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Chhattisgarh (खबरीलाल न्यूज़) :: आमाघाट अफीम मामले में पुलिस को बड़ी सफलता, फरार आरोपी झारखंड से गिरफ्तार:

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रायगढ़। जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आमाघाट में अवैध अफीम खेती के मामले में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित विशेष टीमों ने झारखंड में दबिश देकर आरोपी एमानुएल भेंगरा को पकड़ लिया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। वहीं उसका साथी सीप्रियन भेंगरा अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, आमाघाट के खर्राघाट भैर नाला किनारे स्थित भूमि पर आरोपी मार्शल संगा द्वारा अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और 60,326 अफीम पौधे बरामद किए, जिनका वजन 2,877 किलोग्राम था। पूछताछ में मुख्य आरोपी मार्शल संगा ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों एमानुएल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा के सहयोग से यह अवैध खेती की थी। इसके अलावा आरोपी के ठिकाने से 3.02 किलोग्राम तैयार अफीम बरामद हुई।

जिसकी कीमत लगभग 15 लाख 10 हजार रुपये आंकी गई। जब्त माल की कुल कीमत करीब 2 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक है। इस मामले में थाना तमनार में अपराध क्रमांक 59/2026 धारा 8(बी), 18 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी मार्शल संगा पहले ही गिरफ्तार होकर जेल भेजा जा चुका है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी के निर्देशन में तमनार और साइबर थाना की संयुक्त टीमों को ओडिशा और झारखंड रवाना किया गया। पुलिस टीम ने लगातार पीछा कर आरोपियों के गृहग्राम तक पहुंचा, लेकिन आरोपियों को पुलिस की भनक लग गई और वे पहाड़ी क्षेत्र में छिप गए। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से रायगढ़ पुलिस ने सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। जंगल में छिपे हुए आरोपी एमानुएल भेंगरा को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपी के पास से उसका मोबाइल फोन भी जप्त किया गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में इस कार्रवाई में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, सहायक उप निरीक्षक नंदु, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, आरक्षक धनंजय कश्यप, जगमोहन ओग्रे, नव आरक्षक आशीष एक्का सहित तमनार थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इस प्रकार हुई है- एमानुएल भेंगरा, पिता स्व. पोलुस भेंगरा, उम्र 21 वर्ष, सा. जापुद पहाड़ टोली, थाना तोरपा, जिला खूंटी, झारखंड। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस सफलता के बाद स्पष्ट संदेश दिया कि “ऑपरेशन आघात के तहत मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस लगातार सख्त अभियान चलाते हुए आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि रायगढ़ पुलिस अंतरराज्यीय अपराध और मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में सतर्क और तत्पर है। अफीम की खेती और तस्करी पर नकेल कसने के लिए अंतरराज्यीय दबिश और संयुक्त अभियान का मॉडल स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी साबित हो रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी और जप्त माल से स्पष्ट है कि अपराधियों का नेटवर्क काफी संगठित था। ऑपरेशन आघात के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी और अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी लगातार जारी रहेगी। यह कार्रवाई आमाघाट और तमनार थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एक गंभीर संदेश देती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी रख रही है और भविष्य में भी मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


रायगढ़। जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आमाघाट में अवैध अफीम खेती के मामले में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित विशेष टीमों ने झारखंड में दबिश देकर आरोपी एमानुएल भेंगरा को पकड़ लिया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। वहीं उसका साथी सीप्रियन भेंगरा अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, आमाघाट के खर्राघाट भैर नाला किनारे स्थित भूमि पर आरोपी मार्शल संगा द्वारा अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और 60,326 अफीम पौधे बरामद किए, जिनका वजन 2,877 किलोग्राम था। पूछताछ में मुख्य आरोपी मार्शल संगा ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों एमानुएल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा के सहयोग से यह अवैध खेती की थी। इसके अलावा आरोपी के ठिकाने से 3.02 किलोग्राम तैयार अफीम बरामद हुई।

जिसकी कीमत लगभग 15 लाख 10 हजार रुपये आंकी गई। जब्त माल की कुल कीमत करीब 2 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक है। इस मामले में थाना तमनार में अपराध क्रमांक 59/2026 धारा 8(बी), 18 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी मार्शल संगा पहले ही गिरफ्तार होकर जेल भेजा जा चुका है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी के निर्देशन में तमनार और साइबर थाना की संयुक्त टीमों को ओडिशा और झारखंड रवाना किया गया। पुलिस टीम ने लगातार पीछा कर आरोपियों के गृहग्राम तक पहुंचा, लेकिन आरोपियों को पुलिस की भनक लग गई और वे पहाड़ी क्षेत्र में छिप गए। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से रायगढ़ पुलिस ने सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। जंगल में छिपे हुए आरोपी एमानुएल भेंगरा को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपी के पास से उसका मोबाइल फोन भी जप्त किया गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में इस कार्रवाई में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, सहायक उप निरीक्षक नंदु, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, आरक्षक धनंजय कश्यप, जगमोहन ओग्रे, नव आरक्षक आशीष एक्का सहित तमनार थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इस प्रकार हुई है- एमानुएल भेंगरा, पिता स्व. पोलुस भेंगरा, उम्र 21 वर्ष, सा. जापुद पहाड़ टोली, थाना तोरपा, जिला खूंटी, झारखंड। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस सफलता के बाद स्पष्ट संदेश दिया कि “ऑपरेशन आघात के तहत मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस लगातार सख्त अभियान चलाते हुए आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि रायगढ़ पुलिस अंतरराज्यीय अपराध और मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में सतर्क और तत्पर है। अफीम की खेती और तस्करी पर नकेल कसने के लिए अंतरराज्यीय दबिश और संयुक्त अभियान का मॉडल स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी साबित हो रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी और जप्त माल से स्पष्ट है कि अपराधियों का नेटवर्क काफी संगठित था। ऑपरेशन आघात के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी और अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी लगातार जारी रहेगी। यह कार्रवाई आमाघाट और तमनार थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एक गंभीर संदेश देती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी रख रही है और भविष्य में भी मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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