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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) : राजधानी में 9 सूत्रीय मांगों को लेकर युक्ति युक्तकरण पीड़ित शिक्षकों की बैठक संपन्न :

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 शिक्षक के समूह ने कहा - युक्ति युक्तकरण से नहीं  इससे  ठीक ढंग से पालन नहीं होने से हो रही समस्या से है परेशानी,14 नवंबर को दिया जाएगा एक दिवसीय धरना

रायपुर।राजधानी में आज युक्ति युक्त करण पीड़ित शिक्षक संघ की बैठक 9 सूत्री अपने मांगों को लेकर सम्पन्न हुई ।
   बैठक में युक्ति युक्तकरण प्रक्रिया के कारण विगत कई माह से गंभीर प्रशासनिक अन्याय एवं मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं पीड़ित शिक्षकों ने अपनी बातों को सामने रखा एवं कहा शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। अपने ज्ञापन को लेकर उन्होंने कहा है कि  विभागीय स्तर पर बार-बार निवेदन करने के बावजूद समस्याओं का समाधान न कर कार्यवाही का डर दिखाया जा रहा है जिससे प्रभावित शिक्षकों को अनेक समस्याओं व परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में अपनी मांगों को लेकर शिक्षकों ने आगे की रणनीति भी तय की है। शिक्षकों ने कहा कि युक्ति युक्तिकरण सरकार की सही है परंतु इसमें अनेक विसंगतियां हैं और नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है इसके चलते शिक्षक पीड़ित है, अगर उनके समस्याओं का समाधान समय में नहीं होता है तो 14 नवंबर को एक दिवसीय शांतिपूर्वक धरना दिया जाएगा इसके बाद भी बात नहीं बनी तो 24 नवंबर से अनिश्चितकालीन में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

युक्ति युक्तकरण पीड़ित शिक्षक समूह ने अपने  प्रमुख मांगों को सामने रखा है जो निम्नलिखित है
 —

1. वरिष्ठता निर्धारण में त्रुटि कर कनिष्ठ शिक्षकों को वरीयता दी गई तथा वरिष्ठ शिक्षकों को अनुचित रूप से “अतिशेष” घोषित किया गया।
2. पूर्व से विषयवार पदस्थ शिक्षकों वाले विद्यालयों में भी नए पदोन्नत शिक्षकों को पदस्थ कर जानबूझकर नियम विरुद्ध “अतिशेष” घोषित किया गया।
3. वास्तविक रिक्त पदों को छिपाकर और आवश्यकता से अधिक पदांकन दर्शाकर युक्तियुक्तीकरण की प्रक्रिया अपनाई गई, जो नियम एवं पारदर्शिता दोनों के विपरीत है।
4. न्यायालयीन प्रकरण होने व न्यायलीन निर्देशों के बावजूद पिछले 5–6 महीनों से संबंधित शिक्षकों का मूल शाला में ना तो कार्यभार ग्रहण कराया गया  ऊपर से  वेतन आहरण 5-6 माह से अनैतिक एवं अवैधानिक रूप से रोका गया है, जिससे शिक्षक-परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
5. अभ्यावेदन एवं स्पष्टीकरणों पर विभागीय स्तर पर गठित चार स्तरीय समितियां में अभ्यावेदन लेने से इनकार किया जा रहा और किसी तरह से ले भी दिया जाता है तो उचित सुनवाई नहीं की जा रही है, जिससे शिक्षक वर्ग में असंतोष व्याप्त है।
6. पति पत्नि एक स्थान आधार पर पूर्व में स्थानांतरण करवाकर आए है उन्हें युक्तिकरण में फिर दूर भेजना सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के विपरीत है (साथ ही पूरे सर्विस काल में सिर्फ एक बार पति पत्नि आधार पर स्थानांतरण हो सकता है ) ,
7. गंभीर बीमारी के आधार तो पूर्व से लागू है अनुसार राहत मिलनी चाहिए ।
8. 2008 सेटअप पदसंरचना अनुसार अतिशेष चिन्हाकन किया जाय ।
9. इन परिस्थितियों से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और विद्यालयों में शिक्षण कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।



 शिक्षक के समूह ने कहा - युक्ति युक्तकरण से नहीं  इससे  ठीक ढंग से पालन नहीं होने से हो रही समस्या से है परेशानी,14 नवंबर को दिया जाएगा एक दिवसीय धरना

रायपुर।राजधानी में आज युक्ति युक्त करण पीड़ित शिक्षक संघ की बैठक 9 सूत्री अपने मांगों को लेकर सम्पन्न हुई ।
   बैठक में युक्ति युक्तकरण प्रक्रिया के कारण विगत कई माह से गंभीर प्रशासनिक अन्याय एवं मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं पीड़ित शिक्षकों ने अपनी बातों को सामने रखा एवं कहा शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। अपने ज्ञापन को लेकर उन्होंने कहा है कि  विभागीय स्तर पर बार-बार निवेदन करने के बावजूद समस्याओं का समाधान न कर कार्यवाही का डर दिखाया जा रहा है जिससे प्रभावित शिक्षकों को अनेक समस्याओं व परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में अपनी मांगों को लेकर शिक्षकों ने आगे की रणनीति भी तय की है। शिक्षकों ने कहा कि युक्ति युक्तिकरण सरकार की सही है परंतु इसमें अनेक विसंगतियां हैं और नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है इसके चलते शिक्षक पीड़ित है, अगर उनके समस्याओं का समाधान समय में नहीं होता है तो 14 नवंबर को एक दिवसीय शांतिपूर्वक धरना दिया जाएगा इसके बाद भी बात नहीं बनी तो 24 नवंबर से अनिश्चितकालीन में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

युक्ति युक्तकरण पीड़ित शिक्षक समूह ने अपने  प्रमुख मांगों को सामने रखा है जो निम्नलिखित है
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1. वरिष्ठता निर्धारण में त्रुटि कर कनिष्ठ शिक्षकों को वरीयता दी गई तथा वरिष्ठ शिक्षकों को अनुचित रूप से “अतिशेष” घोषित किया गया।
2. पूर्व से विषयवार पदस्थ शिक्षकों वाले विद्यालयों में भी नए पदोन्नत शिक्षकों को पदस्थ कर जानबूझकर नियम विरुद्ध “अतिशेष” घोषित किया गया।
3. वास्तविक रिक्त पदों को छिपाकर और आवश्यकता से अधिक पदांकन दर्शाकर युक्तियुक्तीकरण की प्रक्रिया अपनाई गई, जो नियम एवं पारदर्शिता दोनों के विपरीत है।
4. न्यायालयीन प्रकरण होने व न्यायलीन निर्देशों के बावजूद पिछले 5–6 महीनों से संबंधित शिक्षकों का मूल शाला में ना तो कार्यभार ग्रहण कराया गया  ऊपर से  वेतन आहरण 5-6 माह से अनैतिक एवं अवैधानिक रूप से रोका गया है, जिससे शिक्षक-परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
5. अभ्यावेदन एवं स्पष्टीकरणों पर विभागीय स्तर पर गठित चार स्तरीय समितियां में अभ्यावेदन लेने से इनकार किया जा रहा और किसी तरह से ले भी दिया जाता है तो उचित सुनवाई नहीं की जा रही है, जिससे शिक्षक वर्ग में असंतोष व्याप्त है।
6. पति पत्नि एक स्थान आधार पर पूर्व में स्थानांतरण करवाकर आए है उन्हें युक्तिकरण में फिर दूर भेजना सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के विपरीत है (साथ ही पूरे सर्विस काल में सिर्फ एक बार पति पत्नि आधार पर स्थानांतरण हो सकता है ) ,
7. गंभीर बीमारी के आधार तो पूर्व से लागू है अनुसार राहत मिलनी चाहिए ।
8. 2008 सेटअप पदसंरचना अनुसार अतिशेष चिन्हाकन किया जाय ।
9. इन परिस्थितियों से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और विद्यालयों में शिक्षण कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।


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