नई दिल्ली: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि ‘गरीब रथ एक्सप्रेस’ का नाम बदलने के संबंध में रेलवे मंत्रालय को कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। यह बयान अमृतसर के कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में आया।
सांसद औजला ने सवाल किया था कि क्या सरकार इस बात से अवगत है कि कुछ यात्रियों को लगता है कि ‘गरीब रथ’ नाम उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह नाम अब उदीयमान मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं से मेल नहीं खाता, जो इस ट्रेन के नियमित यात्री हैं।
रेलवे की नई पहलों का किया जिक्र
इसके जवाब में रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे का मुख्य फोकस सभी वर्गों के लिए किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि गरीब रथ का नाम बदलने के लिए अब तक कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है।
वैष्णव ने रेलवे की नई पहलों का भी जिक्र किया, जिसमें वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत रैपिड रेल जैसी आधुनिक सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने इन ट्रेनों में उपलब्ध उन्नत सुरक्षा प्रणालियों और बेहतर यात्री सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला। रेल मंत्री के इस जवाब से यह साफ है कि फिलहाल गरीब रथ एक्सप्रेस का नाम बदलने की कोई योजना नहीं है।
अन्य मुद्दों पर भी दिया जवाब
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि ट्रेन क्लस्टर्स में खान-पान यानी कैटेरिंग के ठेकों का आवंटन पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आईआरसीटीसी मजबूत निगरानी प्रणाली के जरिए इसकी लगातार निगरानी करता है। यह बयान उस समय आया जब कॉर्पोरेशन में भ्रष्टाचार के आरोपों की बात सामने आई थी।
इसके अलावा, रेल कोच फैक्ट्रियों के संबंध में एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि इनकी स्थापना समग्र आवश्यकता को देखते हुए की जाती है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मौजूदा और नियोजित उत्पादन इकाइयां निकट भविष्य में रोलिंग स्टॉक की कुल आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।
नई दिल्ली: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि ‘गरीब रथ एक्सप्रेस’ का नाम बदलने के संबंध में रेलवे मंत्रालय को कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। यह बयान अमृतसर के कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में आया।
सांसद औजला ने सवाल किया था कि क्या सरकार इस बात से अवगत है कि कुछ यात्रियों को लगता है कि ‘गरीब रथ’ नाम उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह नाम अब उदीयमान मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं से मेल नहीं खाता, जो इस ट्रेन के नियमित यात्री हैं।
रेलवे की नई पहलों का किया जिक्र
इसके जवाब में रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे का मुख्य फोकस सभी वर्गों के लिए किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि गरीब रथ का नाम बदलने के लिए अब तक कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है।
वैष्णव ने रेलवे की नई पहलों का भी जिक्र किया, जिसमें वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत रैपिड रेल जैसी आधुनिक सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने इन ट्रेनों में उपलब्ध उन्नत सुरक्षा प्रणालियों और बेहतर यात्री सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला। रेल मंत्री के इस जवाब से यह साफ है कि फिलहाल गरीब रथ एक्सप्रेस का नाम बदलने की कोई योजना नहीं है।
अन्य मुद्दों पर भी दिया जवाब
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि ट्रेन क्लस्टर्स में खान-पान यानी कैटेरिंग के ठेकों का आवंटन पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आईआरसीटीसी मजबूत निगरानी प्रणाली के जरिए इसकी लगातार निगरानी करता है। यह बयान उस समय आया जब कॉर्पोरेशन में भ्रष्टाचार के आरोपों की बात सामने आई थी।
इसके अलावा, रेल कोच फैक्ट्रियों के संबंध में एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि इनकी स्थापना समग्र आवश्यकता को देखते हुए की जाती है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मौजूदा और नियोजित उत्पादन इकाइयां निकट भविष्य में रोलिंग स्टॉक की कुल आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।



Journalist खबरीलाल














