राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू , भैयाथान जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़।
सूरजपुर/भैयाथान। जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत सत्यनगर के ग्रामीण अपनी वर्षों पुरानी मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अब एकजुट होकर आवाज बुलंद करने जा रहे हैं। जनपद सदस्य प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में 5 जून 2026 को चंद्रमेढ़ा में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे। यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार के " *सुशासन तिहार – अपनी मांग, सरकार के द्वार"* अभियान के तहत आयोजित किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सत्यनगर और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई है, जिसके कारण आज भी लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सिरसी घाट में पुलिया निर्माण और टोनही अम्मा नवाडीह से मुख्य मार्ग सिरसी तक पक्की सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित है। इन दोनों कार्यों के पूर्ण होने से हजारों ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
बरसात के दिनों में सिरसी घाट क्षेत्र में पुलिया के अभाव के कारण ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। कई बार स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं टोनही अम्मा नवाडीह से सिरसी तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को धूल, कीचड़ और खराब मार्ग की समस्या झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इन दोनों मांगों को पूरा किया जाता है तो क्षेत्र के कई गांवों की तस्वीर बदल सकती है।
जनपद सदस्य प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह ने कहा कि सत्यनगर क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अब समय आ गया है कि ग्रामीण अपनी जायज मांगों को संगठित रूप से शासन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सड़क, पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं किसी भी नागरिक का अधिकार हैं तथा इन मांगों को पूरा कराना जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने क्षेत्र के सभी युवाओं, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि 5 जून को अधिक से अधिक संख्या में चंद्रमेढ़ा पहुंचकर ग्राम विकास की इस लड़ाई को मजबूती प्रदान करें। यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का प्रयास जारी रहेगा। चंद्रमेढ़ा में होने वाला यह आयोजन सत्यनगर क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू , भैयाथान जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़।
सूरजपुर/भैयाथान। जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत सत्यनगर के ग्रामीण अपनी वर्षों पुरानी मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अब एकजुट होकर आवाज बुलंद करने जा रहे हैं। जनपद सदस्य प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में 5 जून 2026 को चंद्रमेढ़ा में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे। यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार के " *सुशासन तिहार – अपनी मांग, सरकार के द्वार"* अभियान के तहत आयोजित किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सत्यनगर और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई है, जिसके कारण आज भी लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सिरसी घाट में पुलिया निर्माण और टोनही अम्मा नवाडीह से मुख्य मार्ग सिरसी तक पक्की सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित है। इन दोनों कार्यों के पूर्ण होने से हजारों ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
बरसात के दिनों में सिरसी घाट क्षेत्र में पुलिया के अभाव के कारण ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। कई बार स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं टोनही अम्मा नवाडीह से सिरसी तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को धूल, कीचड़ और खराब मार्ग की समस्या झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इन दोनों मांगों को पूरा किया जाता है तो क्षेत्र के कई गांवों की तस्वीर बदल सकती है।
जनपद सदस्य प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह ने कहा कि सत्यनगर क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अब समय आ गया है कि ग्रामीण अपनी जायज मांगों को संगठित रूप से शासन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सड़क, पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं किसी भी नागरिक का अधिकार हैं तथा इन मांगों को पूरा कराना जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने क्षेत्र के सभी युवाओं, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि 5 जून को अधिक से अधिक संख्या में चंद्रमेढ़ा पहुंचकर ग्राम विकास की इस लड़ाई को मजबूती प्रदान करें। यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का प्रयास जारी रहेगा। चंद्रमेढ़ा में होने वाला यह आयोजन सत्यनगर क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



Journalist खबरीलाल














