मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव के बीच केंद्र सरकार देश में गैस की सप्लाई बढ़ाने को लेकर एक्शन मोड में आ गई है. बायोगैस और सीएनजी (CNG) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लाइसेंस प्रक्रिया में बड़ी तेजी दिखाई है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने बताया कि 41 बायोगैस सिलेंडर भरने और स्टोरेज प्लांट्स को मंजूरी दे दी गई है. इनमें से 14 प्लांट्स को तो लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है.
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) को सीएनजी (CNG) और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) स्टेशनों के लिए कुल 467 आवेदन मिले थे. सरकार ने 25 मार्च से 21 अप्रैल के बीच प्राथमिकता के आधार पर इन सभी का निपटारा किया है. इनमें से 157 को फाइनल लाइसेंस मिल गया है, जबकि 38 मामलों में नए सीएनजी/सीबीजी स्टेशनों के निर्माण के लिए पूर्व मंजूरी (Prior Approval) दी गई है.
सरकार का पूरा जोर कंप्रेस्ड नेचुरल गैस और बायोगैस से जुड़े पेट्रोल पंप और डिस्पेंसिंग स्टेशन (Dispensing Station) खोलने पर है. इससे न केवल ज्यादा जगहों पर गैस उपलब्ध होगी, बल्कि बढ़ती कीमतों और सप्लाई की दिक्कतों पर भी अंकुश लगेगा. खासकर रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए सरकार बायोगैस उत्पादन और सप्लाई चेन को और मजबूत करने में जुटी है.
अगर आप भी इस सेक्टर में कदम रखना चाहते हैं, तो अभी आपके पास बेहतरीन मौका है. बायोमास एग्रीगेशन मशीनरी (BAM) पोर्टल नए आवेदनों के लिए खुला है.30 अप्रैल 2026 तक आप इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं.
सीबीजी (CBG) उत्पादक सरकार की आर्थिक सहायता (Financial Assistance) पाने के लिए गोवर्धन (GOBARdhan) यूनिफाइड रजिस्ट्रेशन पोर्टल (https://gobardhan.eil.co.in) और BAM पोर्टल(https://bam.eil.co.in) पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं.
सरकार बायोगैस प्रोड्यूसर्स को मशीनरी और अन्य सुविधाओं के लिए आर्थिक मदद दे रही है. अगर आप डेडलाइन से पहले आवेदन करते हैं, तो आप भी इस सरकारी स्कीम का लाभ उठा सकते हैं .
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव के बीच केंद्र सरकार देश में गैस की सप्लाई बढ़ाने को लेकर एक्शन मोड में आ गई है. बायोगैस और सीएनजी (CNG) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लाइसेंस प्रक्रिया में बड़ी तेजी दिखाई है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने बताया कि 41 बायोगैस सिलेंडर भरने और स्टोरेज प्लांट्स को मंजूरी दे दी गई है. इनमें से 14 प्लांट्स को तो लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है.
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) को सीएनजी (CNG) और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) स्टेशनों के लिए कुल 467 आवेदन मिले थे. सरकार ने 25 मार्च से 21 अप्रैल के बीच प्राथमिकता के आधार पर इन सभी का निपटारा किया है. इनमें से 157 को फाइनल लाइसेंस मिल गया है, जबकि 38 मामलों में नए सीएनजी/सीबीजी स्टेशनों के निर्माण के लिए पूर्व मंजूरी (Prior Approval) दी गई है.
सरकार का पूरा जोर कंप्रेस्ड नेचुरल गैस और बायोगैस से जुड़े पेट्रोल पंप और डिस्पेंसिंग स्टेशन (Dispensing Station) खोलने पर है. इससे न केवल ज्यादा जगहों पर गैस उपलब्ध होगी, बल्कि बढ़ती कीमतों और सप्लाई की दिक्कतों पर भी अंकुश लगेगा. खासकर रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए सरकार बायोगैस उत्पादन और सप्लाई चेन को और मजबूत करने में जुटी है.
अगर आप भी इस सेक्टर में कदम रखना चाहते हैं, तो अभी आपके पास बेहतरीन मौका है. बायोमास एग्रीगेशन मशीनरी (BAM) पोर्टल नए आवेदनों के लिए खुला है.30 अप्रैल 2026 तक आप इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं.
सीबीजी (CBG) उत्पादक सरकार की आर्थिक सहायता (Financial Assistance) पाने के लिए गोवर्धन (GOBARdhan) यूनिफाइड रजिस्ट्रेशन पोर्टल (https://gobardhan.eil.co.in) और BAM पोर्टल(https://bam.eil.co.in) पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं.
सरकार बायोगैस प्रोड्यूसर्स को मशीनरी और अन्य सुविधाओं के लिए आर्थिक मदद दे रही है. अगर आप डेडलाइन से पहले आवेदन करते हैं, तो आप भी इस सरकारी स्कीम का लाभ उठा सकते हैं .



Journalist खबरीलाल














