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News (खबरीलाल न्यूज़) : गंभीर-क्यूरेटर विवाद पर इरफान पठान का खौला खून, बोले- अंग्रेज ऐसा कर सकता है पर भारतीय नहीं:

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टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने गंभीर-क्यूरेटर कंट्रोवर्सी पर प्रतिक्रिया दी है। उनका 'भेदभाव' देखकर खून खौल उठा है। इरफान ने कहा कि इंग्लैंड के कोच को छूट है पर भारतीय कोच को रोका जा रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या औपनिवेशिक युग है? बता दें कि भारत के हेड केच गौतम गंभीर और ओवल के मुख्य क्यूरेटर ली फोर्टिस में तीखी नोकझोंक हुई थी। यह बहस तब शुरू हुई जब मंगलवार को फोर्टिस ने भारत के सहयोगी स्टाफ को पिच से 2.5 मीटर दूर खड़े रहने को कहा। हालांकि, फोर्टिस ने इंग्लैंड के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम को पिच पर जाने से नहीं रोका था।

मैकुलम और फोर्टिस पिच पर खड़े होकर बातचीत करते हुए नजर आए थे। भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार से ओवल में पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच खेल जाएगा। यह दोनों टीमों के लिए अहम मुकाबला है। भारत मैच जीतकर सीरीज बराबर करना चाहेगा जबकि इंग्लैंड टीम सीरीज पर 3-1 से कब्जा जमाने की फिराक में होगी। इरफान ने गंभीर-क्यूरेटर विवाद को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''तो क्या एक अंग्रेज कोच पिच का मुआयना करने के लिए मैदान पर जा सकता है? लेकिन एक भारतीय कोच नहीं? क्या हम अब भी औपनिवेशिक युग में फंसे हुए हैं?''

फोर्टिस ने जब भारत के सहयोगी स्टाफ को पिच से दूर खड़ा होने के निर्देश दिया तो गंभीर को इस मैदानकर्मियों की ओर ऊंगली उठाकर यह कहते सुना गया, ''तुम नहीं बताओगे कि हमें क्या करना है, तुम सिर्फ एक मैदानकर्मी हो और उससे ज्यादा कुछ नहीं।'' फोर्टिस पिछले तीन साल से इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के सर्वश्रेष्ठ ‘मल्टी-डे’ पिचों का पुरस्कार जीतते रहे है। इसके बावजूद समझा जाता है कि तुनक मिजाजी के कारण उनके साथ काम करना आसान नहीं है। भारत के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक को क्यूरेटर और गंभीर में बीच बचाव कराना पड़ा था।

कोटक ने कहा, ''जब हम पिच को परख रहे थे तभी मैदान के एक कर्मचारी ने आकर कहा कि (हमें) विकेट से 2.5 मीटर दूर खड़ा होना है और ‘रस्सी के बाहर से विकेट को देखना है। भारतीय टीम के सदस्यों ने स्पाइक्स (खिलाड़ियों के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कील वाले जूते) नहीं पहने थे, ऐसे में पिच को कोई खतरा नहीं था। मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे एक भारतीय खिलाड़ी ने कहा था कि इस क्यूरेटर के साथ काम करना आसान नहीं है। किसी चीज से लगाव होना अच्छा है, लेकिन बहुत ज्यादा लगाव होना अच्छा नहीं है। हमने जॉगर्स (सामान्य जूते) पहने थे, स्पाइक्स नहीं, इसलिए कोई खतरा नहीं था।''


टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने गंभीर-क्यूरेटर कंट्रोवर्सी पर प्रतिक्रिया दी है। उनका 'भेदभाव' देखकर खून खौल उठा है। इरफान ने कहा कि इंग्लैंड के कोच को छूट है पर भारतीय कोच को रोका जा रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या औपनिवेशिक युग है? बता दें कि भारत के हेड केच गौतम गंभीर और ओवल के मुख्य क्यूरेटर ली फोर्टिस में तीखी नोकझोंक हुई थी। यह बहस तब शुरू हुई जब मंगलवार को फोर्टिस ने भारत के सहयोगी स्टाफ को पिच से 2.5 मीटर दूर खड़े रहने को कहा। हालांकि, फोर्टिस ने इंग्लैंड के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम को पिच पर जाने से नहीं रोका था।

मैकुलम और फोर्टिस पिच पर खड़े होकर बातचीत करते हुए नजर आए थे। भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार से ओवल में पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच खेल जाएगा। यह दोनों टीमों के लिए अहम मुकाबला है। भारत मैच जीतकर सीरीज बराबर करना चाहेगा जबकि इंग्लैंड टीम सीरीज पर 3-1 से कब्जा जमाने की फिराक में होगी। इरफान ने गंभीर-क्यूरेटर विवाद को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''तो क्या एक अंग्रेज कोच पिच का मुआयना करने के लिए मैदान पर जा सकता है? लेकिन एक भारतीय कोच नहीं? क्या हम अब भी औपनिवेशिक युग में फंसे हुए हैं?''

फोर्टिस ने जब भारत के सहयोगी स्टाफ को पिच से दूर खड़ा होने के निर्देश दिया तो गंभीर को इस मैदानकर्मियों की ओर ऊंगली उठाकर यह कहते सुना गया, ''तुम नहीं बताओगे कि हमें क्या करना है, तुम सिर्फ एक मैदानकर्मी हो और उससे ज्यादा कुछ नहीं।'' फोर्टिस पिछले तीन साल से इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के सर्वश्रेष्ठ ‘मल्टी-डे’ पिचों का पुरस्कार जीतते रहे है। इसके बावजूद समझा जाता है कि तुनक मिजाजी के कारण उनके साथ काम करना आसान नहीं है। भारत के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक को क्यूरेटर और गंभीर में बीच बचाव कराना पड़ा था।

कोटक ने कहा, ''जब हम पिच को परख रहे थे तभी मैदान के एक कर्मचारी ने आकर कहा कि (हमें) विकेट से 2.5 मीटर दूर खड़ा होना है और ‘रस्सी के बाहर से विकेट को देखना है। भारतीय टीम के सदस्यों ने स्पाइक्स (खिलाड़ियों के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कील वाले जूते) नहीं पहने थे, ऐसे में पिच को कोई खतरा नहीं था। मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे एक भारतीय खिलाड़ी ने कहा था कि इस क्यूरेटर के साथ काम करना आसान नहीं है। किसी चीज से लगाव होना अच्छा है, लेकिन बहुत ज्यादा लगाव होना अच्छा नहीं है। हमने जॉगर्स (सामान्य जूते) पहने थे, स्पाइक्स नहीं, इसलिए कोई खतरा नहीं था।''


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