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News (खबरीलाल न्यूज़) : गंगा सप्तमी के शुभ दिन गंगाजल के उपाय दिलाएंगे कई परेशानियों से छुटकारा, धन-दौलत के बनेंगे योग!:

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मां गंगा को समर्पित गंगा सप्तमी का पावन पर्व हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

गंगा सप्तमी का शुभ मुहर्त

पंचांग के अनुसार, इस साल गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) पर पुण्य काल सुबह 11 बजकर 28 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। कहा जाता है कि गंगा सप्तमी पर पुण्य काल के दौरान स्नान-दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

गंगा सप्तमी पर गंगाजल से किए जाने वाले खास उपाय


  • आर्थिक तंगी से छुटकारा

ज्योतिष के अनुसार, आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए गंगा सप्तमी के दिन एक पीतल के कलश में स्वच्छ गंगाजल भरें। इसमें एक चांदी या तांबे का सिक्का और एक पीली कौड़ी डाल दें। इस कलश को अपने घर की उत्तर दिशा (कुबेर की दिशा) में स्थापित करें। मान्यता है कि इस गंगाजल से जुड़े इस उपाय को करने से धन की आवक बढ़ती है।


  • मानसिक शांति के लिए

गंगा सप्तमी के दिन अपने पूजा घर में एक बर्तन में गंगाजल भरकर रखें। साथ ही रोजाना मां गंगा का स्मरण करते हुए इस जल का दर्शन करें। अगर आपको रात में घबराहट या बुरे सपने आते हैं, तो सोते समय अपने सिरहाने गंगाजल रखने से लाभ होगा। गंगाजल का यह उपाय मानसिक शांति के लिए अच्छा माना गया है।


  • नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए

नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए गंगा सप्तमी के दिन पूरे घर के कोने-कोने में गंगाजल का छिड़काव करें। कहा जाता है कि, ऐसा करने से घर की शुद्धि होती है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इसके अलावा विचारों में स्पष्टता आती है और घर के सदस्यों के बीच कलह समाप्त होती है।


  • अच्छी सेहत के लिए















































अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस दिन संकल्प लेकर नियमित रूप से गंगाजल का आचमन करें। अगर परिवार में कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार है, तो उसके बेडरूम में नियमित रूप से गंगाजल का छिड़काव करें। ऐसा करने से उसकी सेहत में सकारात्मक सुधार होगा।


मां गंगा को समर्पित गंगा सप्तमी का पावन पर्व हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

गंगा सप्तमी का शुभ मुहर्त

पंचांग के अनुसार, इस साल गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) पर पुण्य काल सुबह 11 बजकर 28 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। कहा जाता है कि गंगा सप्तमी पर पुण्य काल के दौरान स्नान-दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

गंगा सप्तमी पर गंगाजल से किए जाने वाले खास उपाय


  • आर्थिक तंगी से छुटकारा

ज्योतिष के अनुसार, आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए गंगा सप्तमी के दिन एक पीतल के कलश में स्वच्छ गंगाजल भरें। इसमें एक चांदी या तांबे का सिक्का और एक पीली कौड़ी डाल दें। इस कलश को अपने घर की उत्तर दिशा (कुबेर की दिशा) में स्थापित करें। मान्यता है कि इस गंगाजल से जुड़े इस उपाय को करने से धन की आवक बढ़ती है।


  • मानसिक शांति के लिए

गंगा सप्तमी के दिन अपने पूजा घर में एक बर्तन में गंगाजल भरकर रखें। साथ ही रोजाना मां गंगा का स्मरण करते हुए इस जल का दर्शन करें। अगर आपको रात में घबराहट या बुरे सपने आते हैं, तो सोते समय अपने सिरहाने गंगाजल रखने से लाभ होगा। गंगाजल का यह उपाय मानसिक शांति के लिए अच्छा माना गया है।


  • नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए

नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए गंगा सप्तमी के दिन पूरे घर के कोने-कोने में गंगाजल का छिड़काव करें। कहा जाता है कि, ऐसा करने से घर की शुद्धि होती है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इसके अलावा विचारों में स्पष्टता आती है और घर के सदस्यों के बीच कलह समाप्त होती है।


  • अच्छी सेहत के लिए















































अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस दिन संकल्प लेकर नियमित रूप से गंगाजल का आचमन करें। अगर परिवार में कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार है, तो उसके बेडरूम में नियमित रूप से गंगाजल का छिड़काव करें। ऐसा करने से उसकी सेहत में सकारात्मक सुधार होगा।


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