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News (खबरीलाल न्यूज़) : 33 फीट लंबा, दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार पहुंचा, इस दिन होगी विराट रामायण मंदिर में स्थापना:

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विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से हजारों किलोमीटर की यात्रा तय करके बिहार पहुंच चुका है। यह विशाल शिवलिंग जैसे ही राज्य में पहुंचा, इसे देखने और इसके दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रिपोर्ट के अनुसार, यह शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा।





महाबलीपुरम से गोपालगंज तक की यात्रा





दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से विशेष तौर पर तैयार किए गए वाहन से बिहार लाया गया है। लगभग 45 दिनों की लंबी यात्रा तय करने के बाद यह विशाल शिवलिंग सबसे पहले गोपालगंज शहर पहुंचा।





भक्तिमय माहौल: शिवलिंग के गोपालगंज पहुंचते ही हजारों की संख्या में लोग इसके दर्शन और फोटो लेने के लिए उमड़ पड़े। पूरा इलाका भक्तिमय हो गया और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।





स्थापना स्थल: इस विशाल शिवलिंग को पूर्वी चंपारण में स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा।





दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की खासियतें





यह विशाल शिवलिंग अपनी कई विशेषताओं के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध हो चुका है। इसका निर्माण और इसकी डिजाइनिंग इसे अन्य शिवलिंगों से काफी अलग बनाती है:





विशाल आकार: इस विशाल शिवलिंग की लंबाई और चौड़ाई 33 फीट है।





अचंभित करने वाला वजन: इस शिवलिंग का वजन करीब 210 टन है, जो इसे सचमुच विशाल बनाता है।





एक हजार छोटे शिवलिंग: इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस एक विशाल शिवलिंग में कारीगरी के द्वारा करीब एक हजार छोटे-छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं, जो इसे अद्वितीय और अत्यंत पूजनीय बनाते हैं।





17 जनवरी को होगी स्थापना





रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विशाल शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को विराट रामायण मंदिर परिसर में की जाएगी।





स्वागत और पूजा: मंदिर में प्रवेश से पहले, शिवलिंग का बैंड-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और आरती की जाएगी।





स्थापना प्रक्रिया: 17 जनवरी को शिवलिंग की पीठ पूजा, हवन और विधि-विधान के साथ स्थापना की जाएगी। यह दिन बिहार और देश के सभी शिव भक्तों के लिए ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।




विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से हजारों किलोमीटर की यात्रा तय करके बिहार पहुंच चुका है। यह विशाल शिवलिंग जैसे ही राज्य में पहुंचा, इसे देखने और इसके दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रिपोर्ट के अनुसार, यह शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा।





महाबलीपुरम से गोपालगंज तक की यात्रा





दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से विशेष तौर पर तैयार किए गए वाहन से बिहार लाया गया है। लगभग 45 दिनों की लंबी यात्रा तय करने के बाद यह विशाल शिवलिंग सबसे पहले गोपालगंज शहर पहुंचा।





भक्तिमय माहौल: शिवलिंग के गोपालगंज पहुंचते ही हजारों की संख्या में लोग इसके दर्शन और फोटो लेने के लिए उमड़ पड़े। पूरा इलाका भक्तिमय हो गया और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।





स्थापना स्थल: इस विशाल शिवलिंग को पूर्वी चंपारण में स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा।





दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की खासियतें





यह विशाल शिवलिंग अपनी कई विशेषताओं के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध हो चुका है। इसका निर्माण और इसकी डिजाइनिंग इसे अन्य शिवलिंगों से काफी अलग बनाती है:





विशाल आकार: इस विशाल शिवलिंग की लंबाई और चौड़ाई 33 फीट है।





अचंभित करने वाला वजन: इस शिवलिंग का वजन करीब 210 टन है, जो इसे सचमुच विशाल बनाता है।





एक हजार छोटे शिवलिंग: इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस एक विशाल शिवलिंग में कारीगरी के द्वारा करीब एक हजार छोटे-छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं, जो इसे अद्वितीय और अत्यंत पूजनीय बनाते हैं।





17 जनवरी को होगी स्थापना





रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विशाल शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को विराट रामायण मंदिर परिसर में की जाएगी।





स्वागत और पूजा: मंदिर में प्रवेश से पहले, शिवलिंग का बैंड-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और आरती की जाएगी।





स्थापना प्रक्रिया: 17 जनवरी को शिवलिंग की पीठ पूजा, हवन और विधि-विधान के साथ स्थापना की जाएगी। यह दिन बिहार और देश के सभी शिव भक्तों के लिए ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।



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