तेहरान - इजरायल-अमेरिका और ईरान की जंग ने गल्फ के कई देशों को अपनी जद में ले रखा है. ईरान के ड्रोन और मिसाइल पड़ोस के कई खाड़ी देशों पर गिर रहे हैं, जिससे मिडिल ईस्ट के कई देशों में जंग के हालात है. इस बीच शनिवार को इस जंग के 8वें दिन कई नए अहम मोड़ देखने को मिले. जंग के बीच शनिवार को एक बड़ी अपडेट तब सामने आई तब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पड़ोस के खाड़ी देशों के नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों के लिए निजी तौर पर माफी मांगी. उन्होंने कहा कि हालिया युद्ध के दौरान जिन पड़ोसी देशों की तरफ हमले हुए, उसके लिए उन्हें खेद है. पेजेशकियान ने भरोसा दिलाया कि अब पड़ोसी देशों को तब तक निशाना नहीं बनाया जाएगा, जब तक उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न हो.
लेकिन राष्ट्रपति के इस बयान के बाद भी शनिवार को ईरान के ड्रोन की धमक सऊदी से लेकर दुबई तक फिर महसूस किए गए. एक तरफ राष्ट्रपति शांति की बात कर रहे थे, दूसरी तरफ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अबू धाबी के पास अमेरिकी 'अल धफरा' एयर बेस पर ड्रोन से हमला कर दिया. दुबई से भी ईरानी ड्रोन अटैक की बात सामने आई.
राष्ट्रपति के बयान के बाद हुए ये हमले विरोधाभाषी है. कई जानकार इसे ईरान का माइंड गेम बता रहे हैं. दरअसल IRGC के जनसंपर्क कार्यालय ने शनिवार को घोषणा की कि IRGC नौसेना के ड्रोन प्रभाग ने आज सुबह अल धाफरा हवाई अड्डे पर एक बड़ा हमला किया. ड्रोन हमले में लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया. इस हमले में अमेरिकी हवाई युद्ध का कमांड सेंटर, उपग्रह संचार केंद्र, प्रारंभिक चेतावनी रडार और फायर कंट्रोल रडार नष्ट हो गए.
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के ऊपर एक तेज धमाके की आवाज सुनी गई. AFP को एक चश्मदीद ने बताया कि धमाके के तुरंत बाद आसमान में धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया. घटना उस समय हुई जब ईरान खाड़ी के कई हिस्सों में हमले तेज़ कर रहा है. इस हमले के बाद दुबई से आने और दुबई जाने वाली सभी उड़ानों को कुछ घंटों को रोकना पड़ा.
तेहरान - इजरायल-अमेरिका और ईरान की जंग ने गल्फ के कई देशों को अपनी जद में ले रखा है. ईरान के ड्रोन और मिसाइल पड़ोस के कई खाड़ी देशों पर गिर रहे हैं, जिससे मिडिल ईस्ट के कई देशों में जंग के हालात है. इस बीच शनिवार को इस जंग के 8वें दिन कई नए अहम मोड़ देखने को मिले. जंग के बीच शनिवार को एक बड़ी अपडेट तब सामने आई तब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पड़ोस के खाड़ी देशों के नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों के लिए निजी तौर पर माफी मांगी. उन्होंने कहा कि हालिया युद्ध के दौरान जिन पड़ोसी देशों की तरफ हमले हुए, उसके लिए उन्हें खेद है. पेजेशकियान ने भरोसा दिलाया कि अब पड़ोसी देशों को तब तक निशाना नहीं बनाया जाएगा, जब तक उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न हो.
लेकिन राष्ट्रपति के इस बयान के बाद भी शनिवार को ईरान के ड्रोन की धमक सऊदी से लेकर दुबई तक फिर महसूस किए गए. एक तरफ राष्ट्रपति शांति की बात कर रहे थे, दूसरी तरफ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अबू धाबी के पास अमेरिकी 'अल धफरा' एयर बेस पर ड्रोन से हमला कर दिया. दुबई से भी ईरानी ड्रोन अटैक की बात सामने आई.
राष्ट्रपति के बयान के बाद हुए ये हमले विरोधाभाषी है. कई जानकार इसे ईरान का माइंड गेम बता रहे हैं. दरअसल IRGC के जनसंपर्क कार्यालय ने शनिवार को घोषणा की कि IRGC नौसेना के ड्रोन प्रभाग ने आज सुबह अल धाफरा हवाई अड्डे पर एक बड़ा हमला किया. ड्रोन हमले में लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया. इस हमले में अमेरिकी हवाई युद्ध का कमांड सेंटर, उपग्रह संचार केंद्र, प्रारंभिक चेतावनी रडार और फायर कंट्रोल रडार नष्ट हो गए.
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के ऊपर एक तेज धमाके की आवाज सुनी गई. AFP को एक चश्मदीद ने बताया कि धमाके के तुरंत बाद आसमान में धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया. घटना उस समय हुई जब ईरान खाड़ी के कई हिस्सों में हमले तेज़ कर रहा है. इस हमले के बाद दुबई से आने और दुबई जाने वाली सभी उड़ानों को कुछ घंटों को रोकना पड़ा.



Journalist खबरीलाल














