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Raipu (खबरीलाल न्यूज़) : मुख्यमंत्री साय ने प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर किया सादर स्मरण:

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रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती (4 जनवरी) के अवसर पर उनके उत्कृष्ट साहित्यिक अवदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया है। 





    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय पाण्डेय जी ने अपनी सशक्त लेखनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक  परंपराओं को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर जिले के बालपुर गाँव में जन्मे स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय जी ने छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं ओड़िया भाषाओं में सृजन करते हुए बहुभाषी साहित्य साधना का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी रचनाओं में लोकजीवन, नैतिक मूल्य, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाएँ अत्यंत प्रभावशाली रूप में अभिव्यक्त हुई हैं।





    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय पाण्डेय जी का साहित्य संयम, सदाचार, चरित्र निर्माण और सामाजिक जागरण का सशक्त माध्यम रहा है।छत्तीसगढ़ के साहित्यिक गौरव के रूप में उनका नाम सदैव आदरपूर्वक स्मरण किया जाता रहेगा। ‘साहित्य वाचस्पति’ सम्मान से अलंकृत उनका व्यक्तित्व और कृतित्व छत्तीसगढ़ की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की साहित्यिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देती रहेगी।




रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती (4 जनवरी) के अवसर पर उनके उत्कृष्ट साहित्यिक अवदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया है। 





    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय पाण्डेय जी ने अपनी सशक्त लेखनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक  परंपराओं को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर जिले के बालपुर गाँव में जन्मे स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय जी ने छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं ओड़िया भाषाओं में सृजन करते हुए बहुभाषी साहित्य साधना का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी रचनाओं में लोकजीवन, नैतिक मूल्य, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाएँ अत्यंत प्रभावशाली रूप में अभिव्यक्त हुई हैं।





    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय पाण्डेय जी का साहित्य संयम, सदाचार, चरित्र निर्माण और सामाजिक जागरण का सशक्त माध्यम रहा है।छत्तीसगढ़ के साहित्यिक गौरव के रूप में उनका नाम सदैव आदरपूर्वक स्मरण किया जाता रहेगा। ‘साहित्य वाचस्पति’ सम्मान से अलंकृत उनका व्यक्तित्व और कृतित्व छत्तीसगढ़ की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की साहित्यिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देती रहेगी।



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