बिलासपुर । एनटीपीसी सीपत में कार्यरत कर्मचारियों ने मानवीय पहल करते हुए ग्राम पोंड़ी के दिवंगत श्रमिक स्व. श्याम कुमार और स्व. प्रताप सिंह के परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया। कर्मचारियों ने स्वैच्छिक अंशदान के माध्यम से ₹7,19,400 की राशि एकत्र की।
इसके अतिरिक्त, एनटीपीसी की कल्याणकारी क्लब संगवारी महिला समिति ने भी आगे आकर प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹25,000 की सहायता राशि दी, यानी कुल ₹50,000 का योगदान।
अंततः, प्रत्येक दिवंगत के परिवार के आश्रितों को ₹3,84,700 की आर्थिक सहायता दी गई। यह राशि तहसीलदार सीपत, जनप्रतिनिधि, सीपत पुलिस व मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सौंपी गई।
विदित हो कि दोनों संविदा श्रमिकों के परिवारों को पहले ही 6 अगस्त को अंतिम संस्कार हेतु ₹50,000 नकद प्रदान किए गए थे। साथ ही, एनटीपीसी सीपत और ठेकेदार मेसर्स गोरखपुर कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. ने 5-5 लाख रुपये मुआवजा, ईएसआई पेंशन सुविधा और आश्रित को संविदा पर रोजगार देने की घोषणा की है।
एनटीपीसी सीपत ने अपनी मानवीय संवेदना एवं सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए मृतक परिवारो को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध करा कर एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिसकी चर्चा आज सभी कर रहे है।
बिलासपुर । एनटीपीसी सीपत में कार्यरत कर्मचारियों ने मानवीय पहल करते हुए ग्राम पोंड़ी के दिवंगत श्रमिक स्व. श्याम कुमार और स्व. प्रताप सिंह के परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया। कर्मचारियों ने स्वैच्छिक अंशदान के माध्यम से ₹7,19,400 की राशि एकत्र की।
इसके अतिरिक्त, एनटीपीसी की कल्याणकारी क्लब संगवारी महिला समिति ने भी आगे आकर प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹25,000 की सहायता राशि दी, यानी कुल ₹50,000 का योगदान।
अंततः, प्रत्येक दिवंगत के परिवार के आश्रितों को ₹3,84,700 की आर्थिक सहायता दी गई। यह राशि तहसीलदार सीपत, जनप्रतिनिधि, सीपत पुलिस व मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सौंपी गई।
विदित हो कि दोनों संविदा श्रमिकों के परिवारों को पहले ही 6 अगस्त को अंतिम संस्कार हेतु ₹50,000 नकद प्रदान किए गए थे। साथ ही, एनटीपीसी सीपत और ठेकेदार मेसर्स गोरखपुर कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. ने 5-5 लाख रुपये मुआवजा, ईएसआई पेंशन सुविधा और आश्रित को संविदा पर रोजगार देने की घोषणा की है।
एनटीपीसी सीपत ने अपनी मानवीय संवेदना एवं सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए मृतक परिवारो को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध करा कर एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिसकी चर्चा आज सभी कर रहे है।



Journalist खबरीलाल














