राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. रामचंद्र गोडबोले को चिकित्सा के क्षेत्र में पद्म श्री प्रदान किया। डॉ. गोडबोले एक जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने आदिवासी समुदायों के उत्थान और स्वास्थ्य सेवा के लिए 40 से अधिक वर्षों तक समर्पित होकर कार्य किया है। उन्होंने 12 वर्षों तक महाराष्ट्र में और पिछले 30 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सेवा की है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएँ सभी लोगों तक पहुँचें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने श्रीमती सुनीता गोडबोले को चिकित्सा के क्षेत्र में पद्म श्री प्रदान किया। श्रीमती गोडबोले एक जानी-मानी समाज सेविका हैं, जिन्होंने आदिवासी समुदायों के उत्थान और स्वास्थ्य सेवा के लिए 40 से अधिक वर्षों तक समर्पित होकर कार्य किया है और उनके स्वास्थ्य तथा विकास के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने बस्तर में रहकर आदिवासी समुदायों की सेवा का कार्य किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. रामचंद्र गोडबोले को चिकित्सा के क्षेत्र में पद्म श्री प्रदान किया। डॉ. गोडबोले एक जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने आदिवासी समुदायों के उत्थान और स्वास्थ्य सेवा के लिए 40 से अधिक वर्षों तक समर्पित होकर कार्य किया है। उन्होंने 12 वर्षों तक महाराष्ट्र में और पिछले 30 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सेवा की है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएँ सभी लोगों तक पहुँचें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने श्रीमती सुनीता गोडबोले को चिकित्सा के क्षेत्र में पद्म श्री प्रदान किया। श्रीमती गोडबोले एक जानी-मानी समाज सेविका हैं, जिन्होंने आदिवासी समुदायों के उत्थान और स्वास्थ्य सेवा के लिए 40 से अधिक वर्षों तक समर्पित होकर कार्य किया है और उनके स्वास्थ्य तथा विकास के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने बस्तर में रहकर आदिवासी समुदायों की सेवा का कार्य किया।



Journalist खबरीलाल













