भाद्रपद मास की पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। इस दिन से पितृपक्ष भी शुरू हो रहे हैं। यह रविवार को रात 9:58 PM आईएसटी से शुरू होगा और अगले दिन आधीरात 1:26 तक लगेगा। इस ग्रहण का पीक रात 11 बजे से देर रात 12.22 तक होगा। इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखेगा, इसे आसमान में अलग ही नजारा देखने को मिलेगा। यह चंद्रग्रहण देशभर में दिखाई देगा, जिस देश में ग्रहण दिखाई देता है, वहां इसका सूतक काल माना जाता है। शास्त्रों की मानें तो राहु ग्रह का संबंध ग्रहण से है। इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा। राहु ने अपना शत्रु मानते हुए पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को निगलने का प्रयास किया, जो चंद्र ग्रहण का रूप लेता है। ग्रहण के सूतक के दौरान पूजा-पाठ, खाना पकाना और खाना-पीना आदि काम नहीं किए जाते हैं, भगवान की पूजा भी इस समय वर्जित होती हैं। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
कब से लगेगा सितंबर चंद्रग्रहण का सूतक, कहां -कहां दिखेगा चंद्रग्रहण
आपको बता दें कि इस ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले लग जाएगा। सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले, 7 सितंबर को दोपहर 12:56 बजे से शुरू होगा। इसलिए बड़े मंदिरों के कपाट भी इस दौरान बंद कर दिए जाएंगे। भगवान वेंकटेश्वर का तिरुमाला मंदिर 7 सितंबर को चंद्रग्रहण के कारण लगभग 12 घंटे के लिए बंद रहेगा। मंदिर परंपरा के अनुसार ग्रहण लगने से पहले कपाट बंद कर दिए जाते हैं। 8 सितंबर को सुबह 3 बजे शुद्धि और दूसरे अनुष्ठान के बाद द्वार खोले जाएंगे। इस साल 7 सितंबर का चंद्रग्रहण भारत के कई शहरों में दिखाई देगा। यह ग्रहण दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, बंगलुरु, गोवा आदि में दिखाई देगा।
ग्रहण के बाद किया जाता है दान
आपको बता दें कि जब ग्रहण समाप्त हो जाता है तो ग्रहण का दान किया जाता है। चंद्र ग्रहण के दान में चावल, चीनी, सफेद मिठाई, दूध आदि का दान करना उत्तम माना जाता है।
भाद्रपद मास की पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। इस दिन से पितृपक्ष भी शुरू हो रहे हैं। यह रविवार को रात 9:58 PM आईएसटी से शुरू होगा और अगले दिन आधीरात 1:26 तक लगेगा। इस ग्रहण का पीक रात 11 बजे से देर रात 12.22 तक होगा। इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखेगा, इसे आसमान में अलग ही नजारा देखने को मिलेगा। यह चंद्रग्रहण देशभर में दिखाई देगा, जिस देश में ग्रहण दिखाई देता है, वहां इसका सूतक काल माना जाता है। शास्त्रों की मानें तो राहु ग्रह का संबंध ग्रहण से है। इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा। राहु ने अपना शत्रु मानते हुए पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को निगलने का प्रयास किया, जो चंद्र ग्रहण का रूप लेता है। ग्रहण के सूतक के दौरान पूजा-पाठ, खाना पकाना और खाना-पीना आदि काम नहीं किए जाते हैं, भगवान की पूजा भी इस समय वर्जित होती हैं। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
कब से लगेगा सितंबर चंद्रग्रहण का सूतक, कहां -कहां दिखेगा चंद्रग्रहण
आपको बता दें कि इस ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले लग जाएगा। सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले, 7 सितंबर को दोपहर 12:56 बजे से शुरू होगा। इसलिए बड़े मंदिरों के कपाट भी इस दौरान बंद कर दिए जाएंगे। भगवान वेंकटेश्वर का तिरुमाला मंदिर 7 सितंबर को चंद्रग्रहण के कारण लगभग 12 घंटे के लिए बंद रहेगा। मंदिर परंपरा के अनुसार ग्रहण लगने से पहले कपाट बंद कर दिए जाते हैं। 8 सितंबर को सुबह 3 बजे शुद्धि और दूसरे अनुष्ठान के बाद द्वार खोले जाएंगे। इस साल 7 सितंबर का चंद्रग्रहण भारत के कई शहरों में दिखाई देगा। यह ग्रहण दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, बंगलुरु, गोवा आदि में दिखाई देगा।
ग्रहण के बाद किया जाता है दान
आपको बता दें कि जब ग्रहण समाप्त हो जाता है तो ग्रहण का दान किया जाता है। चंद्र ग्रहण के दान में चावल, चीनी, सफेद मिठाई, दूध आदि का दान करना उत्तम माना जाता है।



Journalist खबरीलाल














