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News (खबरीलाल न्यूज़) : गाजा में अमेरिका और उसके साथियों की चलेगी सरकार? दो साल के लिए क्या बना प्लान:

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तेल अवीव. फिलिस्तीन के गाजा में फिलहाल सीजफायर हो गया है। दो साल से ज्यादा चली जंग के बाद फिलिस्तीन और इजरायल के बीच संघर्ष विराम हुआ है। इस बीच गाजा में सरकार चलाने के प्लान पर मंथन शुरू हो गया है। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी एक प्रस्ताव रखे जाने की तैयारी है। इसके तहत अमेरिका और उसके सहयोगी देश ही गाजा में अस्थायी सरकार चलाएंगे। वहां शांति बहाली से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर तक का सारा काम अमेरिका और उसके सहयोगी देश ही संभालेंगे। यह करार दो साल के लिए करने की तैयारी है। इसका ड्राफ्ट बना लिया गया है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश किया जाएगा।





डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसके मुताबिक अगले दो साल तक गाजा में सुरक्षा की व्यवस्था अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के पास रहेगी। ये देश ही वहां सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। Axios की रिपोर्ट के अनुसार गाजा में व्यवस्था संभालने वाले बल का नाम इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स होगा। इजरायल और मिस्र से लगती सीमा पर खासतौर पर यह फोर्स निगरानी रखेगी। इस दौरान यह ख्याल रखा जाएगा कि गाजा के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। इसके अलावा फिलिस्तीन के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचे और वहां इन्फ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जा सके।





इस फोर्स को यह जिम्मेदारी भी मिलेगी कि वह हमास के पास मौजूद हथियारों को वापस ले। बता दें कि इजरायल भी ऐसी फोर्स की स्थापना को लेकर सहमत है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि यह फोर्स पड़ोसी देशों के हितों का भी ख्याल रखेगी। इससे स्पष्ट है कि इजरायल की सलाह और उसके हितों का भी इसमें पूरा ख्याल रखा गया है। फिलहाल जोर इस बात पर रहेगा कि किसी भी तरह हमास से हथियार छीन लिए जाएं। सीजफायर में भी यह बात शामिल थी कि हमास अपने हथियार छोड़ देगा और उसके बाद ही शांति को बहाल रखा जाएगा। हालांकि हमास अपने हथियारों को त्यागने के मूड में नहीं दिख रहा है। ऐसे में अगला टकराव इसी मसले पर हो सकता है।




तेल अवीव. फिलिस्तीन के गाजा में फिलहाल सीजफायर हो गया है। दो साल से ज्यादा चली जंग के बाद फिलिस्तीन और इजरायल के बीच संघर्ष विराम हुआ है। इस बीच गाजा में सरकार चलाने के प्लान पर मंथन शुरू हो गया है। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी एक प्रस्ताव रखे जाने की तैयारी है। इसके तहत अमेरिका और उसके सहयोगी देश ही गाजा में अस्थायी सरकार चलाएंगे। वहां शांति बहाली से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर तक का सारा काम अमेरिका और उसके सहयोगी देश ही संभालेंगे। यह करार दो साल के लिए करने की तैयारी है। इसका ड्राफ्ट बना लिया गया है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश किया जाएगा।





डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसके मुताबिक अगले दो साल तक गाजा में सुरक्षा की व्यवस्था अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के पास रहेगी। ये देश ही वहां सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। Axios की रिपोर्ट के अनुसार गाजा में व्यवस्था संभालने वाले बल का नाम इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स होगा। इजरायल और मिस्र से लगती सीमा पर खासतौर पर यह फोर्स निगरानी रखेगी। इस दौरान यह ख्याल रखा जाएगा कि गाजा के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। इसके अलावा फिलिस्तीन के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचे और वहां इन्फ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जा सके।





इस फोर्स को यह जिम्मेदारी भी मिलेगी कि वह हमास के पास मौजूद हथियारों को वापस ले। बता दें कि इजरायल भी ऐसी फोर्स की स्थापना को लेकर सहमत है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि यह फोर्स पड़ोसी देशों के हितों का भी ख्याल रखेगी। इससे स्पष्ट है कि इजरायल की सलाह और उसके हितों का भी इसमें पूरा ख्याल रखा गया है। फिलहाल जोर इस बात पर रहेगा कि किसी भी तरह हमास से हथियार छीन लिए जाएं। सीजफायर में भी यह बात शामिल थी कि हमास अपने हथियार छोड़ देगा और उसके बाद ही शांति को बहाल रखा जाएगा। हालांकि हमास अपने हथियारों को त्यागने के मूड में नहीं दिख रहा है। ऐसे में अगला टकराव इसी मसले पर हो सकता है।



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