Breaking News

News (खबरीलाल न्यूज़) : बस्तर की सिंचाई क्षमता को मिलेगा नया जीवन: कोसारटेडा परियोजना के मुख्य नहर के जीर्णाेद्धार हेतु 41 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति:

post

रायपुर,  बस्तर अंचल के कृषकों के लिए राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ शासन के जल
संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर में संचालित कोसारटेडा
मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मुख्य नहर के 0 से 24 किलोमीटर खंड के
जीर्णाेद्धार कार्य हेतु 41 करोड़ 32 लाख 58 हजार रूपए की प्रशासकीय
स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 01 मई 2025 की दर के आधार पर दी गई
है।



इस योजना का उद्देश्य नहर की वर्तमान सिंचाई क्षमता को पुनर्स्थापित कर
कृषकों को अधिक जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है। वर्तमान में परियोजना की
रूपांकित सिंचाई क्षमता 11,120 हेक्टेयर है, जबकि वास्तविक उपयोग 6,622.40
हेक्टेयर ही हो पा रहा है। यह जीर्णाेद्धार कार्य इस कमी को पूरी तरह से
दूर करने हेतु निर्णायक साबित होगा।



राज्य शासन द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय से बस्तर अंचल के कृषकों
को सिंचाई की सुलभ एवं समुचित सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही क्षेत्रीय कृषि
उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। यह पहल विशेष रूप से
आदिवासी बहुल क्षेत्रों की जल संसाधन संरचनाओं को सशक्त करने की दिशा में
एक मील का पत्थर साबित होगी।


रायपुर,  बस्तर अंचल के कृषकों के लिए राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ शासन के जल
संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर में संचालित कोसारटेडा
मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मुख्य नहर के 0 से 24 किलोमीटर खंड के
जीर्णाेद्धार कार्य हेतु 41 करोड़ 32 लाख 58 हजार रूपए की प्रशासकीय
स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 01 मई 2025 की दर के आधार पर दी गई
है।



इस योजना का उद्देश्य नहर की वर्तमान सिंचाई क्षमता को पुनर्स्थापित कर
कृषकों को अधिक जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है। वर्तमान में परियोजना की
रूपांकित सिंचाई क्षमता 11,120 हेक्टेयर है, जबकि वास्तविक उपयोग 6,622.40
हेक्टेयर ही हो पा रहा है। यह जीर्णाेद्धार कार्य इस कमी को पूरी तरह से
दूर करने हेतु निर्णायक साबित होगा।



राज्य शासन द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय से बस्तर अंचल के कृषकों
को सिंचाई की सुलभ एवं समुचित सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही क्षेत्रीय कृषि
उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। यह पहल विशेष रूप से
आदिवासी बहुल क्षेत्रों की जल संसाधन संरचनाओं को सशक्त करने की दिशा में
एक मील का पत्थर साबित होगी।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner