रायपुर। सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने आपदा और अप्रत्याशित घटनाओं में जीवन गंवाने वाले परिवारों के लिए आर्थिक सहायता राशि मंजूर की है। यह सहायता राशि कोविड-19, सर्पदंश और पानी में डूबने जैसी घटनाओं में हुए मौतों के आश्रितों को दी जाएगी, ताकि उनकी वित्तीय स्थिति में थोड़ी राहत मिल सके। सारंगढ़ बिलाईगढ़ कलेक्टरेट ने बताया कि कोविड-19 के कारण ललित राम, निवासी ग्राम सिरोली, तहसील सारंगढ़ की मृत्यु हुई। उनके आश्रितों के लिए कलेक्टर ने 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। मृतक की पत्नी घसनीन बाई को यह राशि उनके बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से सीधे प्रदान की जाएगी।
सर्पदंश की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में तहसील भटगांव के ग्राम बेलाडुला निवासी शान्तिबाई यादव की मृत्यु हो गई थी। उनके पति प्रेमलाल यादव को राहत राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार, ग्राम गिरसा निवासी मृतक दरश के पिता परदेशी निषाद को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। पानी में डूबने की घटनाओं में हुई मौतों के मामले में कलेक्टर ने सरिया तहसील के ग्राम जलगढ़ के मृतक रामलाल चौहान की पत्नी सिया चौहान, सारंगढ़ तहसील के नवापारा वार्ड 14 के मृतक दरसूराम जांगड़े की पत्नी मंगली और ग्राम गोड़ीहारी निवासी बंशी पटेल की माता ननकीनोनी को राहत राशि देने की मंजूरी दी। इसके अलावा, ग्राम अमझर के मृतक दिव्यांशु जायसवाल के पिता प्रकाश जायसवाल को भी आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि यह राहत राशि राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 (4) के तहत प्रदान की जा रही है। कुल मिलाकर, 4 लाख रूपए की यह सहायता राशि विभिन्न मृतकों के आश्रितों को साझा रूप से दी जाएगी। उन्होंने आश्रितों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी सही तरीके से उपलब्ध कराएं ताकि सहायता राशि का भुगतान शीघ्र ही ऑनलाइन माध्यम से डायरेक्ट उनके खाते में किया जा सके। आर्थिक सहायता प्रदान करने का यह कदम प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोविड-19 जैसी महामारी, सर्पदंश जैसी आकस्मिक घटनाएं और पानी में डूबने जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं न केवल परिवार के लिए शोक लेकर आती हैं, बल्कि वित्तीय कठिनाइयों को भी जन्म देती हैं। इस तरह की राहत राशि से प्रभावित परिवारों को कुछ हद तक वित्तीय सहारा मिलेगा और वे जीवन के सामान्य कार्यों को जारी रख पाएंगे।
सारंगढ़ और बिलाईगढ़ क्षेत्र के नागरिकों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। स्थानीय लोग मानते हैं कि इस प्रकार की सहायता से प्रशासन की संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन में तत्परता स्पष्ट होती है। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि सरकार हमेशा प्रभावित और जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ी रहती है और उनकी सहायता के लिए तत्पर रहती है। कलेक्टरेट ने यह भी स्पष्ट किया कि सहायता राशि ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से डायरेक्ट बैंक खाते में जाएगी, जिससे धनराशि की पारदर्शिता और शीघ्रता सुनिश्चित हो। इस प्रकार, प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की लंबी प्रक्रिया या कागजी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में कलेक्टर द्वारा स्वीकृत यह राहत राशि 4 लाख रूपए है, जो कोविड-19, सर्पदंश और पानी में डूबने जैसी घटनाओं में मृतक परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा साबित होगी। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी आपदा या आकस्मिक घटना में प्रभावित परिवारों को समय पर और पर्याप्त सहायता प्रदान की जाएगी। इस प्रकार, प्रशासन की यह पहल न केवल मृतक परिवारों के लिए राहत का काम करेगी, बल्कि स्थानीय जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करेगी।
रायपुर। सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने आपदा और अप्रत्याशित घटनाओं में जीवन गंवाने वाले परिवारों के लिए आर्थिक सहायता राशि मंजूर की है। यह सहायता राशि कोविड-19, सर्पदंश और पानी में डूबने जैसी घटनाओं में हुए मौतों के आश्रितों को दी जाएगी, ताकि उनकी वित्तीय स्थिति में थोड़ी राहत मिल सके। सारंगढ़ बिलाईगढ़ कलेक्टरेट ने बताया कि कोविड-19 के कारण ललित राम, निवासी ग्राम सिरोली, तहसील सारंगढ़ की मृत्यु हुई। उनके आश्रितों के लिए कलेक्टर ने 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। मृतक की पत्नी घसनीन बाई को यह राशि उनके बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से सीधे प्रदान की जाएगी।
सर्पदंश की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में तहसील भटगांव के ग्राम बेलाडुला निवासी शान्तिबाई यादव की मृत्यु हो गई थी। उनके पति प्रेमलाल यादव को राहत राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार, ग्राम गिरसा निवासी मृतक दरश के पिता परदेशी निषाद को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। पानी में डूबने की घटनाओं में हुई मौतों के मामले में कलेक्टर ने सरिया तहसील के ग्राम जलगढ़ के मृतक रामलाल चौहान की पत्नी सिया चौहान, सारंगढ़ तहसील के नवापारा वार्ड 14 के मृतक दरसूराम जांगड़े की पत्नी मंगली और ग्राम गोड़ीहारी निवासी बंशी पटेल की माता ननकीनोनी को राहत राशि देने की मंजूरी दी। इसके अलावा, ग्राम अमझर के मृतक दिव्यांशु जायसवाल के पिता प्रकाश जायसवाल को भी आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि यह राहत राशि राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 (4) के तहत प्रदान की जा रही है। कुल मिलाकर, 4 लाख रूपए की यह सहायता राशि विभिन्न मृतकों के आश्रितों को साझा रूप से दी जाएगी। उन्होंने आश्रितों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी सही तरीके से उपलब्ध कराएं ताकि सहायता राशि का भुगतान शीघ्र ही ऑनलाइन माध्यम से डायरेक्ट उनके खाते में किया जा सके। आर्थिक सहायता प्रदान करने का यह कदम प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोविड-19 जैसी महामारी, सर्पदंश जैसी आकस्मिक घटनाएं और पानी में डूबने जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं न केवल परिवार के लिए शोक लेकर आती हैं, बल्कि वित्तीय कठिनाइयों को भी जन्म देती हैं। इस तरह की राहत राशि से प्रभावित परिवारों को कुछ हद तक वित्तीय सहारा मिलेगा और वे जीवन के सामान्य कार्यों को जारी रख पाएंगे।
सारंगढ़ और बिलाईगढ़ क्षेत्र के नागरिकों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। स्थानीय लोग मानते हैं कि इस प्रकार की सहायता से प्रशासन की संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन में तत्परता स्पष्ट होती है। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि सरकार हमेशा प्रभावित और जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ी रहती है और उनकी सहायता के लिए तत्पर रहती है। कलेक्टरेट ने यह भी स्पष्ट किया कि सहायता राशि ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से डायरेक्ट बैंक खाते में जाएगी, जिससे धनराशि की पारदर्शिता और शीघ्रता सुनिश्चित हो। इस प्रकार, प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की लंबी प्रक्रिया या कागजी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में कलेक्टर द्वारा स्वीकृत यह राहत राशि 4 लाख रूपए है, जो कोविड-19, सर्पदंश और पानी में डूबने जैसी घटनाओं में मृतक परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा साबित होगी। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी आपदा या आकस्मिक घटना में प्रभावित परिवारों को समय पर और पर्याप्त सहायता प्रदान की जाएगी। इस प्रकार, प्रशासन की यह पहल न केवल मृतक परिवारों के लिए राहत का काम करेगी, बल्कि स्थानीय जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करेगी।



Journalist खबरीलाल














