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Big News (खबरीलाल न्यूज़) :: रायपुर में पानी के लिए त्राहि त्राहि, जोन 9 अंतर्गत रहवासी हो रहे हैं परेशान, प्रिवेट सोसाइटी के बिल्डर मौन :

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रायपुर /20-4-2026 :: गर्मी का मौसम शुरू हुआ कि नहीं कि रायपुर शहर के बोर, नल कूप आदि सुख जाते हैं जिसके लिए राजधानी रायपुर के कई इलाकों के लोगों को भीषण तकलीफों का सामना करना पड़ता है। जिन जिन क्षेत्रों में बिल्डरों ने प्राइवेट कॉलोनियां बनाई है उनमें से कुछ बिल्डरों के कॉलोनियों का बोर सुख गया है , नगर निगम के पाइप लाइन से पानी न के बराबर आता है जिसके कारण रहवासियों को रोजाना पानी की किल्लतों से जूझना पड़ता है। 

नगर निगम रायपुर ने जल बोर्ड का गठन किया है लेकिन क्या जल बोर्ड के गठन का उद्देश्य सफल हो पा रहा है ! यदि सफल नहीं हो पा रहा है तो इस बोर्ड के बनाने का औचित्य ही क्या है ? ये सवाल बहुत ही बड़ा है।

जिन जिन प्राइवेट बिल्डरों के कॉलोनियों या प्राइवेट रेजिडेंशियल एरिया में पानी की भारी किल्लत है वहां बिल्डर को बड़े मन का परिचय देते हुए पानी उपलब्ध करवाना चाहिए। प्रोडक्ट बेचते समय एक से बढ़कर एक वादे, एमिनिटीज की बातें की जाती है लेकिन कितने वादे पूरे होते हैं ?

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों, छग-रेरा के अधिकारियों को स्वतः ही लिखित या मौखिक शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए निरीक्षण करने आना चाहिए और बिल्डरों द्वारा वादा ख़िलाफियों पर सख्त कार्यवाही करना चाहिए, तभी हालत कुछ हद तक सुधर सकता है।


रायपुर /20-4-2026 :: गर्मी का मौसम शुरू हुआ कि नहीं कि रायपुर शहर के बोर, नल कूप आदि सुख जाते हैं जिसके लिए राजधानी रायपुर के कई इलाकों के लोगों को भीषण तकलीफों का सामना करना पड़ता है। जिन जिन क्षेत्रों में बिल्डरों ने प्राइवेट कॉलोनियां बनाई है उनमें से कुछ बिल्डरों के कॉलोनियों का बोर सुख गया है , नगर निगम के पाइप लाइन से पानी न के बराबर आता है जिसके कारण रहवासियों को रोजाना पानी की किल्लतों से जूझना पड़ता है। 

नगर निगम रायपुर ने जल बोर्ड का गठन किया है लेकिन क्या जल बोर्ड के गठन का उद्देश्य सफल हो पा रहा है ! यदि सफल नहीं हो पा रहा है तो इस बोर्ड के बनाने का औचित्य ही क्या है ? ये सवाल बहुत ही बड़ा है।

जिन जिन प्राइवेट बिल्डरों के कॉलोनियों या प्राइवेट रेजिडेंशियल एरिया में पानी की भारी किल्लत है वहां बिल्डर को बड़े मन का परिचय देते हुए पानी उपलब्ध करवाना चाहिए। प्रोडक्ट बेचते समय एक से बढ़कर एक वादे, एमिनिटीज की बातें की जाती है लेकिन कितने वादे पूरे होते हैं ?

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों, छग-रेरा के अधिकारियों को स्वतः ही लिखित या मौखिक शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए निरीक्षण करने आना चाहिए और बिल्डरों द्वारा वादा ख़िलाफियों पर सख्त कार्यवाही करना चाहिए, तभी हालत कुछ हद तक सुधर सकता है।


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