पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल का संदेश— पर्यटन सिर्फ घूमने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, जिम्मेदारी और जनभागीदारी का उत्सव है।
रिपोर्टर सौरभ साहू , रायपुर, छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था और जनजातीय संस्कृति के लिए देशभर में अलग पहचान रखता है। इन्हीं विरासतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने "3S संकल्प" को जन-जागरूकता अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। यह संकल्प सेफ्टी (Safety), स्वच्छता (Swachhta) और संस्कार (Sanskar) पर आधारित है, जिसका उद्देश्य पर्यटन स्थलों को सुरक्षित, स्वच्छ और संस्कारित बनाना है। छत्तीसगढ़ पर्यटन संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल का मानना है कि प्रदेश की असली पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य नहीं, बल्कि वहां आने वाले प्रत्येक पर्यटक का अनुभव भी है। यदि पर्यटक सुरक्षित महसूस करें, पर्यटन स्थल स्वच्छ हों और स्थानीय लोग अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से उनका स्वागत करें, तो छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है।प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों—चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर, डोंगरगढ़, भोरमदेव, बारनवापारा और अन्य प्राकृतिक स्थलों पर हर वर्ष हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण है। 3S संकल्प के तहत पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे चेतावनी बोर्डों का पालन करें, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें, सेल्फी के लिए जोखिम न लें तथा प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करें। सुरक्षित पर्यटन ही सफल पर्यटन की पहचान है।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया पर्यटन स्थलों पर प्लास्टिक, कचरा और गंदगी प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान पहुंचाती है। 3S संकल्प का दूसरा स्तंभ स्वच्छता है। इसका उद्देश्य प्रत्येक पर्यटक को यह संदेश देना है कि जिस स्थान की सुंदरता देखने आए हैं, उसकी स्वच्छता बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा है कि यदि प्रत्येक पर्यटक केवल अपना कचरा उचित स्थान पर डाले और प्लास्टिक के उपयोग से बचे, तो पर्यटन स्थलों की सुंदरता लंबे समय तक सुरक्षित रह सकती है।छत्तीसगढ़ की संस्कृति अतिथि देवो भवः की परंपरा से जुड़ी रही है। यहां की लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था, लोक कला और जनजातीय परंपराएं पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखती हैं। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा सकंल्प S.3.जिसका उद्देश्य पर्यटकों के प्रति सम्मान, स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। यह अभियान लोगों को अपनी विरासत पर गर्व करने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने का संदेश देता है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प, लोक कला, होटल व्यवसाय और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देना है। पर्यटन बढ़ेगा तो रोजगार बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी नई गति मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि वे 3S संकल्प को केवल सरकारी अभियान न मानें, बल्कि जनआंदोलन बनाएं। यदि प्रत्येक नागरिक सुरक्षा, स्वच्छता और संस्कार को अपने जीवन का हिस्सा बनाए, तो छत्तीसगढ़ देश के सबसे आकर्षक और जिम्मेदार पर्यटन राज्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा"छत्तीसगढ़ का मानसून और हमारा 3S संकल्प" केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और जिम्मेदार पर्यटन की नई सोच है। सेफ्टी, स्वच्छता और संस्कार के इस संदेश के साथ छत्तीसगढ़ न केवल पर्यटकों का स्वागत करेगा, बल्कि उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और यादगार अनुभव भी प्रदान करेगा।
पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल का संदेश— पर्यटन सिर्फ घूमने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, जिम्मेदारी और जनभागीदारी का उत्सव है।
रिपोर्टर सौरभ साहू , रायपुर, छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था और जनजातीय संस्कृति के लिए देशभर में अलग पहचान रखता है। इन्हीं विरासतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने "3S संकल्प" को जन-जागरूकता अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। यह संकल्प सेफ्टी (Safety), स्वच्छता (Swachhta) और संस्कार (Sanskar) पर आधारित है, जिसका उद्देश्य पर्यटन स्थलों को सुरक्षित, स्वच्छ और संस्कारित बनाना है। छत्तीसगढ़ पर्यटन संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल का मानना है कि प्रदेश की असली पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य नहीं, बल्कि वहां आने वाले प्रत्येक पर्यटक का अनुभव भी है। यदि पर्यटक सुरक्षित महसूस करें, पर्यटन स्थल स्वच्छ हों और स्थानीय लोग अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से उनका स्वागत करें, तो छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है।प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों—चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर, डोंगरगढ़, भोरमदेव, बारनवापारा और अन्य प्राकृतिक स्थलों पर हर वर्ष हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण है। 3S संकल्प के तहत पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे चेतावनी बोर्डों का पालन करें, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें, सेल्फी के लिए जोखिम न लें तथा प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करें। सुरक्षित पर्यटन ही सफल पर्यटन की पहचान है।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया पर्यटन स्थलों पर प्लास्टिक, कचरा और गंदगी प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान पहुंचाती है। 3S संकल्प का दूसरा स्तंभ स्वच्छता है। इसका उद्देश्य प्रत्येक पर्यटक को यह संदेश देना है कि जिस स्थान की सुंदरता देखने आए हैं, उसकी स्वच्छता बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा है कि यदि प्रत्येक पर्यटक केवल अपना कचरा उचित स्थान पर डाले और प्लास्टिक के उपयोग से बचे, तो पर्यटन स्थलों की सुंदरता लंबे समय तक सुरक्षित रह सकती है।छत्तीसगढ़ की संस्कृति अतिथि देवो भवः की परंपरा से जुड़ी रही है। यहां की लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था, लोक कला और जनजातीय परंपराएं पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखती हैं। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा सकंल्प S.3.जिसका उद्देश्य पर्यटकों के प्रति सम्मान, स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। यह अभियान लोगों को अपनी विरासत पर गर्व करने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने का संदेश देता है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प, लोक कला, होटल व्यवसाय और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देना है। पर्यटन बढ़ेगा तो रोजगार बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी नई गति मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि वे 3S संकल्प को केवल सरकारी अभियान न मानें, बल्कि जनआंदोलन बनाएं। यदि प्रत्येक नागरिक सुरक्षा, स्वच्छता और संस्कार को अपने जीवन का हिस्सा बनाए, तो छत्तीसगढ़ देश के सबसे आकर्षक और जिम्मेदार पर्यटन राज्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा"छत्तीसगढ़ का मानसून और हमारा 3S संकल्प" केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और जिम्मेदार पर्यटन की नई सोच है। सेफ्टी, स्वच्छता और संस्कार के इस संदेश के साथ छत्तीसगढ़ न केवल पर्यटकों का स्वागत करेगा, बल्कि उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और यादगार अनुभव भी प्रदान करेगा।


Journalist खबरीलाल















