltd को ईकॉम एक्सप्रेस (Ecom Express Ltd) का कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने की मंजूरी दे दी है. यह डील करीब 1,407 करोड़ रुपये की नकद राशि में तय हुई है. दोनों कंपनियों के बीच ये डील कुछ महीने पहले फाइनल हो चुका था, अब CCI ने इस डील को मंजूरी दे दी है.


क्या है पूरा मामला?

Delhivery लिमिटेड ने अप्रैल 2025 में ऐलान किया था कि वह ईकॉम एक्सप्रेस के शेयरधारकों से कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी खरीदेगी. इस डील के तहत Delhivery कम से कम 99.44 फीसदी इक्विटी और प्रेफरेंस शेयर (पूरी तरह डायल्यूटेड आधार पर) खरीदेगी. CCI ने इस डील को मंजूरी देते हुए कहा कि यह अधिग्रहण कॉम्पटीशन के नियमों के आधार पर हुआ है और बाजार में किसी भी तरह की गलत कॉम्पटीशन को जन्म नहीं देगा.


क्यों हो रही है ये डील?

Delhivery एक लिस्टेड कंपनी है जो पूरे भारत में लॉजिस्टिक्स, लास्ट-माइल डिलीवरी, वेयरहाउसिंग और फुलफिलमेंट सेवाएं देती है. वहीं, ईकॉम एक्सप्रेस एक अनलिस्टेड कंपनी है, जो मुख्य रूप से ई-कॉमर्स कंपनियों को लॉजिस्टिक सॉल्यूशन देती है. इस डील के जरिए Delhivery अपने संचालन का विस्तार करना चाहती है और खासकर ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. गुरुग्राम स्थित ईकॉम एक्सप्रेस ने वित्त वर्ष 2023-24 में 2,607.3 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जो पिछले वर्ष 2,548.1 करोड़ रुपये था. यानी कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा है.


क्या बोले अधिकारी?

Delhivery Ltd ने कहा है कि यह अधिग्रहण कंपनी की स्केल बढ़ाने और ग्राहकों के लिए अपनी सर्विसेज को और मजबूत बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है. भारत में किसी भी बड़ी डील को CCI की मंजूरी जरूरी होती है, ताकि बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनी रहे और कोई भी कंपनी अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल न करे. यह डील तय नियमों के अंतर्गत थी, इसलिए CCI ने इसे पास कर दिया.


भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. मंगलवार को कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने Delhivery Ltd को ईकॉम एक्सप्रेस (Ecom Express Ltd) का कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने की मंजूरी दे दी है. यह डील करीब 1,407 करोड़ रुपये की नकद राशि में तय हुई है. दोनों कंपनियों के बीच ये डील कुछ महीने पहले फाइनल हो चुका था, अब CCI ने इस डील को मंजूरी दे दी है.


क्या है पूरा मामला?

Delhivery लिमिटेड ने अप्रैल 2025 में ऐलान किया था कि वह ईकॉम एक्सप्रेस के शेयरधारकों से कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी खरीदेगी. इस डील के तहत Delhivery कम से कम 99.44 फीसदी इक्विटी और प्रेफरेंस शेयर (पूरी तरह डायल्यूटेड आधार पर) खरीदेगी. CCI ने इस डील को मंजूरी देते हुए कहा कि यह अधिग्रहण कॉम्पटीशन के नियमों के आधार पर हुआ है और बाजार में किसी भी तरह की गलत कॉम्पटीशन को जन्म नहीं देगा.


क्यों हो रही है ये डील?

Delhivery एक लिस्टेड कंपनी है जो पूरे भारत में लॉजिस्टिक्स, लास्ट-माइल डिलीवरी, वेयरहाउसिंग और फुलफिलमेंट सेवाएं देती है. वहीं, ईकॉम एक्सप्रेस एक अनलिस्टेड कंपनी है, जो मुख्य रूप से ई-कॉमर्स कंपनियों को लॉजिस्टिक सॉल्यूशन देती है. इस डील के जरिए Delhivery अपने संचालन का विस्तार करना चाहती है और खासकर ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. गुरुग्राम स्थित ईकॉम एक्सप्रेस ने वित्त वर्ष 2023-24 में 2,607.3 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जो पिछले वर्ष 2,548.1 करोड़ रुपये था. यानी कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा है.


क्या बोले अधिकारी?

Delhivery Ltd ने कहा है कि यह अधिग्रहण कंपनी की स्केल बढ़ाने और ग्राहकों के लिए अपनी सर्विसेज को और मजबूत बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है. भारत में किसी भी बड़ी डील को CCI की मंजूरी जरूरी होती है, ताकि बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनी रहे और कोई भी कंपनी अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल न करे. यह डील तय नियमों के अंतर्गत थी, इसलिए CCI ने इसे पास कर दिया.


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