संवाददाता/सौरभ साहू , सूरजपुर छत्तीसगढ़।
सूरजपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले के भटगांव नगर पंचायत स्थित पुष्प वाटिका में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आम एवं अमरूद के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से प्रकृति के संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन का आधार नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के संरक्षक भी हैं। उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण की चुनौतियों के बीच प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। उन्होंने कहा कि हरित और स्वच्छ वातावरण ही समृद्ध समाज की पहचान है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जनसहभागिता के बिना यह अभियान पूर्ण नहीं हो सकता। यदि प्रत्येक नागरिक प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और सुरक्षित धरती सौंपना संभव होगा।।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश दिया।।
संवाददाता/सौरभ साहू , सूरजपुर छत्तीसगढ़।
सूरजपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले के भटगांव नगर पंचायत स्थित पुष्प वाटिका में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आम एवं अमरूद के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से प्रकृति के संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन का आधार नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के संरक्षक भी हैं। उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण की चुनौतियों के बीच प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। उन्होंने कहा कि हरित और स्वच्छ वातावरण ही समृद्ध समाज की पहचान है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जनसहभागिता के बिना यह अभियान पूर्ण नहीं हो सकता। यदि प्रत्येक नागरिक प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और सुरक्षित धरती सौंपना संभव होगा।।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश दिया।।



Journalist खबरीलाल














