अजमेर। राजस्थान के अजमेर जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चिकित्सकों ने अत्यंत जटिल एवं दुर्लभ ऑपरेशन कर पेट के दो टुकड़े हो चुके मरीज की जान बचाने में सफलता हासिल की है। चिकित्सकों ने इसे देश का पहला और दुनिया का छठा सफल 'गैस्ट्रिक ट्रांसेक्शन' आपरेशन बताया है। पिछले साल 6 जून को मार्बल फैक्टरी में भारी ट्रॉली से कुचले गए युवक नुरसेद (29) का पेट (आमाशय) दो हिस्सों में कट गया था।
तिल्ली और किडनी में गंभीर चोट, 8-पसलियां चकनाचूर हो गईऔर कूल्हे की हड्डी के दो फ्रैक्चर हो गए। चिकित्स ने इमरजेंसी एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी' के जरिए पेट की जटिल रिपेयरिंग और सफल रिकवरी की। अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे के अनुसार मरीज की हालत बहूत नाजुक थी। मरीज अब पूरी तर स्वस्थ हो चुका है।
अजमेर। राजस्थान के अजमेर जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चिकित्सकों ने अत्यंत जटिल एवं दुर्लभ ऑपरेशन कर पेट के दो टुकड़े हो चुके मरीज की जान बचाने में सफलता हासिल की है। चिकित्सकों ने इसे देश का पहला और दुनिया का छठा सफल 'गैस्ट्रिक ट्रांसेक्शन' आपरेशन बताया है। पिछले साल 6 जून को मार्बल फैक्टरी में भारी ट्रॉली से कुचले गए युवक नुरसेद (29) का पेट (आमाशय) दो हिस्सों में कट गया था।
तिल्ली और किडनी में गंभीर चोट, 8-पसलियां चकनाचूर हो गईऔर कूल्हे की हड्डी के दो फ्रैक्चर हो गए। चिकित्स ने इमरजेंसी एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी' के जरिए पेट की जटिल रिपेयरिंग और सफल रिकवरी की। अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे के अनुसार मरीज की हालत बहूत नाजुक थी। मरीज अब पूरी तर स्वस्थ हो चुका है।



Journalist खबरीलाल














